फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi building collapse Satya Niketan in South-West Delhi eyewitness says Save us, save us children screaming

दिल्ली में गिरी इमारत: 'बचाओ, हमें बचाओ, चिल्ला रहे थे बच्चे...; सत्य निकेतन हादसे के चश्मदीद की आंखों देखी

Sun, 06 Sep 2026 03:36 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: Sharukh Khan Updated Sun, 06 Sep 2026 03:36 PM IST
सार

दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में  रविवार को एक इमारत ढह गई। मलबे के नीचे कई छात्रों के फंसे होने की आशंका है और बचाव अभियान जारी है। उन्होंने बताया कि दमकल की आठ गाड़ियां और विभिन्न विभागों की कई बचाव टीमें मौके पर भेजी गईं। पुलिस की टीमें भी मौके पर पहुंचीं और इलाके की घेराबंदी कर दी, जबकि आपातकालीन कर्मियों ने खोज और बचाव अभियान शुरू किया।

विज्ञापन
Delhi building collapse Satya Niketan in South-West Delhi eyewitness says Save us, save us children screaming
Delhi building collapse - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

देश की राजधानी में एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ है। दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक चार मंजिला इमारत अचानक गिर गई। इस दर्दनाक घटना में 50 से 60 छात्रों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है।
विज्ञापन


नानकपुरा गुरुद्वारे के पास इमारत गिरने की सूचना दोपहर करीब 1:34 बजे साउथ कैंपस पुलिस स्टेशन को पीसीआर कॉल से मिली। स्थानीय पुलिस, फायर ब्रिगेड, कैट एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन टीमें मौके पर पहुंचीं। एनडीआरएफ की टीम भी बचाव और राहत कार्य में जुट गई है। बचाव कार्य तेजी से जारी है, लेकिन फंसे लोगों की सही संख्या अभी पता नहीं है। 
विज्ञापन

दिल्ली पुलिस के अनुसार, अब तक 2 लोगों को मलबे से सुरक्षित निकाला गया है। उन्हें अस्पताल ले जाया गया है, जहां तीन मरीजों की हालत गंभीर बनी हुई है। ये तीनों मरीज ट्रॉमा सेंटर में भर्ती हैं। सत्य निकेतन के पास घटनास्थल पर जेसीबी मशीन पहुंच गई है। स्थानीय बच्चे मानव श्रृंखला बनाकर पुलिस आपदा टीम को मदद कर रहे हैं।

इमारत गिरने की सूचना मिलते ही आपातकालीन सेवाएं सक्रिय हो गईं। स्थानीय पुलिस, फायर ब्रिगेड और कैट एम्बुलेंस की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। एनडीआरएफ की टीम भी बचाव और राहत कार्य के लिए बुलाई गई है। मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चल रहा है। जेसीबी मशीन का उपयोग कर भारी मलबा हटाया जा रहा है।
 
विज्ञापन

दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन के पास गिरी इमारत ढह गई है। इस घटना में 'हॉस्टल डेज़' नामक पांच मंजिला पेइंग गेस्ट आवास भी शामिल है। इसके बगल वाली एक और इमारत भी मलबे में बदल गई। कई छात्र और मजदूर मलबे के नीचे दब गए हैं।

फायर ब्रिगेड और बचाव दल लगभग 15 से 20 मिनट से लोगों को बाहर निकालने में जुटे हैं। कई छात्र गंभीर रूप से घायल हुए हैं। बचावकर्मी उन्हें बहुत मुश्किल से बाहर निकाल रहे हैं। फंसे हुए छात्रों की सही संख्या पंजीकरण अभिलेख की जांच के बाद ही पता चलेगी। मलबे के अंदर से अभी भी बच्चों के चिल्लाने की आवाजें आ रही हैं। वे "हमें बचाओ, हमें बचाओ!" कहकर मदद मांग रहे थे।

इमारत गिरने का कारण
एक चश्मदीद के अनुसार, इमारत का नवीनीकरण कार्य चल रहा था। खासकर भूतल पर किराए के लिए जगह बनाने का काम हो रहा था। वे तहखाना भी बना रहे थे। ऊपरी हिस्से को तो मजबूत किया गया था, लेकिन नीचे के खंभे कमजोर थे। इसी वजह से इमारत ढह गई। मजदूर नीचे काम कर रहे थे और मलबे में दब गए।

 

चश्मदीद का बयान
पास ही दुकान चलाने वाले एक चश्मदीद ने भूकंप जैसी गड़गड़ाहट सुनी और बाहर भागे। उन्होंने देखा कि पूरी इमारत ढह चुकी थी, जहां बहुत धुआं और धूल फैली थी। कुछ शव निकाले गए हैं और चार बच्चों को जीवित बचाया गया। चश्मदीद के अनुसार, मलबे में कम से कम 25 से 30 बच्चे फंसे हो सकते हैं। अब तक चार से पांच लोगों को बचाया गया है और दो से तीन शव मिले हैं। पास में लड़कों और लड़कियों के पेइंग गेस्ट आवास थे।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed