फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Working Women's Hostel: Women to get a room for 3,000

वर्किंग विमेन हॉस्टल: दिल्ली में महिलाओं को तीन हजार में मिलेगा कमरा, बच्चों के लिए डे-केयर; सुरक्षा की सुविधा

Mon, 21 Sep 2026 03:45 AM IST
दुष्यंत शर्मा आदित्य पाण्डेय, नई दिल्ली
आदित्य पाण्डेय, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 21 Sep 2026 03:45 AM IST
सार

कामकाजी माताओं के बच्चों की देखभाल के लिए 25 बच्चों की क्षमता वाला डे-केयर सेंटर भी बनाया गया है। हॉस्टल में प्रवेश के लिए अधिकतम 50,000 रुपये तक मासिक वेतन पाने वाली महिलाएं पात्र होंगी।

विज्ञापन
Working Women's Hostel: Women to get a room for 3,000
प्रतीक चित्र - फोटो : Meta AI

विस्तार

महिला एवं बाल विकास विभाग ने पूर्वी दिल्ली के शाहदरा इलाके के रिहायशी क्षेत्र विश्वास नगर में 110 सीटों वाले वर्किंग विमेन हॉस्टल के संचालन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यहां महिलाओं को 3,000 रुपये से 7,000 रुपये तक मासिक किराये पर रहने की सुविधा मिलेगी। 

विज्ञापन


कामकाजी माताओं के बच्चों की देखभाल के लिए 25 बच्चों की क्षमता वाला डे-केयर सेंटर भी बनाया गया है। हॉस्टल में प्रवेश के लिए अधिकतम 50,000 रुपये तक मासिक वेतन पाने वाली महिलाएं पात्र होंगी। सत्य निकेतन पीजी हादसे के बाद से दिल्ली में अनधिकृत तरीके से चल रहे हॉस्टल, पीजी की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ऐसे में नौकरी करने वाली महिलाओं के लिए रहने की ऐसी सुरक्षित जगह मिलना राहत की बात है।
विज्ञापन


इस तीन मंजिला हॉस्टल में महिलाओं के रहने की क्षमता 110 है। विभाग के मुताबिक, डॉरमिटरी में प्रति निवासी 3,000 रुपये, नॉन-एसी डबल ऑक्यूपेंसी में 4,000 रुपये, एसी डबल ऑक्यूपेंसी में 6,000 रुपये और एसी सिंगल ऑक्यूपेंसी में 7,000 रुपये मासिक किराया तय किया गया है। इसमें कमरे, बिजली और पानी का शुल्क शामिल रहेगा। मेस का शुल्क अलग से देना होगा। अतिथियों के लिए मेस समेत 800 रुपये प्रतिदिन है।
विज्ञापन
विज्ञापन


50 हजार तक वेतन पर मिलेगा प्रवेश
हॉस्टल में 50,000 रुपये या उससे कम कुल मासिक वेतन पाने वाली कामकाजी महिलाएं प्रवेश ले सकेंगी। आवंटन में सरकारी कर्मचारी, निजी क्षेत्र में काम करने वाली महिलाएं, दूसरे राज्यों से दिल्ली आई महिलाएं और पीएचडी शोधार्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी। सीटें खाली रहने पर अधिकतम 10 प्रतिशत सीटें छात्राओं, इंटर्न और प्रशिक्षुओं को मिल सकेंगी। किसी महिला के रहने की अधिकतम अवधि तीन साल होगी।

बच्चों के लिए डे-केयर, सुरक्षा की सुविधा
हॉस्टल में कामकाजी माताओं के लिए 25 बच्चों की क्षमता वाला डे-केयर सेंटर संचालित होगा। महिलाओं को 24 घंटे सुरक्षा, ऑन-कॉल मेडिकल सुविधा, सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन और इंसिनरेटर की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा वाई-फाई, पुस्तकालय, रीडिंग रूम, मनोरंजन कक्ष और इनडोर-आउटडोर खेलों की व्यवस्था होगी। किराये का भुगतान डिजिटल रुपये यानी सीबीडीसी से भी किया जा सकेगा।


एनजीओ करेगा संचालन, निगरानी की व्यवस्था
दिल्ली सरकार हॉस्टल का संचालन तीन साल के लिए पंजीकृत एनजीओ, सोसाइटी या ट्रस्ट को सौंपेगी। व्यवस्था नो प्रॉफिट नो लॉस के आधार पर चलेगी।

हॉस्टल मैनेजमेंट कमेटी और जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली एग्जीक्यूटिव कमेटी संचालन की निगरानी करेगी। नियमों के उल्लंघन, अधिक शुल्क वसूली और सुरक्षा में चूक पर जुर्माने के साथ अनुबंध रद्द करने का प्रावधान रखा गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने हॉस्टल संचालित के लिए ईओआई (एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट) आमंत्रित किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed