शरीर पर बना है टैटू तो जा सकती है आपकी नौकरी, पढ़ें ये जानकारी
हाईकोर्ट ने भारतीय वायु सेना के उस नियम पर मोहर लगा दी है, जिसके तहत शरीर के बाहरी हिस्से में पक्का गोदना (टैटू) बनाने पर चयन से हाथ धोना पड़ सकता है।
हालांकि अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों को उनकी परंपरा के अनूरूप गोदना बनाने की अनुमति है, लेकिन इसकी जानकारी व फोटो आवेदन करते समय देना अनिवार्य है।
जस्टिस हीमा कोहली व जस्टिस रेखा पल्ली ने एक याचिका पर फैसला सुनाते हुए इस बात पर गौर किया कि याची के कोहनी के बाहरी हिस्से पर बना गोदना वायु सेना के नियमों व छूट के मुताबिक नहीं था।
इसके अलावा याची ने आवदेन के साथ इसकी जानकारी व फोटो वायु सेना को नहीं दिया था जबकि विज्ञापन में इसकी जानकारी मांगी गई थी।
वायु सेना के वकील ने कोर्ट को बताया कि कोहनी से कलाई वाले हिस्से में अंदर की ओर अथवा हथेली की दूसरी ओर ही पक्का गोदना बनाया जा सकता है।
अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों के मामले में उनके रीति रिवाज के मुताबिक गोदना बनाने की अनुमति है। इसे स्वीकार या अस्वीकार करना चयन समिति का अधिकार है।
हाईकोर्ट ने यह फैसला एक उम्मीदवार की याचिका का निपटारा करते हुए सुनाया है। कोहनी के बाहरी हिस्से पर पक्का गोदना होने के कारण याची का चयन रद्द कर दिया गया था। उसने नियुक्ति के लिए बुलाने पर ही शरीर पर गोदना होने की जानकारी दी थी।
याची ने वायु सैनिक की नौकरी के लिए 29 सितंबर 2016 को आवेदन किया था। वायु सेना की लिखित व शारीरिक परीक्षा में उत्तीर्ण होने के बाद उसे फरवरी 2017 में मेडिकल के लिए बुलाया गया था। उसमें भी वह फिट पाया गया था।
वायु सेना ने उसे कॉल लेटर जारी कर 24 दिसंबर 2017 को रिपोर्ट करने के लिए कहा था। ड्यूटी पर रिपोर्ट करने के अगले दिन ही उसकी नियुक्ति रद्द कर दी गई थी क्योंकि सशस्त्र सेनाओं में पक्का गोदना बनाने की अनुमति नहीं है।