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World Obesity Day: जूते के फीते बांधने में हो रही दिक्कत तो समझें कि घेर रहा है मोटापा, हो सकते हैं गंभीर रोग

Tue, 04 Mar 2025 04:37 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Tue, 04 Mar 2025 04:37 AM IST
सार

खराब जीवन शैली, खान पान के कारण मोटापे की समस्याएं तेजी से बढ़ी है। खासकर कोरोना महामारी के बाद इसका प्रकोप हर आयु वर्ग पर दिखा है। युवाओं के लंबे समय तक बैठकर काम करने, शारीरिक गतिविधि का अभाव, फास्ट फूड का सेवन सहित दूसरे कारक इन समस्याओं को गंभीर बना रहे हैं। 

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World Obesity Day Every second person in Delhi is suffering from obesity
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : istock

विस्तार

जूते के फीते बांधने में दिक्कत सहित दूसरे दैनिक काम करने में परेशानी होने लगे तो सतर्क हो जाएं। यह मोटापे का लक्षण हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि खराब जीवन शैली, खान-पान सहित दूसरे कारणों से दिल्ली-एनसीआर में हर दूसरा व्यक्ति मोटापे से परेशान है। मोटापे के कारण जल्द थक जाना, नींद आना, सीढ़ी चढ़ने में सांस फूलना, खाना खाने के बाद गैस बनना सहित दूसरे लक्षण दिखने लगते हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर व्यक्ति को डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। डॉक्टर उचित मूल्यांकन कर वजन बढ़ने से रोक सकते हैं। यदि समस्या बढ़कर मोटापे का रूप ले लेती है तो कई गंभीर रोग हो सकते हैं।

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खानपान और खराब जीवन शैली बढ़ा रही समस्या
एम्स के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. नवल के विक्रम ने कहा कि खराब जीवन शैली, खान पान के कारण मोटापे की समस्याएं तेजी से बढ़ी है। खासकर कोरोना महामारी के बाद इसका प्रकोप हर आयु वर्ग पर दिखा है। युवाओं के लंबे समय तक बैठकर काम करने, शारीरिक गतिविधि का अभाव, फास्ट फूड का सेवन सहित दूसरे कारक इन समस्याओं को गंभीर बना रहे हैं। वहीं, बच्चों में वातावरण, माता-पिता से मिले जीन, खेलने से बचना सहित दूसरे कारणों के कारण मोटापा बढ़ा है।  

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सर्जरी अंतिम विकल्प
बैरिएट्रिक सर्जन डॉ. सचिन अंबेकर ने कहा कि मोटापा को दूर करने के लिए बैरिएट्रिक सर्जरी अंतिम विकल्प है। यह सर्जरी करने से पहले मरीज की जांच करनी पड़ती है। उसकी बीएमआई सहित दूसरे की जांच करते हैं। सर्जरी होने के बाद भी मरीज को कुछ नियमों का पालन करना पड़ता है। यदि व लापरवाही करता है तो फिर से मोटापे का शिकार हो सकता है।

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देशी भोजन दे सकता है राहत
मोटापे से राहत में देशी भोजन राहत दे सकता है। जिस क्षेत्र में रहते हैं उस क्षेत्र में उगने वाला अन्न उक्त वातावरण के अनुसार होता है। उसमें पर्याप्त प्रोटिन होता है जो शरीर के लिए जरूरी है। लेकिन मौजूदा समय में पश्चिमी खान-पान से शरीर का संतुलन खराब कर दिया है। मोटा अनाज सहित दूसरे कारकों से स्थिति को सुधार सकते हैं। वहीं मोटापे को कम करने के लिए बिना डॉक्टर की सलाह के भोजन छोड़ना उचित विकल्प नहीं है।

मोटापे से समस्या
  • हृदय रोग
  • मधुमेह
  • उच्च रक्तचाप
  • उच्च कोलेस्ट्रॉल
  • गुर्दे और पित्ताशय की बीमारी
  • कुछ तरह के कैंसर
  • अस्थमा और स्लीप एपनिया
  • प्रजनन संबंधी समस्याएं

बढ़ेंगी बीमारियां
  • गैस्ट्रोओस्फोजियल रिक्स डिज़ीज़ (जीईआरडी)
  • यूरिनरी स्ट्रेस इंकांटिनेंस
  • फैटी लिवर की बीमारी
  • पित्ताशय का रोग
  • आघात
  • बांझपन
  • पॉलीसिस्टिक अंडाशय सिंड्रोम
  • यौन रोग

बच्चों में दिखी समस्या
डॉ. नवल के अनुसार मोटापे से 10 साल के बच्चे में टाइप 2 मधुमेह देखा गया है। यह गंभीर स्थिति है। आगे चलकर परेशानी और बढ़ सकती है। मोटापा टाइप 2 डायबिटीज के लिए एक जोखिम कारक है।
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