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एंबुलेंस पर हमलों से घबराए नए कर्मचारी, कैट्स के कर्मचारियों की हड़ताल जारी
Wed, 17 Jul 2019 10:09 PM IST
राजेश सैनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राजेश सैनी
Updated Wed, 17 Jul 2019 10:09 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
कैट्स के कर्मचारियों की 18 दिन से चल रही हड़ताल के बाद एंबुलेंस चलाने की जिम्मेदारी जिन अन्य कर्मचारियों को दी गई थी, उन्होंने भी इससे पल्ला झाड़ लिया है। सरकार को पत्र लिखकर इन्होंने किसी तरह की सुरक्षा नहीं मिलने की बात कहते हुए एंबुलेंस न चलाने की बात कही है। दिल्ली सरकार वाहन चालक कल्याण समिति की ओर से पत्र में लिखा गया है कि कैट्स के स्टाफ ड्राइवरों की ड्यूटी एंबुलेंस में लगा दी गई है। यहां उनसे 12-12 घंटे काम लिया जा रहा है। घर से आने में भी एक से दो घंटे लगते हैं। ऐसे में उन्हें बेहद लंबी ड्यूटी करनी पड़ रही है।
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पत्र के मुताबिक, एंबुलेंस को पुलिस स्टेशन में खड़ा किया जा रहा है। सख्त हिदायत दी गई है कि पुलिसकर्मी के बिना एंबुलेंस को बाहर न निकालें। कहीं से सूचना मिलने पर पुलिसकर्मी जाने को तैयार नहीं होते। वे बाहर निकलते हैं तो हड़ताली कर्मचारी हमला कर देते हैं। इस समस्या को हल किया जाए। उधर, जीटीबी अस्पताल की नर्सिंग एसोसिएशन ने पत्र लिखकर कहा है कि स्टाफ की ड्यूटी का समय बेहद लंबा हो गया है। उन्हें रोज अलग-अलग जगहों से ड्यूटी जॉइन करनी पड़ती है। इससे काफी परेशानी हो रही है। इस मामले पर गौर करते हुए समस्या का हल निकाला जाए।
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दूसरी ओर, कैट्स यूनियन के अध्यक्ष नरेंद्र लाकड़ा का कहना है कि कर्मचारियों की हड़ताल के कुछ दिन बाद ही कैट्स प्रशासन ने अपनी गाड़ियों के स्टाफ ड्राइवरों को एंबुलेंस चलाने की ड्यूटी दे दी थी। जीटीबी अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ को भी इनमें लगाया गया था, लेकिन अब ड्राइवर्स और नर्सिंग स्टाफ ने दिल्ली सरकार को पत्र लिखकर काम बंद करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी एंबुलेंस के निजीकरण के खिलाफ हैं, लेकिन कंपनियों के दबाव में दिल्ली सरकार इनकी नहीं सुन रही है।
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