फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Center and Delhi face to face on pollution in Yamuna

यमुना में प्रदूषण पर केंद्र व दिल्ली आमने-सामने

Wed, 10 Nov 2021 01:57 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 10 Nov 2021 01:57 AM IST
विज्ञापन
Center and Delhi face to face on pollution in Yamuna
नई दिल्ली। यमुना में प्रदूषण और सफाई को लेकर जल शक्ति मंत्रालय और दिल्ली सरकार आमने-सामने हैं। मंगलवार को प्रदूषित यमुना की भयावह तस्वीर सामने आने के बाद केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने इसके लिए दिल्ली सरकार को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि दिल्ली सरकार का कहना है कि हरियाणा और उत्तर प्रदेश अशोधित पानी यमुना में गिराए जाने से यह हालात बने हैं।
विज्ञापन

शेखावत ने नदी की दुर्दशा राज्य सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा है कि आस्था के पर्व पर भगवान भास्कर को अर्घ देने के लिए व्रतियों को प्रदूषित नदी में जाना पड़ा है, जोकि उनकी आस्था का अपमान है। उन्होंने कहा, यमुना का प्रदूषण राज्य सरकार के अड़ियल रुख और लापरवाही का नतीजा है। प्रदूषण के कारण यमुना तिल-तिल कर मरने पर विवश है।
विज्ञापन

उन्होंने कहा यमुना के खराब हालात का ठीकरा पड़ोसी राज्यों पर फोड़ना करोड़ों लोगों की आस्था पर सीधा हमला है। असल प्रश्न यह है कि सरकार ने दिल्ली की गंदगी को नदी में सीधे गिरने से रोकने के लिए क्या कोई प्रयास किए हैं। क्योंकि केवल दो फीसदी यमुना यानी करीब 22 किलोमीटर नदी ही दिल्ली से होकर गुजरती है, लेकिन यमुना में अस्सी फीसदी प्रदूषण का सबब यह गंदगी ही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

हर दिन राजधानी के 18 बड़े नाले 35 करोड़ लीटर से अधिक गंदा पानी और असंशोधित सीवेज सीधे नदी में डाला जा रहा है। वही भी तब जब केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को नमामि गंगे परियोजना के तहत यमुना की सफाई को सुनिश्चित करने के लिए विशेष वित्तीय सहायता देने की पेशकश कर रखी है। इसके तहत 1385 एमएलडी सीवेज के शोधन की कुल 13 परियोजनाएं, जिनकी लागत करीब 2419 करोड़ रुपये है। राज्य सरकार की स्वीकृति और एक्शन की बाट जोह रही हैं।
यूपी और हरियाणा से यमुना में डाला जा रहा अशोधित पानी: चड्ढा
यमुना नदी में झाग पर दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष और आम आदमी पार्टी विधायक राघव चड्ढा ने यूपी और हरियाणा सरकार पर आरोप लगाया है। चड्ढा के मुताबिक, यमुना में झाग ओखला बैराज क्षेत्र में है, जो यूपी सिंचाई विभाग के अधीन है। यह यूपी सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन सरकार हर साल की तरह इस साल भी फेल हुई है।
उन्होंने कहा, प्रदूषित पानी दिल्ली का नहीं, यूपी, हरियाणा सरकार का दिल्ली को दिया उपहार है। चड्ढा ने बताया कि उत्तर प्रदेश और हरियाणा से जो धारा यमुना में छोड़ी जाती है, उसमें केमिकल और डिटर्जेंट होता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा से लगभग 105 एमजीडी और यूपी से लगभग 50 एमजीडी अपशिष्ट जल ओखला बैराज में मिलता है।

इस पानी में औद्योगिक कचरा, डिटर्जेंट और अमोनिया है, जिससे झाग बनता है। उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार ने हरियाणा और उत्तरप्रदेश की सरकार से कई बार अपील की है कि पानी को शोधित करके ही साफ पानी यमुना में बहाया जाए, लेकिन इसका अब तक कोई नतीजा नहीं निकला है। साल दर साल हमने यूपी सरकार को सिंचाई प्रौद्योगिकी, जैव कृषि पद्धति का उपयोग करने के लिए लिखा है, लेकिन भाजपा सरकारों ने कोई ध्यान नहीं दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed