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Delhi : वित्त मंत्रालय के नाम पर सैकड़ों लोगों से करोड़ों ठगे, सरगना सहित चार गिरफ्तार
Wed, 14 Dec 2022 04:01 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 14 Dec 2022 04:01 AM IST
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गिरफ्त में आरोपी...
- फोटो : अमर उजाला
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देशभर के लोगों को बंद पड़ी इंश्योरेंस पॉलिसी को मैच्योर कराने के नाम ठगने वाले गिरोह के चार जालसाजों को दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (आईएफएसओ) यूनिट ने गिरफ्तार किया है।
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आरोपियों की पहचान गिरोह सरगना मेहताब आलम (33), सरताज खान (31), मोहम्मद जुनैद (29) और दीन मोहम्मद (27) के रूप में हुई है। आरोपी पीड़ितों का विश्वास जीतने के लिए वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण समेत आरबीआई, आईआरडीए, बीमा लोकपाल के बड़े अधिकारियों के नाम से हस्ताक्षर किए हुए लेटर पीड़ितों को भेजते थे। इसके बाद मैच्योर पॉलिसी की रकम दिलाने की बात कर पैसे ऐंठ लेते थे। पुलिस को आरोपियों के पास से सात मोबाइल, लैपटॉप, तीन हजार बीमाधारकों की सूची, आरोपियों के बैंक खाते व पीड़ितों के बीच हुई चैट मिली है।
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करीब डेढ़ साल के दौरान आरोपियों ने सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये ठगे हैं। आईएफएसओ यूनिट के पुलिस उपायुक्त प्रशांत गौतम ने बताया कि पिछले दिनों वित्त मंत्रालय की ओर से दिल्ली पुलिस आयुक्त को शिकायत दी गई थी। इसमें बताया गया था कि कुछ लोग मंत्रालय का नाम इस्तेमाल कर ठगी कर रहे हैं। यहां तक वित्त मंत्री के नाम व हस्ताक्षर का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इसी तरह आईबीआई जैसी दूसरी संस्थाओं के नाम पर भी फर्जीवाड़ा किया जा रहा था।
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कुछ और शिकायतें पुलिस आयुक्त को मिली थीं। वाराणसी के एक कारोबारी से भी बंद पड़ी इंश्योरेंस पॉलिसी को मैच्योर कराने के नाम पर 1.27 लाख रुपये ठगे गए थे। पीड़ित को पहले कॉल कर बंद पॉलिसी की जानकारी दी गई। इसके बाद ईमेल आईडी पर आरबीआई की सरकारी वेबसाइट से मिलती-जुलती साइट से एक ईमेल भेजा गया। पीड़ित से कहा गया कि उसकी पॉलिसी पर 12.46 लाख रुपये की अनुमति मिली है। यदि रुपये लेने हैं तो प्रोसेसिंग फीस के नाम पर 44 हजार रुपये देने होंगे। इस पर पीड़ित ने तुरंत रुपये दे दिए।
इसके बाद उससे एनओसी के नाम पर 27 हजार लिए गए। बाद में पीड़ित को एक फर्जी चेक भेज दिया गया, लेकिन आरोपियों ने पीड़ित से कहा कि चेक तब कैश होगा जब वह फाइनल फंड रिलीज के नाम पर 52 हजार रुपये और देगा। पीड़ित ने ये रुपये भी दे दिए। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित की शिकायत पर आईएफएसओ यूनिट ने मामला दज कर लिया। एसआई सुनील, सुशील कुमार व अन्यों की टीम ने टेक्निकल सर्विलांस और बैंक डिटेल की आधार पर आरोपियों की लोकेशन का पता किया। पुलिस ने अलग-अलग जगह छापे मारकर सरगना मेहताब आलम समेत चार आरोपियों को उत्तर-पूर्वी दिल्ली के मुस्तफाबाद और सोनिया विहार से दबोच लिया। आरोपियों में सरताज और जुनैद सगे भाई हैं।
ऐसे ठगते थे आरोपी
मेहताब ने बताया कि वह चांदपुर, बिजनौर, यूपी का रहने वाला है। यूपी से ग्रेजुएशन करने के बाद वह दिल्ली आ गया। यहां उसने इंश्योरेंस सेक्टर में नौकरी की। यहीं से उसे ठगी का पता चला। उसने बाकी तीनों को ठगी के लिए तैयार किया। मेहताब ने सरकारी वेबसाइट से मिलती जुलती वेबसाइट बनाई। बाकी लोगों ने भी इंश्योरेंस कंपनियों में नौकरी की हुई है। तीनों ने बीमाधारकों का डाटा इकट्ठा किया। बाद में उन लोगों को कॉल की जिनकी पॉलिसी किसी न किसी वजह से बंद थी। सभी को मोटा लालच देकर फर्जी कागजात के जरिये विश्वास जीता गया। इसके बाद पैसे देने के बदले रुपये ऐंठ लिए।