देखभाल करने वाला बना हैवान: पहले शराब पी, फिर 55 वर्षीय शख्स की चाकू से गोदकर की हत्या, वजह जान हर कोई हैरान
आरोपी कार्तिक मूलत: गांव बोरा भोंडला एटा यूपी का रहने वाला है। वह दिल्ली के राज नगर में रहता था और तीन साल से एक मंदिर में काम करता था। मृतक के अकेले रहने पर उसकी देखभाल करता था।
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पालम इलाके में देखभाल करने वाले युवक ने गाली देने पर शख्स की चाकू मारकर हत्या कर दी। उसका शव बुधवार को सड़ी गली अवस्था में उसके घर से बरामद हुआ था। पुलिस ने घटना के बाद से फरार युवक को एटा से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान कार्तिक (24) के रूप में हुई है। इसके कब्जे से मृतक के फ्लैट की दो ताले की चाबियां, खून से सने कपड़े, हॉकी स्टिक और हत्या में इस्तेमाल चाकू बरामद हुआ है।
आरोपी कार्तिक मूलत: गांव बोरा भोंडला एटा यूपी का रहने वाला है। वह दिल्ली के राज नगर में रहता था और तीन साल से एक मंदिर में काम करता था। मृतक के अकेले रहने पर उसकी देखभाल करता था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि 30 अक्तूबर को पुलिस को पालम गांव के एक फ्लैट से बदबू आने की जानकारी मिली। पुलिस टीम राजनगर स्थित उस फ्लैट पर पहुंची। दरवाजा का ताला तोड़ने के बाद पुलिस अंदर पहुंची। फ्लैट में दो कमरे थे और एक कमरा बाहर से बंद था।
दमकल कर्मियों ने उस कमरे का ताला तोड़ा। जमीन पर कपड़ों से भरा एक बोरा पड़ा मिला, जिसमें से बदबू आ रही थी। कपड़े हटाने पर उसमें 55 साल के व्यक्ति का शव मिला। मृतक की शिनाख्त फ्लैट के मालिक देवदास के रूप हुई। जांच में पता चला कि मृतक अविवाहित था और एक महिला के साथ रह रहा था। तीन सप्ताह पहले महिला आंध्र प्रदेश गई थी। क्राइम और फोरेंसिक टीम ने जांच करने के बाद यहां से साक्ष्य हासिल किए। उसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया।
थाना प्रभारी सुधीर कुमार गुलिया के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच शुरू की। आस-पास के इलाके से पूछताछ में पता चला कि महिला के जाने के बाद कार्तिक नाम का युवक देवदास की देखभाल करने के लिए आता-जाता था। वह इलाके में पंडित जी के नाम से जाना जाता था। पुलिस को पता चला कि कार्तिक पिछले कुछ दिनों से लापता है। तकनीकी जांच में पता चला कि कार्तिक एटा में मौजूद है। जहां पुलिस ने छापा मारकर आरोपी को पकड़ लिया।
10 दिन पहले कर दी थी हत्या
पूछताछ में कार्तिक ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसने बताया कि उसने 21 अक्तूबर की रात ही देवदास की हत्या कर दी थी। उसने बताया कि वह 21 अक्तूबर की रात 8 बजे वह देवदास के घर पहुंचा। देवदास घर में शराब पी रहा था। देवदास ने उसे भी शराब पिलाई। शराब पीने के बाद देवदास उसे गाली देने लगा। जिससे गुस्से में आकर उसने देवदास की चाकू गोदकर हत्या कर दी। देवदास आमतौर पर सोते समय अपने तकिए के नीचे चाकू रखता था। उसने बताया कि इससे पहले भी वह उसे दो तीन बार थप्पड़ मार चुका था। हत्या करने के बाद उसने शव को कपड़े में बांधकर कमरे को बाहर से बंद कर दिया। वह उस रात वहीं रहा। इसके बाद वह नियमित रूप से पानी की मोटर चालू करने के लिए घर जाता था। उसके बाद वह 27 अक्तूबर को गांव चला गया।