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माफिया मुख्तार अंसारी: यूपी आते ही बढ़ीं मुश्किलें, 21 साल पुराने मामले में कोर्ट ने किया तलब
Wed, 07 Apr 2021 04:47 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 07 Apr 2021 04:47 PM IST
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मुख्तार अंसारी
- फोटो : अमर उजाला
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पंजाब की रोपड़ जेल से बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के लेने गई यूपी पुलिस की टीम आखिरकार 900 किमी का सफर तय करके बुधवार तड़के 4.30 बजे बांदा जेल पहुंच गई। मुख्तार अंसारी पर यूपी पहुंचते ही शिकंजा कसना शुरू हो गया है।
एमपी-एमएलए विशेष अदालत ने 21 साल पुराने एक मामले में मुख्तार अंसारी को तलब किया है। मामले में 12 अप्रैल की तारीख तय करते हुए मुख्तार अंसारी समेत सभी आरोपियों को तलब किया है। एमपी-एमएलए विशेष अदालत ने पहले भी तलब होने का आदेश दिया था, लेकिन मुख्तार अंसारी पेश नहीं हुआ था।
आपको बता दें कि 21 साल पहले मुख्तार अंसारी व उसके गुर्गे आलम, यूसुफ चिश्ती, लालजी यादव और कल्लू पंडित पर लखनऊ जेल के कारापाल और उप कारापाल से गाली-गलौज व जानमाल की धमकी देने, पथराव कर हमला करने का आरोप है।
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एमपी/एमएलए के विशेष न्यायाधीश पवन कुमार राय ने मामले में आरोप तय करने के लिए तैयार हैं। गौरतलब है कि चिश्ती और आलम पहले से ही जेल में हैं, जबकि पंडित और यादव जमानत पर बाहर हैं। इस मामले में कोर्ट ने कई बार मुख्तार को पेश करने का आदेश दिया था लेकिन उसे पेश नहीं किया जा रहा था जिसके चलते आरोपियो पर आरोप नहीं तय हो पा रहे थे।
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एमपी-एमएलए विशेष अदालत ने 21 साल पुराने एक मामले में मुख्तार अंसारी को तलब किया है। मामले में 12 अप्रैल की तारीख तय करते हुए मुख्तार अंसारी समेत सभी आरोपियों को तलब किया है। एमपी-एमएलए विशेष अदालत ने पहले भी तलब होने का आदेश दिया था, लेकिन मुख्तार अंसारी पेश नहीं हुआ था।
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आपको बता दें कि 21 साल पहले मुख्तार अंसारी व उसके गुर्गे आलम, यूसुफ चिश्ती, लालजी यादव और कल्लू पंडित पर लखनऊ जेल के कारापाल और उप कारापाल से गाली-गलौज व जानमाल की धमकी देने, पथराव कर हमला करने का आरोप है।
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एमपी/एमएलए के विशेष न्यायाधीश पवन कुमार राय ने मामले में आरोप तय करने के लिए तैयार हैं। गौरतलब है कि चिश्ती और आलम पहले से ही जेल में हैं, जबकि पंडित और यादव जमानत पर बाहर हैं। इस मामले में कोर्ट ने कई बार मुख्तार को पेश करने का आदेश दिया था लेकिन उसे पेश नहीं किया जा रहा था जिसके चलते आरोपियो पर आरोप नहीं तय हो पा रहे थे।
आपको बता दें कि तीन अप्रैल, 2000 को तीन अप्रैल 2000 को लखनऊ के कारापाल ने थाना आलमबाग में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि कुछ बंदियों को अदालत में सुनवाई के बाद वापस जेल लाया गया था। मुख्तार अंसारी के गुर्गों ने एक बंदी के साथ मारपीट की थी।
बंदी को बचाने की कोशिश की तो उन्होंने जेल अधिकारियों से मारपीट की थी। जिसके बाद लखनऊ जेल के कारापाल और उप कारापाल से गाली-गलौज व जानमाल की धमकी देने, पथराव कर हमला करने के मामले में केस दर्ज कराया था। अब मुख्तार अंसारी को कोर्ट में पेश किया जाएगा। 12 अप्रैल को आरोप तय किए जा सकते हैं।
बंदी को बचाने की कोशिश की तो उन्होंने जेल अधिकारियों से मारपीट की थी। जिसके बाद लखनऊ जेल के कारापाल और उप कारापाल से गाली-गलौज व जानमाल की धमकी देने, पथराव कर हमला करने के मामले में केस दर्ज कराया था। अब मुख्तार अंसारी को कोर्ट में पेश किया जाएगा। 12 अप्रैल को आरोप तय किए जा सकते हैं।