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Karkardooma Court: संदेह के आधार पर नौ आरोपी बरी, दिल्ली दंगों से जुड़ा है मामला

Wed, 01 Feb 2023 06:31 AM IST
Jeet Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: Jeet Kumar Updated Wed, 01 Feb 2023 06:31 AM IST
सार

अदालत ने आरोपी मो. शाहनवाज उर्फ शानू, शाहरुख, मो. शोएब उर्फ छुटवा, आजाद, मो. फैसल, राशिद उर्फ राजा, अशरफ अली, परवेज व राशिद उर्फ मोनू को संदेह का लाभ दिया है। 

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Karkardooma Court acquits nine accused in a riot case on suspicion
karkardooma court - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कड़कड़डूमा कोर्ट ने दंगों के एक मामले में पुलिस हेड कांस्टेबल की गवाही पर संदेह जताते हुए दंगा, आगजनी और अन्य अपराधों के नौ आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि गवाह कांस्टेबल ने 15 दिन बाद आरोपियों की भूमिका का खुलासा किया और यह स्पष्ट करने में भी असफल रहा कि आखिर वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी देने में देरी क्यों की। आरोपियों पर दंगों के दौरान एक दुकान और घर में आग लगाने का आरोप है। 

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अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुलस्त्य प्रमाचला ने अपने फैसले में कहा कि हेड कांस्टेबल विपिन की एकमात्र गवाही भीड़ में आरोपी व्यक्तियों की उपस्थिति का अनुमान लगाने के लिए पर्याप्त नहीं हो सकती।  पुलिस ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने चमन विहार में शिकायतकर्ता की संपत्ति को आग लगा दी थी। अदालत ने आरोपी मो. शाहनवाज उर्फ शानू, शाहरुख, मो. शोएब उर्फ छुटवा, आजाद, मो. फैसल, राशिद उर्फ राजा, अशरफ अली, परवेज व राशिद उर्फ मोनू को संदेह का लाभ दिया है। 
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अदालत ने कहा साक्ष्यों से स्पष्ट है कि गवाह विपिन हर दिन जांच अधिकारियों के साथ पुलिस स्टेशन में ब्रीफिंग में शामिल होता था, लेकिन उन्होंने औपचारिक रूप से इसे कहीं भी रिकॉर्ड नहीं किया। अदालत ने कहा अपनी जिरह में विपिन ने स्वीकार किया कि पुलिस स्टेशन में हर रोज एक ब्रीफिंग होती थी जिसमें उनके साथ-साथ आईओ भी शामिल होते थे। फिर भी 7 अप्रैल 2020 तक आरोपी व्यक्तियों की संलिप्तता के बारे में जानकारी औपचारिक रूप से कहीं भी दर्ज नहीं की गई।
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शाहरुख को पिस्तौल बेचने का आरोपी वसीम आरोपमुक्त
अदालत ने दिल्ली दंगों के आरोपी शाहरुख पठान को पिस्तौल बेचने के आरोपी बाबू वसीम को संदेह का लाभ देते हुए आरोपमुक्त कर दिया। शाहरुख ने दंगों के दौरान एक पुलिसकर्मी पर हथियार तानने के बाद फरार हो गया था। अदालत ने कहा कि आरोपी बाबू वसीम के खिलाफ ठोस साक्ष्य नहीं है और आरोपी शाहरुख पठान का इकबालियां बयान कानून के तहत स्वीकार्य नहीं है। 


पुलिस के अनुसार पठान ने  हेड कांस्टेबल दीपक दहिया को मारने के इरादे से पिस्तौल तान दी थी। इस घटना की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पठान फरार हो गया और उसे 3 मार्च, 2020 को उत्तर प्रदेश के शामली जिले के एक बस स्टैंड से गिरफ्तार कर लिया गया। अभियोजन पक्ष ने कहा था कि पठान ने माना था कि उसने बाबू वसीम से दिसंबर 2019 में पिस्तौल खरीदे थे।

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