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Delhi : वीजा दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी में पांच गिरफ्तार, गैंग को चला रहे हैं अफ्रीकी नागरिक
Wed, 15 Mar 2023 03:50 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 15 Mar 2023 03:50 AM IST
सार
पुलिस ने इस संबंध में पांच आरोपियों को बरेली और दिल्ली से गिरफ्तार किया है। गैंग को कुछ अफ्रीकी नागरिक ऑपरेट कर रहे थे, जो फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं।
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गिरफ्त में आरोपी...
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दुबई समेत कई देशों का वीजा दिलवाने के नाम पर ठगी करने वाले एक गिरोह का मध्य जिले के साइबर थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस संबंध में पांच आरोपियों को बरेली और दिल्ली से गिरफ्तार किया है। गैंग को कुछ अफ्रीकी नागरिक ऑपरेट कर रहे थे, जो फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं।
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शुरुआती जांच के बाद पुलिस को चार बैंक खातों की डिटेल से पता चला है कि इन लोगों ने चंद दिनों में 200 से अधिक लोगों से सवा करोड़ से अधिक की ठगी की है। पुलिस पकड़े गए आरोपियों को रिमांड पर लेकर मुख्य आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
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पकड़े गए आरोपियों की पहचान बरेली निवासी दीपक कुमार प्रजापति (23), आशिक बेग (37), साजिद (28), आसिब खान (38) और दिल्ली निवासी सोनू कुमार (26) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से आठ मोबाइल, चार डेबिट कार्ड, तीन पासबुक, तीन चेकबुक, एक आधार कार्ड और आठ आधार कार्ड का पता बदलने के लिए भरे गए फार्म बरामद किए हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामले की जांच कर रही है।
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मध्य जिला पुलिस उपायुक्त संजय कुमार सेन ने बताया कि अक्तूबर 2022 में मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर विनय सिंह ने ठगी की एक शिकायत नेशनल साइबर क्राइम रिकॉर्डिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर थी।
पीड़ित ने बताया कि उनको दुबई के लिए वीजा चाहिए था। इसके लिए उन्होंने गूगल की मदद से एक नामी कंपनी का नंबर लिया। वहां से मिले नंबर पर बातचीत होने पर आरोपियों ने खुद को नामी कंपनी का प्रतिनिधि बताकर पीड़ित से 1750 यूएस डॉलर (लगभग 1.39 लाख) बैंक खाते में जमा करवाने के लिए कहा। पीड़ित ने दिए गए खाते में 50 हजार रुपये जमा करवा दिए। इसके बाद उनको एक ईमेल मिला। लेकिन बाद में आरोपियों ने अपने मोबाइल बंद कर लिये। इसके अलावा जिस मेल आईडी से ईमेल आया था, वह भी बाउंस बैक हो गया। ठगी का अहसास होने पर मामले की शिकायत पुलिस से की गई। पुलिस ने छानबीन के बाद मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की।
अफ्रीकी मूल के नागरिक चला रहे हैं गैंग
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि इन लोगों का काम अकाउंट खुलवाकर आरोपियों के हवाले करना है। ठगी की रकम को वह खुद अपने पास रखते हैं, बदले में उनको अच्छी रकम दे दी जाती है। आशिक बेग ऐसे लोगों को ढूंढता है, जिनके कागजात लेकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाए जाते हैं। ज्यादातर बैंक खातों को दिल्ली के पतों पर खुलवाया जाता है। साजिद आधार कार्ड पर पता बदलवाने का इंतजाम करता था। सोनू कुमार आधार पर बिना किसी वेरिफिकेशन के एड्रेस बदल देता था। इसके अलावा आसिब खान पहले से खुले हुए खातों को अफ्रीकी नागरिकों को उपलब्ध करवाता था। मध्य जिला पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
खाता दीपक के नाम, ऑपरेट करता था आशिक
सबसे पहले उस खाते का पता किया गया, जिसमें रकम ट्रांसफर हुई। उसके आधार पर पुलिस की टीम बरेली पहुंची। बैंक खाता दीपक कुमार प्रजापति नामक व्यक्ति के नाम पर था। उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान दीपक ने बताया कि उसने आशिक नामक युवक के कहने पर खाता खुलवाया। खाता वह नहीं आशिक ऑपरेट करता है, उसे बदले में रुपये मिल जाते हैं। पुलिस की टीम ने आशिक बेग को बरेली से दबोच लिया। इसके बाद एक-एक कर पुलिस ने साजिद आसिब खान और दिल्ली से सोनू को दबोच लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने ठगी की बात स्वीकार कर ली।