खतरा टला नहीं: दिल्ली में बढ़ने लगा यमुना का जलस्तर, 206 मी. पार जाने की आशंका, 72 घंटे सावधान रहने के निर्देश
प्रशासन ने कहा है कि दिल्ली में बाढ़ का खतरा अभी टला नहीं है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में यदि भारी बारिश नहीं हुई तो दिल्ली भारी बाढ़ से सुरक्षित रहेगी। मौजूदा समय हथिनीकुंड बैराज से सीमित पानी छोड़ा जा रहा है।
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राजधानी में दो दिन बाद सोमवार को यमुना का जलस्तर फिर बढ़ गया। सुबह सात बजे नदी का जलस्तर 205.45 मीटर था। शाम छह बजे तक जलस्तर बढ़कर 205.94 मीटर तक पहुंच गया। आशंका है कि जलस्तर 206 मीटर के पार चला जाएगा। इससे दिल्लीवासियों की परेशानी बढ़ सकती है।
पहाड़ों के साथ-साथ हरियाणा में भारी बारिश के अनुमान के बाद प्रशासन ने लोगों को 72 घंटे सावधान रहने के लिए कहा है। यमुना खादर में किसी को जाने की छूट नहीं है। मंगलवार सुबह तक यमुना के तराई इलाके फिर से जलमग्न हो सकते हैं। फिलहाल बाढ़ वाले इलाकों से पानी उतरने के बाद सोमवार शाम से सभी सड़कों पर यातायात चालू है। सलीमगढ़ पुल, भैरो मार्ग रेलवे ब्रिज और आईटीओ से भी आवाजाही चालू है। विकास मार्ग की ओर आईटीओ के एक कैरिजवे पर अभी जलभराव है, फिर भी वाहन आ जा रहे हैं। इधर आईटीओ बैराज के पांच में से दो फाटक खुल पाए हैं, बाकी तीन को खोलने की जद्दोजहद जारी है।
प्रशासन ने कहा है कि दिल्ली में बाढ़ का खतरा अभी टला नहीं है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में यदि भारी बारिश नहीं हुई तो दिल्ली भारी बाढ़ से सुरक्षित रहेगी। मौजूदा समय हथिनीकुंड बैराज से सीमित पानी छोड़ा जा रहा है। सोमवार को हर घंटे करीब 46612 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, रात में एक बजे 48010 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था और शाम को तीन बजे के आस पास 40346 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।प्रशासन ने जलस्तर 206 मीटर पार जाने की आशंका जताई है।
आईटीओ पर नहीं हो पाई जल निकासी
यमुना का जलस्तर बढ़ने के कारण आईटीओ की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। इसमें खास सुधार नहीं हुआ है। लोग अभी नाले के पानी से होकर जाने को तैयार हैं। भारी वाहनों के लिए अभी ये रास्ता सुरक्षित नहीं है। उत्तरी दिल्ली, उत्तर-पूर्वी दिल्ली, रिंग रोड, पूर्वी दिल्ली, दक्षिण दिल्ली, दक्षिण पूर्वी दिल्ली से नई दिल्ली जाने के सबसे व्यस्त चौराहों में से एक ये जगह पीडब्ल्यूडी मुख्यालय के ठीक सामने है और पीडब्ल्यूडी के ही संरक्षण में है। हल्की बारिश होने पर यहां पानी भर जाता है। बाढ़ के कारण इसकी दशा और बिगड़ गई। यहां सीवर सिस्टम सुचारु रूप से काम नहीं कर रहा।
सड़कों से तत्काल गाद हटवाने के निर्देश
मेयर डॉ. शैली ओबरॉय ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में सड़कों से तुरंत गाद हटवाने का निर्देश दिया है। अपने सभी पार्षदों और जोन उपायुक्तों को सफाई व्यवस्था पर नजर रखने के लिए ग्राउंड जीरो पर उतरने का निर्देश दिया है। राहत शिविरों का भी दौरा करने का निर्देश दिया है। उन्होंने अतिरिक्त आयुक्त साक्षी मित्तल व सुनील भादू के साथ बाढ़ प्रभावित इलाकों की स्थिति पर बैठक की और निर्देश दिया कि बाढ़ राहत शिविरों में हर दिन कीटनाशक दवा का छिड़काव कराया जाए। सिटी एसपी जोन, सेंट्रल जोन, सिविल लाइन जोन, शाहदरा उत्तरी और शाहदरा दक्षिणी जोन बाढ़ से प्रभावित हैं।