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दिल्ली पुलिस का दावा हमदर्दी पाने के लिए देवांगना सोशल मीडिया पर चला रही अभियान
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नई दिल्ली। पिंजरा तोड़ समूह की सदस्य देवांगना कलीता हमदर्दी पाने और जमानत के लिए सोशल मीडिया पर अभियान चला रही है। यह दिल्ली पुलिस ने उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगा मामले में गिरफ्तार देवांगना की कलीता की याचिका पर हलफनामा दाखिल कर किया। जेएनयू की छात्रा देवांगना ने याचिका दायर कर पुलिस पर केस में एकत्र साक्ष्यों संबंधी सूचनाएं चुन-चुन कर मीडिया में जारी करने का आरोप लगाया था।
न्यायमूर्ति विभू बाखरू की एकल पीठ की समक्ष पुलिस यह हलफनामा दाखिल किया। पुलिस ने आरोप लगाया कि देवांगना खुद दंगे में शामिल एक खास समुदाय के खिलाफ राज्य प्रायोजित दमन के बारे में सोशल मीडिया पर मिथ्या धारणा बनाने की दोषी हैं। एक समुदाय के खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध, राज्य प्रायोजित दमन के बारे में वह गलत धारणा बना रही हैं।
पुलिस ने इस मामले में कलीता के खिलाफ 2 जून को जारी प्रेस नोट के संबंध में स्थितियों का भी विवरण देते हुए कहा कि जिस वजह से उन्हें गिरफ्तार किया गया, उसके मद्देनजर पुलिस सही परिप्रेक्ष्य में चीजों को सामने रखना चाहती थी। पीठ ने कलीता की याचिका पर दिल्ली से रिपोर्ट मांगी थी। पीठ ने एक अंतरिम आदेश जारी करके मामले से जुड़ी सूचनाएं किसी तीसरे पक्ष को देने पर भी रोक लगा दी थी।
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न्यायमूर्ति विभू बाखरू की एकल पीठ की समक्ष पुलिस यह हलफनामा दाखिल किया। पुलिस ने आरोप लगाया कि देवांगना खुद दंगे में शामिल एक खास समुदाय के खिलाफ राज्य प्रायोजित दमन के बारे में सोशल मीडिया पर मिथ्या धारणा बनाने की दोषी हैं। एक समुदाय के खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध, राज्य प्रायोजित दमन के बारे में वह गलत धारणा बना रही हैं।
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पुलिस ने इस मामले में कलीता के खिलाफ 2 जून को जारी प्रेस नोट के संबंध में स्थितियों का भी विवरण देते हुए कहा कि जिस वजह से उन्हें गिरफ्तार किया गया, उसके मद्देनजर पुलिस सही परिप्रेक्ष्य में चीजों को सामने रखना चाहती थी। पीठ ने कलीता की याचिका पर दिल्ली से रिपोर्ट मांगी थी। पीठ ने एक अंतरिम आदेश जारी करके मामले से जुड़ी सूचनाएं किसी तीसरे पक्ष को देने पर भी रोक लगा दी थी।
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