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गाजियाबाद : मोबाइल टावर व ऑनलाइन गेम के नाम पर 500 लोगों से सवा करोड़ ठगे
Fri, 06 Aug 2021 06:05 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 06 Aug 2021 06:05 AM IST
सार
- एक ही सीरीज के नंबरों का ग्रुप बनाकर लोगों को शिकार बनाने वाला गैंग बेनकाब, सरगना समेत दो गिरफ्तार
- मैसेज और लिंक भेजकर फंसाते थे शिकार, आरोपियों के 4 खाते ट्रेस, एक में मिले 95 लाख रुपये
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Cyber Crime
- फोटो : Social Media
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विस्तार
साइबर सेल ने मोबाइल टावर, ऑनलाइन गेम और सट्टे के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए सरगना समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह अब तक करीब पांच सौ लोगों से सवा करोड़ की ठगी कर चुका है। शातिरों के चार खाते ट्रेस हुए हैं। इनमें से एक खाते में 95 लाख रुपये मिले, जिन्हें सीज करा दिया गया है। पुलिस का कहना है कि गिरोह में शामिल चार आरोपी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
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साइबर सेल के नोडल अधिकारी व इंदिरापुरम सीओ अभय कुमार मिश्र ने बताया कि क्रासिंग रिपब्लिक से करावल नगर भजनपुरा दिल्ली निवासी नितिन गुप्ता और विष्णुपुरी सासनी हाथरस निवासी अनुराग चौधरी को गिरफ्तार किया गया है। ग्रेजुएट नितिन गुप्ता गिरोह का सरगना है, जबकि अनुराग बीए प्रथम वर्ष का छात्र है। सीओ ने बताया कि शिकार को फंसाने के लिए आरोपी एक ही सीरीज के मोबाइल नंबरों से कई व्हॉट्सएप ग्रुप बनाकर उसमें टावर लगवाने के मेसेज डालते थे। टावर लगवाने के इच्छुक लोगों को 60 से 80 हजार रुपये प्रतिमाह कमाने का लालच दिया जाता था। ग्रुप के जिस मेंबर का रिप्लाई आ जाता, आरोपी उसे अपना शिकार बना लेते थे। टावर लगवाने के नाम पर दो से ढाई लाख रुपये ठग लिए जाते।
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ऑनलाइन गेम व सट्टे के भी बनाए हुए थे ग्रुप
सीओ ने बताया कि लोगों को ठगने के लिए आरोपी व्हॉट्सएप ग्रुप में ऑनलाइन गेम्स और सट्टे के लिंक भी भेजते थे। इसके अलावा बुकी हब, पंटर ब्रॉडकास्ट, पैनल सर्विस नाम से भी ग्रुप बनाए हुए थे। आरोपियों के मोबाइल में वर्ल्ड 777 बेट और टीमी/एज नाम के लिंक मिले हैं। जिसके जरिये गेम्स और सट्टे के नाम ठगी की जाती थी। आरोपी रकम दोगुना करने का लालच देते थे। सीओ का कहना है कि अब तक की जांच में सामने आया है कि गैंग करीब 500 लोगों से सवा करोड़ की ठगी कर चुका है।
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पांच माह से होटल के कमरे से चल रहा था गैंग
पुलिस का कहना है कि सरगना नितिन गुप्ता को पता था कि किसी न किसी जिले की पुलिस उसे तलाश रही होगी। इसके लिए वह घर-बार छोड़कर पांच महीने से विजयनगर इलाके के एक होटल में रह रहा था। उसका साथी आदित्य भी उसके साथ होटल में रुका था। होटल के कमरे से ही नितिन ठग गैंग चला रहा था। सीओ का कहना है कि अभी गिरोह की कुंडली खंगाली जा रही है। पीड़ितों की संख्या और ठगी की रकम बढ़ सकती है।