Delhi: फिर खतरे के निशान को पार कर गई यमुना, हथिनीकुंड बैराज से हर घंटे करीब 42551 क्यूसेक पानी छोड़ा गया
बुधवार को हर घंटे करीब 42551 क्यूसेक पानी यहां से छोड़ा गया। लेकिन हरियाणा में हो रही बारिश व ड्रेनेज का रुका पानी यमुना में लगातार बहकर आ रहा है। यमुना का जलस्तर बढ़ने का इसे ही कारण माना जा रहा।
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यमुना फिर से खतरे के निशान को पार कर गई है। बुधवार को इसका जलस्तर 205.79 मीटर पहुंच गया। एक दिन पहले मंगलवार को आठ दिन बाद यमुना का पानी खतरे के निशान से नीचे आया था। यमुना का बार-बार बढ़ता-घटता जलस्तर डरा रहा है। बीते दो दिन से हथिनीकुंड बैराज से पानी भी सीमित ही छोड़ा जा रहा। बुधवार को हर घंटे करीब 42551 क्यूसेक पानी यहां से छोड़ा गया। लेकिन हरियाणा में हो रही बारिश व ड्रेनेज का रुका पानी यमुना में लगातार बहकर आ रहा है। यमुना का जलस्तर बढ़ने का इसे ही कारण माना जा रहा। फिलहाल नदी के तराई इलाकों से पानी उतरने के बाद बाढ़ से प्रभावित कई लोग फिर से अपने घरों की ओर लौटने लगे हैं। प्रशासन लोगों को राहत शिविरों में ही अभी रहने की सलाह दे रहा है।
यमुना में बाढ़ का खतरा अभी टला नहीं है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिन हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड में पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई है। यदि पहाड़ों पर लगातार भारी बारिश हुई तो हथिनीकुंड बैराज से छोड़े जा रहे पानी की मात्रा बढ़ जाएगी। इसका असर दिल्ली में दिखाई देगा। क्योंकि दिल्ली में यमुना बाढ़ के मुहाने पर पहले से मौजूद है। बुधवार को सुबह पांच बजे तक पुराने रेलवे ब्रिज पर यमुना का जलस्तर 205.22 मीटर दर्ज किया गया था। लेकिन छह बजे से इसका जलस्तर फिर से बढ़ने लगा। सुबह सात बजे फिर से यमुना खतरे के निशान को पार कर गई। पानी लगातार बढ़ता गया और शाम को पांच बजे तक 205.79 मीटर पहुंच गया।
बाढ़ राहत शिविर में नहीं मिल रही सुविधाएं
दिल्ली सरकार भले ही ये दावा कर रही कि बाढ़ राहत शिविरों में लोगों को सभी तरह की सुविधाएं जैसे कि खाना-पानी, दवाइयां, शौचालय, सफाई इत्यादि की सुविधा मिल रही है। लेकिन सच्चाई ये है कि कई ऐसे बाढ़ राहत शिविर हैं जहां पर मोबाइल शौचालय तक का इंतजाम नहीं किया गया है। उनमें में से एक गीता कॉलोनी पुश्ते पर बनाए गए बाढ़ राहत शिविर हैं, जहां पर करीब 60 परिवार रह रहे हैं। यहां महिलाओं ने बताया कि शौचालय का इंतजाम नहीं होने के कारण उन्हें खुले में शौच के लिए जाना पड़ रहा है।
सिविल लाइंस में बाढ़ घरों में छोड़ गई मछलियां
सिविल लाइंस इलाके में राजनरायण रोड व उसके आस पास की कॉलोनियों में भारी जलभराव हुआ था। अब यमुना का जलस्तर नीचे जाने के बाद प्रशासन की ओर से सड़कों से गाद इत्यादि साफ करा दी गई है। लेकिन कई घरों के बेसमेंट में अभी भी पानी भरा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि बाढ़ से उनके घरों में गंदगी के साथ मछलियां भी आ गई हैं। बाढ़ से लोगों के सामान भीगकर खराब हो गए हैं, इसका दुख है। लेकिन मछली खाने के शौकीन कई लोग इससे खुश भी हैं।