फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP CM Yogi Adityanath News: Triple Talaq: Yogi government will give six thousand rupees annually for women suffering triple divorce in UP

यूपी में ट्रिपल तलाक पीड़ित महिलाओं को छह हजार रुपये सालाना देगी योगी सरकार

Tue, 13 Oct 2020 11:58 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: Vikas Kumar Updated Tue, 13 Oct 2020 11:58 AM IST
विज्ञापन
UP CM Yogi Adityanath News: Triple Talaq: Yogi government will give six thousand rupees annually for women suffering triple divorce in UP
ट्रिपल तलाक : सांकेतिक तस्वीर - फोटो : amar ujala

प्रदेश में 7 हजार ट्रिपल तलाक प्रभावित महिलाएं हैं। ये वे पीड़ित महिलाएं हैं, जिन्होंने या तो मामले की एफआईआर दर्ज कराई है या फिर जिनके फैमिली कोर्ट में मामले विचाराधीन हैं। प्रदेश सरकार इन महिलाओं के लिए छह हजार रुपये साल देने के लिए शीघ्र ही कैबिनेट प्रस्ताव लाएगी।

विज्ञापन




केंद्र सरकार ने ट्रिपल तलाक को अपराध के दायरे में लाने के लिए कानून बनाया तो उसके बाद प्रदेश सरकार ने इन महिलाओं के साथ सीधा संवाद स्थापित किया। 25 सितंबर 2019 को आयोजित एक संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्रिपल तलाक पीड़ित और परित्यक्ता महिलाओं के लिए 500 रुपये महीने आर्थिक सहायता की घोषणा की थी। घोषणा के अनुसार, यह सहायता महिलाओं को न्याय मिलने तक जारी रहेगी। इसकी खास बात यह है कि अन्य कल्याणकारी योजना की तरह इसमें कोई भी आय सीमा तय नहीं की गई है। सिर्फ महिला का पीड़ित होना ही लाभ लेने का हकदार माना जाएगा। 
विज्ञापन


सरकार के निर्देश पर विभिन्न जिलों से तलाक पीड़ित महिलाओं के आंकड़े इकट्ठा किए गए, ताकि संख्या के आधार पर बजट प्रावधान किया जा सके।

शिकायत दर्ज न कराने वाली महिलाओं की संख्या भी काफी हो सकती है

जिलों से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रिपल तलाक पीड़ित महिलाओं की संख्या करीब 7 हजार है। इसमें वे ट्रिपल तलाक पीड़ित महिलाएं शामिल नहीं हैं, जो अन्याय सहने के बाद चुप बैठ गईं और कहीं भी शिकायत दर्ज नहीं कराई। अधिकारियों का कहना है कि शिकायत दर्ज न कराने वाली महिलाओं की संख्या भी काफी हो सकती है, पर उन्हें ट्रेस करना आसान नहीं है। इसलिए पहले चरण में एफआईआर दर्ज कराने या कोर्ट केस करने वाली महिलाओं को ही शामिल किया गया है। अल्पसंख्यक कल्याण निदेशालय के उच्चपदस्थ सूत्रों का कहना है कि बजट का अनुमान लगाते हुए प्रस्ताव तैयार कराया जा रहा है। शीघ्र ही इसे कैबिनेट से पास कराया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed