{"_id":"5ec2d4408ebc3e9c9a5fc5f0","slug":"daughter-will-get-mortal-remains-of-father-after-court-order-ashram-news-noi5117207140","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोर्ट के आदेश पर बेटी को िमलेंगे मृतक िपता के अवशेष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोर्ट के आदेश पर बेटी को िमलेंगे मृतक िपता के अवशेष
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नई दिल्ली। उत्तर पूर्वी दिल्ली में फरवरी में हुई हिंसा में मौत का शिकार एक पिता के जले हुए अवशेषों को तीन महीने बाद बेटी को सौंपने का आदेश अदालत ने दिया है। अपने पिता के अंतिम संस्कार के लिए बेटी ने अवशेष देने की गुहार अदालत से लगाई थी। उसके पिता के शव को जांच के लिए पुलिस के कब्जे में रखा गया था।
कड़कड़डूमा जिला अदालत की महानगर दंडाधिकारी ऋचा परिहार ने मृतक अनवर की बेटी गुलशन की याचिका पर करावल नगर थाने के एसएचओ को निर्देश दिया कि अवशेष सम्मान के साथ याची को लौटाए जाएं। पुलिस उसे सभी प्रकार का सहयोग और सहायता दे ताकि पिता के अंतिम संस्कार में अनावश्यक देर और असुविधा न हो।
याचिका में गुलशन ने कहा था कि 25 फरवरी को हुई हिंसा में उसके पिता को घर के सामने ही गोली मारकर आग में झोंक दिया गया था। उसके पिता के जले हुए शव को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया था। मामले की जांच के कारण उसके पिता के अवशेषों को भी नहीं लौटाया गया।
विज्ञापन
याची ने कहा कि तीन महीने बीत चुके हैं और वह अपने पिता का अंतिम संस्कार करना चाहती है। इसलिए उसके पिता के अवशेषों को लौटाने का निर्देश दिया जाए। उल्लेखनीय है कि हिंसा में 53 लोगों की मौत हुई थी और 250 से अधिक लोग घायल हुए थे।
विज्ञापन
कड़कड़डूमा जिला अदालत की महानगर दंडाधिकारी ऋचा परिहार ने मृतक अनवर की बेटी गुलशन की याचिका पर करावल नगर थाने के एसएचओ को निर्देश दिया कि अवशेष सम्मान के साथ याची को लौटाए जाएं। पुलिस उसे सभी प्रकार का सहयोग और सहायता दे ताकि पिता के अंतिम संस्कार में अनावश्यक देर और असुविधा न हो।
विज्ञापन
याचिका में गुलशन ने कहा था कि 25 फरवरी को हुई हिंसा में उसके पिता को घर के सामने ही गोली मारकर आग में झोंक दिया गया था। उसके पिता के जले हुए शव को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया था। मामले की जांच के कारण उसके पिता के अवशेषों को भी नहीं लौटाया गया।
विज्ञापन
याची ने कहा कि तीन महीने बीत चुके हैं और वह अपने पिता का अंतिम संस्कार करना चाहती है। इसलिए उसके पिता के अवशेषों को लौटाने का निर्देश दिया जाए। उल्लेखनीय है कि हिंसा में 53 लोगों की मौत हुई थी और 250 से अधिक लोग घायल हुए थे।