विश्व मोटापा दिवस आज, मोटापे से लोगों में बढ़ रहीं ये बीमारियां
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मोटापा कई तरह की बीमारियों को दावत दे रहा है। मोटापे की वजह से ब्लड प्रेशर, तनाव, हृदय रोग, डायबिटीज और कोलेस्ट्रोल समेत कई बीमारियां युवाओं को चपेट में ले रही हैं। डॉक्टरों के पास ओपीडी में मोटापे की वजह से बीमारियों की चपेट में आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ गई है। स्कूली बच्चों में भी मोटापा बढ़ता जा रहा है। इसका सबसे बड़ा कारण फास्ट फूड और बदलती लाइफ स्टाइल है।
जेपी अस्पताल के डॉक्टर राजेश कपूर ने बताया कि गांवों में रहने वाले लोगों की अपेक्षा शहर के लोग अधिक बीमार पड़ते हैं। इसका सबसे बड़ा कारण बदलती जीवनशैली और खानपान है। आमतौर पर शहरी लोगों की दिनचर्या नियमित होती है। इनकी शारीरिक गतिविधियां बहुत कम होती हैं।
खाने में फास्ट फूड की अधिकता और शिथिलता भरा जीवन जीने से धीरे-धीरे शरीर कमजोर होने लगता है। वर्तमान के कई शोध में यह बात सामने आई है कि फास्ट फूड एवं तैलीय भोजन तथा आराम पसंद जीवनशैली के कारण न सिर्फ लोगों में मोटापा तेजी से बढ़ रहा है, बल्कि मोटापे से लोगों को कई प्रकार की बीमारियां भी हो रही हैं।
गर्भधारण को कर सकता है प्रभावित
इंदिरा आईवीएफ अस्पताल की आईवीएफ एक्सपर्ट डॉ. सागरिका अग्रवाल ने बताया कि गर्भधारण के समय वजन का काफी महत्व होता है। मोटापा कई तरीके से गर्भधारण को प्रभावित कर सकता है। वजन बढ़ने से हार्मोन प्रभावित होते हैं। इससे ओव्यूलेशन प्रभावित होता है और गर्भधारण की संभावना कम हो जाती है।
पीड़ित महिला को कुछ किलो वजन घटाकर गर्भधारण करना चाहिए। इससे बिना कोई दवा खाए ही समस्या को दूर किया जा सकता है। वजन बढ़ने के कारण गर्भपात का खतरा भी बढ़ जाता है। अत्यधिक वजन से कई बार आईवीएफ ट्रीटमेंट में भी परेशानी आती है। डॉ. सागरिका अग्रवाल का कहना है कि यदि आपकी लंबाई 155 सेमी है, तो वजन 55 किलो होना चाहिए। इस प्रकार वजन को संतुलित रखकर समस्याओं से बचा जा सकता है।
ऐसे रखें ख्याल
-बाहरी खाने से बचें और ज्यादा मसालेदार खाना न खाएं।
-ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर का एक निश्चित समय बना लें।
-सुबह उठने के बाद ज्यादा देर तक भूखे न रहें और रात को सोने से दो घंटे पहले खाना खा लें।
-सब्जियां और फल खाएं।
-व्यायाम और योग से मोटापे को काबू में रखा जा सकता है।