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World Physiotherapy Day : 90 फीसदी लोग पीठ दर्द से परेशान... वजह से अनजान, 30 साल में 60 प्रतिशत बढ़ी समस्या
Sun, 08 Sep 2024 04:05 AM IST
दुष्यंत शर्मा
राकेश शर्मा, नई दिल्ली
राकेश शर्मा, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 08 Sep 2024 04:05 AM IST
सार
विशेषज्ञों का कहना है कि पीठ के निचले हिस्से में दर्द होना आम बात है। यह किसी भी उम्र में हो सकता है। हर कोई अपने जीवन में किसी न किसी समय इसका अनुभव करता है। लेकिन कुछ लोगों में यह समस्या तीन महीने से अधिक समय तक बना रहा सकता है। ऐसा होने पर सचेत होने की जरूरत है।
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पीठ-कमर में दर्द के बाद सहारा देकर मंच से वापस ले जाए गए तेजस्वी यादव... file
- फोटो : ANI
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विस्तार
घंटों बैठकर काम करने, बैठने का खराब मुद्रा, फर्नीचर का डिजाइन सहित दूसरे कारणों से 90 फीसदी लोग पीठ दर्द से परेशान हैं पर दर्द के पीछे का कारण पता नहीं है। लंबे समय तक दर्द बना रहना गंभीर हो सकता है।
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विशेषज्ञों का कहना है कि पीठ के निचले हिस्से में दर्द होना आम बात है। यह किसी भी उम्र में हो सकता है। हर कोई अपने जीवन में किसी न किसी समय इसका अनुभव करता है। लेकिन कुछ लोगों में यह समस्या तीन महीने से अधिक समय तक बना रहा सकता है। ऐसा होने पर सचेत होने की जरूरत है।
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लंबे समय तक बना दर्द दिव्यांगता का कारण बन सकता है। वैश्विक आधार का डाटा बताता है कि 13 में से एक व्यक्ति में गंभीर काम के लिए समय तक बैठने, खराब मुद्रा, फर्नीचर का डिजाइन सहित दूसरे कारण बढ़ा रहे मर्ज है। साल 1990 के बाद से पीठ दर्द की समस्या 60 फीसदी तक बढ़ गई।
डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में फिजियोथेरेपी विभाग की प्रमुख डॉ. पूजा सेठी ने कहा कि 90 फीसदी लोग में पीठ दर्द का कोई कारण नहीं हो सकता। केवल दस फीसदी मामलों में जोड़, मांसपेशी, लिगामेंट, डिस्क व दूसरे कारणों से समस्या होती है। उन्होंने कहा कि दर्द होने के बाद एक्स-रे या एमआरआई करने से भी कारण का पता नहीं चलता। हड्डी रोग के डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट जांच के बाद कारण को पहचान सकते हैं।
अध्ययन के परिणाम से डॉक्टर भी परेशान
दर्द का कारण पहचाने के लिए विशेषज्ञों ने 33 अध्ययनों का विश्लेषण किया। इसके बाद ऐसे लोगों की एमआरआई करवाई जिन्हें दर्द नहीं था। अध्ययन के परिणाम से विशेषज्ञ भी परेशान हो गए। इसमें 40 साल के लोगों में भी 50 फीसदी, 50 साल में 60 फीसदी और 60 साल की उम्र में 84 फीसदी लोगों को डिस्क कोलेप्स की समस्या पाई गई। जबकि मरीज में पीठ दर्द के कोई लक्षण नहीं थे। वहीं अध्ययन में 40 साल की उम्र में 68 फीसदी में, 60 साल में 88 फीसदी लोगों को और 80 साल में 96 फीसदी लोगों को डिस्क डिजनरेशन की परेशानी मिली।
अस्पताल में आधुनिक मशीन से उपचार
डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में आने वाले मरीजों को आधुनिक मशीन की मदद से उपचार दिया जा रहा है। इसमें अल्ट्रासोनिक, लेजर सहित अन्य शामिल हैं। इसके बाद कमर दर्द वापस न लौटे इसके लिए कई व्यायाम बताते हैं। इसमें कोबरा पोज, कैमल पोज सहित अन्य शामिल हैं।
इन कारणों से हो सकता है पीठ दर्द की समस्या
चोट लगने, मांसपेशियों में खिंचाव, खराब मुद्रा, डिस्क समस्या, ऑस्टियोआर्थराइटिस, साइटिका, अनियमित शारीरिक गतिविधि, मोटापा, ऑस्टियोपोरोसिस, मानसिक तनाव
बचाव के लिए क्या करें
पीठ के निचले हिस्से में दर्द से राहत के लिए व्यायाम मददगार, आराम करने से राहत नहीं मिलती, सक्रिय रहना जरूरी, कमर दर्द से बचने के लिए बिना डरे चलना, व्यायाम के बाद दर्द महसूस हो तो आराम न करें
ऐसे भी दूर सकते हैं समस्या
- कंप्यूटर या मोबाइल का स्क्रीन आंख से एक इंच ऊपर हो, टेबल पर रखे सामान की जगह समय-समय बदलें
- लंबे समय तक एक जगह पर न बैठे, बीच-बीच में उठें