फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Students will be able to stay in vacant DU staff quarters

डीयू के छात्रों के लिए जरूरी खबर: खाली स्टाफ क्वार्टर में रह सकेंगे, जानिए कौन से विद्यार्थी ले सकेंगे लाभ

Sun, 18 Oct 2026 10:55 PM IST
Akash Dubey अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: Akash Dubey Updated Sun, 18 Oct 2026 10:55 PM IST
सार

दिल्ली विश्वविद्यालय बाहर से आए छात्रों को सस्ते आवास देगा। खाली स्टाफ क्वार्टर इस्तेमाल होंगे। छह क्वार्टर 2 नवंबर से उपलब्ध होंगे। आवास की स्थिति जानने को पोर्टल भी बन रहा है।

विज्ञापन
Students will be able to stay in vacant DU staff quarters
दिल्ली विश्वविद्यालय - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में दूसरे राज्यों से पढ़ने आने वाले छात्रों को सस्ते आवास उपलब्ध कराने के लिए खाली पड़े स्टाफ क्वार्टर का इस्तेमाल किया जाएगा। विश्वविद्यालय के पोस्ट ग्रेजुएट पुरुष छात्रावास में छह टाइप-1 क्वार्टर का नवीनीकरण पूरा हो चुका है। इनको दो नवंबर से छात्रों के रहने के लिए उपलब्ध कराने की योजना है। 

विज्ञापन
Trending Videos

आवास की कमी दूर करने के लिए गठित आठ सदस्यीय समिति ने रीड्स लाइन और ढाका परिसर में खाली पड़े क्वार्टर का भी नवीनीकरण कर उन्हें छात्रों के उपयोग में लाने की सिफारिश की है। इनमें टाइप-1 क्वार्टर में एक कमरा, रसोई और बाथरूम की सुविधा है। छात्र साझा व्यवस्था के तहत रह सकेंगे। विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग विभाग को विभिन्न परिसरों में खाली पड़े अन्य क्वार्टर का सर्वे करने की जिम्मेदारी दी गई है। विश्वविद्यालय मौजूदा छात्रावासों की क्षमता बढ़ाने पर भी विचार कर रहा है। जहां संभव होगा, एक कमरे में दो छात्रों को ठहराने की व्यवस्था की जा सकती है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

छात्रों के आवास की स्थिति जानने के लिए पोर्टल हो रहा तैयार : इसके अलावा छात्रों के आवास की स्थिति जानने के लिए ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया जा रहा है। जिससे उनके परिवार के साथ रहने और पीजी में रहने के संबंध में जानकारी मिल सकेगी। साथ ही पीजी में सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा में भी मदद मिलेगी। समिति ने हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों की सरकारों से छात्रावास की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए संपर्क करने का सुझाव भी दिया है। नए छात्रावासों का निर्माण सरकारी मंजूरी और बजट पर निर्भर करेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed