फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   You can protect yourself from cyber crime by becoming careful

पॉप अप के माध्यम से भी हो सकते हैं साइबर ठगी के शिकार, ऐसे करें बचाव

Fri, 30 Nov 2018 04:00 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली Updated Fri, 30 Nov 2018 04:00 PM IST
विज्ञापन
You can protect yourself from cyber crime by becoming careful
Cyber Crime - फोटो : डेमो

इंटरनेट ने सेवाओं को जितना सुलभ बनाया है और जीवन को जिस कदर सहज किया है उतनी ही दुश्वारियां भी बढ़ाई हैं। साइबर अपराधों का लगातार बढ़ता सिलसिला इसके शिकार लोगों को ही नहीं सुरक्षा एजेंसियों को भी हैरान किये हुए है। अचानक सामने आने वाले पॉप अप्स (विज्ञापन) लोगों को ठग तो रहे ही हैं, उन्हें अन्य तरह की मुसीबतों में भी डाल रहे हैं। 

विज्ञापन


हाल ही में दिल्ली से सटे नोएडा में वायरस अटैक का झांसा देकर 1500 से अधिक विदेशी नागरिकों को ठगने वाले नौ फर्जी कॉल सेंटर्स का पुलिस ने खुलासा किया है। आरोपी अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया सहित 12 देशों के लोगों के कंप्यूटर व लैपटॉप पर पॉप अप मेसेज भेजकर ठगते थे। नोएडा पुलिस से इसकी शिकायत माइक्रोसॉफ्ट कंपनी के अधिकारियों ने की थी।
विज्ञापन


फंसा रहे हैं पॉप अप मैसेज

जानकार बताते हैं कि पॉप अप मैसेज से लोग बड़ी संख्या में साइबर ठगी का शिकार हो रहे हैं। माइक्रोसॉफ्ट कंपनी खुद इस बात की तस्दीक करती है। नोएडा में पकड़े गए साइबर ठगों के मामले में यह बात भी सामने आई है कि कई महीनों से माइक्रोसॉफ्ट के पास पॉप अप वायरस मैसेज आने की शिकायतें बढ़ रही थीं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


हर महीने दस हजार से अधिक शिकायतें आने लगीं तो कंपनी ने इसकी मॉनिटरिंग शुरू की। तब पता चला कि जिस डोमेन से यह मेसेज आ रहा है वह एनसीआर सहित देशभर के चालीस से अधिक लोकेशन पर है। इसके बाद एफबीआई के साथ नोएडा पुलिस ने इस मामले को आगे बढ़ाया और एक साथ नौ फर्जी कॉल सेंटर को पकड़ लिया। 

बचाव के उपाय

-  सबसे पहले तो आपको अपनी उन वृत्तियों पर काबू पाने की जरूरत है जो आपमें लोभ या लालच पैदा करती हैं। 

- आप अपने कंप्यूटर को पॉप-अप प्रोटेक्ट भी कर सकते हैं। 

  -इसके लिए कुछ ऐप्स हैं जिन्हे डाउनलोड करके पॉप- अप्स को ब्लॉक किया जा सकता है। 

- फायरफॉक्स आपको कंटेंट पैनल से विकल्प विंडो में पॉप अप और पॉप अंडर दोनों को नियंत्रित करने के लिए अनुमति देता है। पॉप-अप अवरुद्ध डिफॉल्ट रूप से चालू है, तो आपको फायरफॉक्स में दिखने वाले पॉप-अप को सक्रिय करने के बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं है।

सामाजिक जीवन में लगाई सेंध

You can protect yourself from cyber crime by becoming careful
पछतावा और परेशानी - फोटो : अमर उजाला
कंप्यूटर से डाटा चोरी के मामले भी सामने आते रहे हैं। इंटरनेट से डाटा चोरी के मामले केवल आर्थिक अपराधों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि डाटा चोरी करके कई तरह के सामाजिक अपराधों को भी अंजाम दिया जा रहा है। 

साइबर अपराध करने वाले नेट पर आपकी गतिविधियों पर नजर रखते हैं और लोगों को ब्लैकमेल करते हैं। नोएडा पुलिस ने जिस साइबर ठगी का भंडाफोड़ किया है उसमें भी चाइल्ड पोर्नोग्राफी का एंगल सामने आया है। 

विशेषज्ञों की सलाह है कि साइबर अपराध से बचने का सबसे बड़ा तरीका सावधानी और सतर्कता बरतना है। यह सचेत होकर और लालच को छोड़कर इंटरनेट का इस्तेमाल किया जाए तो साइबर ठगी की आशंकाओं को कम से कमतर किया जा सकता है। 

 

सावधानी ही है बचाव

You can protect yourself from cyber crime by becoming careful
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
आप भी विशेषज्ञों के इन मशविरों को मानकर साइबर ठगों को खुद को बहुत हद तक बचा सकते हैं। 


-आप अपने कम्प्यूटर में अगर इंटरनेट का प्रयोग करते हैं, तो सबसे पहले अपने पर्सनल कम्प्यूटर को पासवर्ड से सुरक्षित कीजिए, ताकि कोई दूसरा व्यक्ति बिना आपकी जानकारी के आपका कम्प्यूटर प्रयोग न कर सके।  

-अपने इंटरनेट की बैंकिंग और बैंकिंग लेन-देन का इस्तेमाल कभी भी सार्वजनिक स्थान जैसे कि साइबर कैफे, ऑफिस, पार्क, सार्वजनिक 
मीटिंग और किसी भीड़-भाड़ वाले स्थान से न करें। किसी भी प्रकार की बैंकिंग व लेन-देन के लिए आप अपने पर्सनल कम्प्यूटर या लैपटॉप का ही इस्तेमाल करें। 

-जब कभी भी आप अपने इंटरनेट बैंकिंग या किसी भी जरूरी अकाउंट में लॉग-इन करें, तो काम खत्म कर अपने अकाउंट को लॉग आउट करना न भूलें। 

-जब आप लॉग-इन कर रहे हों तब इस बात का जरूर ध्यान रखें कि कि पासवर्ड टाइप करने के बाद कम्प्यूटर द्वारा पूछे जा रहे ऑप्शन रिमेंबर पासवर्ड या कीप लॉग-इन में क्लिक न करें।

-यह भी चेक करें कि आपके कम्प्यूटर में लेटेस्ट सिक्योरिटी अपडेटेड इन्सटाल्ड है या नहीं।

-चेक करें कि आपका एंटी वायरस और एंटी स्पाई वेयर सॉफ्टवेयर ठीक से काम कर रहा है या नहीं और उसके वेंडर से जरूरी अपडेट्स आ रहा है या नहीं। 

-अगर किसी वेबसाइट पर कोई पॉपअप खुले और आपको कुछ आकर्षक गिफ्ट या ईनाम ऑफर करे तब आप अपनी पर्सनल जानकारी या बैंक अकाउंट नंबर या बैंक से संबंधित कोई भी जानकारी न भरें। 

-अगर आप किसी ऑफर का लाभ लेना चाहते हैं, तो आप सीधे रिटेलर की वेबसाइट, रीटेल आउटलेट या अन्य जायज साइट से संपर्क करें।

 

आपका पासवर्ड और कुछ जरूरी बातें

You can protect yourself from cyber crime by becoming careful
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : BBC
-हमेशा एक जटिल पासवर्ड का प्रयोग करें, जिससे आसानी से किसी को पता न चले। इसलिए क्योंकि साइबर क्रिमिनल प्रोग्रामर ऐसे सॉफ्टवेयर प्रोग्राम का निर्माण करते रहते हैं जो आपके साधारण से पासवर्ड को आसानी से पहचान सकता है।

-आपका पासवर्ड कम से कम आठ कैरेक्टर्स का हो जो कि लोअर केस लेटर्स, अपर केस लेटर्स, नंबर्स और स्पेशल कैरेक्टर्स का मिश्रण हो।

-अगर आप एक से अधिक अकाउंट्स का प्रयोग करते हैं, तो सभी के लिए अलग-अलग पासवर्ड का प्रयोग करें।

-अपना पासवर्ड कभी भी अपने नाम, पता, गली नंबर, जन्म तिथि, परिवार के सदस्यों के नाम, विद्यालय के नाम या अपने वाहनो के नंबर पर न बनाएं, जिसका दूसरों के द्वारा आसानी से अनुमान न लगाया जा सके।

-एक जरूरी बात यह भी है कि अपने पासवर्ड को लेकर आप जितने सतर्क रहेंगे, साइबर अपराध की आशंकाएं उतनी ही कम होंगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed