{"_id":"60c0f860df66561e2a68aeda","slug":"alleged-isis-member-approach-delhi-court-claiming-that-he-was-beaten-up-by-other-inmates-in-tihar-jail-and-forced-to-chant-jai-shri-ram","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"आपबीती: ISIS के सदस्य ने लगाया तिहाड़ में पीटने का आरोप, कहा- जबरन बुलवाया जय श्रीराम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आपबीती: ISIS के सदस्य ने लगाया तिहाड़ में पीटने का आरोप, कहा- जबरन बुलवाया जय श्रीराम
Wed, 09 Jun 2021 11:04 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 09 Jun 2021 11:04 PM IST
सार
आरोपी राशिद जफर को 2018 में आईएसआईएस से प्रेरित एक समूह का सदस्य होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि आरोपी व उनके साथी राजनेताओं को निशाना बनाने के साथ-साथ दिल्ली और उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में सरकारी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के लिए आत्मघाती हमलों और सीरियल ब्लास्ट की योजना बना रहे थे।
विज्ञापन
फाइल फोटो
विस्तार
देश भर में आत्मघाती हमलों और सिलसिलेवार धमाकों की योजना बनाने के मामले में गिरफ्तार आईएसआईएस के एक कथित सदस्य ने आरोप लगाया है कि तिहाड़ जेल में अन्य कैदियों ने उसकी पिटाई की और जय श्री राम का नारा लगाने के लिए मजबूर किया। आरोपी राशिद जफर ने उक्त आरोप लगाते हुए अदालत में आवेदन दायर किया है। आवेदन पर संभवत: गुरुवार को सुनवाई होगी।
आरोपी राशिद जफर को 2018 में आईएसआईएस से प्रेरित एक समूह का सदस्य होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि आरोपी व उनके साथी राजनेताओं को निशाना बनाने के साथ-साथ दिल्ली और उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में सरकारी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के लिए आत्मघाती हमलों और सीरियल ब्लास्ट की योजना बना रहे थे।
अधिवक्ता एम एस खान ने आवेदन में तर्क रखा कि राशिद ने तिहाड़ जेल से फोन के जरिए अपने पिता को घटना की जानकारी दी है। आवेदन में कहा गया है कि आरोपी से उसके साथ बंद कैदियों ने मारपीट की और जय श्री राम जैसे धार्मिक नारे लगाने के लिए मजबूर किया। अधिवक्ता कौसर खान की ओर से पेश आवेदन में अदालत से आग्रह किया गया है कि इस मामले की जांच के लिए जेल अधीक्षक को उचित निर्देश दिए जाएं।
विज्ञापन
आरोपी को दिसंबर 2018 में नौ अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद एनआईए ने दिल्ली पुलिस की विशेष सेल और उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते के समन्वय से दिल्ली के जफराबाद, सीलमपुर में छह स्थानों पर और उत्तर प्रदेश में 11 स्थानों जिनमें अमरोहा में छह, लखनऊ में दो, हापुड़ में दो और मेरठ में दो स्थानों पर छापे मारे थे। यह छापे 26 जनवरी गणतंत्र दिवस समारोह से पहले मारे गए थे।
विज्ञापन
आरोपी राशिद जफर को 2018 में आईएसआईएस से प्रेरित एक समूह का सदस्य होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि आरोपी व उनके साथी राजनेताओं को निशाना बनाने के साथ-साथ दिल्ली और उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में सरकारी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के लिए आत्मघाती हमलों और सीरियल ब्लास्ट की योजना बना रहे थे।
विज्ञापन
अधिवक्ता एम एस खान ने आवेदन में तर्क रखा कि राशिद ने तिहाड़ जेल से फोन के जरिए अपने पिता को घटना की जानकारी दी है। आवेदन में कहा गया है कि आरोपी से उसके साथ बंद कैदियों ने मारपीट की और जय श्री राम जैसे धार्मिक नारे लगाने के लिए मजबूर किया। अधिवक्ता कौसर खान की ओर से पेश आवेदन में अदालत से आग्रह किया गया है कि इस मामले की जांच के लिए जेल अधीक्षक को उचित निर्देश दिए जाएं।
विज्ञापन
आरोपी को दिसंबर 2018 में नौ अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद एनआईए ने दिल्ली पुलिस की विशेष सेल और उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते के समन्वय से दिल्ली के जफराबाद, सीलमपुर में छह स्थानों पर और उत्तर प्रदेश में 11 स्थानों जिनमें अमरोहा में छह, लखनऊ में दो, हापुड़ में दो और मेरठ में दो स्थानों पर छापे मारे थे। यह छापे 26 जनवरी गणतंत्र दिवस समारोह से पहले मारे गए थे।
एनआईए के अनुसार आरोपियों के कब्जे से स्थानीय रूप से निर्मित रॉकेट लांचर, आत्मघाती वास्कट के लिए सामग्री और टाइमर के रूप में इस्तेमाल होने वाली 112 अलार्म घड़ियों को बरामद किया था। एनआईए के अनुसार इसके अलावा उनके पास से पोटेशियम नाइट्रेट, अमोनियम नाइट्रेट और सल्फर जैसी 25 किलो विस्फोटक सामग्री भी बरामद की।
आरोप है कि इस संगठन ने कथित तौर पर रिमोट कंट्रोल कारों और वायरलेस घंटियों को रिमोट नियंत्रित इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइसेज को कोडांतरण में अपने सर्किट का इस्तेमाल करने के लिए भी खरीदा था। इसके अलावा एनआईए ने तलाशी के दौरान स्टील के कंटेनर, बिजली के तार, 91 मोबाइल फोन, 134 सिम कार्ड, 3 लैपटॉप, चाकू, तलवार, आईएसआईएस से जुड़े साहित्य भी बरामद किए थे।
जांच एजेंसी ने शुरू में हरकत उल हरब ए इस्लाम समूह के 16 व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। बाद में साक्ष्यों के आधार पर हिरासत में लिए गए 16 में से 10 को बाद में गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी पांच अमरोहा यूपी से और पांच अन्य उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सीलमपुर और जफराबाद इलाकों से हुई थी।
आरोप है कि इस संगठन ने कथित तौर पर रिमोट कंट्रोल कारों और वायरलेस घंटियों को रिमोट नियंत्रित इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइसेज को कोडांतरण में अपने सर्किट का इस्तेमाल करने के लिए भी खरीदा था। इसके अलावा एनआईए ने तलाशी के दौरान स्टील के कंटेनर, बिजली के तार, 91 मोबाइल फोन, 134 सिम कार्ड, 3 लैपटॉप, चाकू, तलवार, आईएसआईएस से जुड़े साहित्य भी बरामद किए थे।
जांच एजेंसी ने शुरू में हरकत उल हरब ए इस्लाम समूह के 16 व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। बाद में साक्ष्यों के आधार पर हिरासत में लिए गए 16 में से 10 को बाद में गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी पांच अमरोहा यूपी से और पांच अन्य उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सीलमपुर और जफराबाद इलाकों से हुई थी।