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लखीमपुर खीरी: नामजद रिपोर्ट दर्ज होने के 45 घंटे बाद भी गिरफ्तारी नहीं, सभी पर दर्ज है हत्या समेत कई गंभीर धाराओं में रिपोर्ट

Wed, 06 Oct 2021 01:29 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखीमपुर खीरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखीमपुर खीरी Published by: Vikas Kumar Updated Wed, 06 Oct 2021 01:29 AM IST
सार

पुलिस चाहे तो इस मामले में गिरफ्तारी कर सकती है। मगर मामला केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के बेटे से जुड़ा है इसलिए पुलिस फूंक-फूंक कर कदम उठा रही है। यह बात समझ में भी आती है क्योंकि इस मामले के दूरगामी परिणाम देखने को मिलेंगे।

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lakhimpur kheri incident no one arrested by police even after 45 hours of filing of nominated fir report
Lakhimpur Kheri Violence - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

तिकुनिया बवाल के मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद करीब 45 घंटे बीतने के बावजूद अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। इस मामले में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्रा उर्फ मोनू और उसके 20 अज्ञात साथियों के खिलाफ हत्या और गैर इरादतन हत्या समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

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तिकुनिया में किसानों की मौत के मामले में रविवार रात दो बजकर 53 मिनट पर मृतक किसान दलजिंदर सिंह के भाई दलजीत सिंह की ओर से आशीष मिश्रा उर्फ मोनू और उसके 20 अज्ञात साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। आरोप है कि भीड़ की शक्ल में आए हमलावरों ने लापरवाही से कार चढ़ाकर किसानों की हत्या कर दी। साथ ही हमला करके कई लोगों को गंभीर चोट भी पहुंचाई गई। इस मामले में हत्या और गैर इरादतन हत्या समेत कई गंभीर धाराओं में थाना तिकुनिया में मुकदमा दर्ज किया गया है। इनमें से कुछ धाराएं ऐसी हैं, जिनमें गिरफ्तारी का प्रावधान है और आजीवन कारावास या फांसी तक की सजा है। मगर रिपोर्ट दर्ज होने के 45 घंटे यानी मंगलवार रात 12 बजे तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गई है।
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मुकदमे की धाराएं और सजा
147 : बलवा, दो साल तक की कैद
148 : हथियारों के साथ बलवा, तीन साल तक की कैद
149 : समूह द्वारा बलवा-हिंसा में भागीदारी
179 : सार्वजनिक मार्ग पर लापरवाही से वाहन चलाना, एक सात तक की कैद
338 : गंभीर चोट पहुंचाना, दो साल तक की कैद
304ए : गैर इरादतन हत्या, दो साल तक की कैद
302 : हत्या, मृत्युदंड या आजीवन कारावास
120बी : साजिश में शामिल होना, अपराध करने वाले के बराबर सजा

पुलिस चाहे तो इस मामले में गिरफ्तारी कर सकती है। मगर मामला केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के बेटे से जुड़ा है इसलिए पुलिस फूंक-फूंक कर कदम उठा रही है। यह बात समझ में भी आती है क्योंकि इस मामले के दूरगामी परिणाम देखने को मिलेंगे। - शिरीष मेहरोत्रा, अध्यक्ष, स्टेट बार काउंसिल
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यह राजनीति से जुड़ा मामला है और इसमें न्यायिक जांच के भी आदेश हो चुके हैं। दूसरे पक्ष की ओर से भी रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। ऐसे मामलों में पुलिस पर्याप्त सबूत जुटाने के बाद ही कार्रवाई करेगी ताकि उस पर कोई सवाल न उठाया जा सके। - सीके मिश्रा, सेवानिवृत्त पुलिस उपाधीक्षक

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