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शाहीन बाग में धरने पर बैठीं महिलाएं बोलीं- कोई हारे, कोई जीते इससे नहीं फर्क पड़ता
Tue, 11 Feb 2020 09:30 PM IST
अवधेश कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: अवधेश कुमार
Updated Tue, 11 Feb 2020 09:30 PM IST
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शाहीन बाग प्रदर्शन में बैठीं महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
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जैसे ही चुनावी रुझान आना शुरू हुए शाहीन बाग के धरना स्थल पर अजीब नजारा देखने को मिला। चुनावी नतीजों को लेकर महिलाओं व वहां बैठे लोगों ने मौन धारण कर लिया। महिलाएं हाथों में तख्तियां लेकर बैठीं थी कि वह किसी राजनीतिक पार्टी का समर्थन नहीं करती हैं। उनका कहना था कि हमारा मुद्दा सीएए, एनआरसी और एनपीआर है। जो भी उनकी लड़ाई में साथ में आएगा वह उनका ही साथ देंगे।
आम आदमी पार्टी की जीत पर भी शाहीन बाग की महिलाओं ने किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दिया। अलबत्ता जामिया नगर और ओखला के बाकी इलाकों में लोगों ने ढोल बजाकर आम आदमी पार्टी की जीत का जश्न मनाया।
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आम आदमी पार्टी की जीत पर भी शाहीन बाग की महिलाओं ने किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दिया। अलबत्ता जामिया नगर और ओखला के बाकी इलाकों में लोगों ने ढोल बजाकर आम आदमी पार्टी की जीत का जश्न मनाया।
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सुबह शाहीन बाग धरना स्थल पर सन्नाटा पसरा हुआ था। जैसे-जैसे समय बीतता गया, महिलाएं पहुंचने लगी। चुनावों के रुझानों के बारे में पूछने पर महिलाओं ने किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दिया। धरना स्थल पर दादी बिलकीस ने कहा कि वह किसी नेता का सपोर्ट नहीं करती हैं। चुनावों के दौरान जिस तरह कुछ लोगों ने शाहीन बाग का इस्तेमाल किया, उससे सभी महिलाएं आहत हैं।
प्रदर्शन स्थल पर मौजूद अहमद ने कहा कि कोई जीते या कोई हारे इससे उन्हें कुछ लेना देना नहीं है। हमने अभी तक अपने प्रोटेस्ट को राजनीतिक मंच नहीं बनने दिया है और आगे भी नहीं बनने देंगे। अहमद ने कहा कि जब तक केंद्र सरकार सीएए और एनआरसी को वापस नहीं लेगी तब तक विरोध जारी रहेगा।
संजय ने बताया कि वह सिर्फ सीएए और एनआरसी को लेकर ही मीडिया से बात करेंगे। चुनावी हार-जीत पर कोई बातचीत नहीं होगी। वहीं दूसरी ओर जामिया मिल्लिया इस्लामिया के गेट नंबर-7 पर चल रहे विरोध प्रदर्शन में दोपहर बाद तक सन्नाटा पसरा रहा। वहां इक्का-दुक्का छात्र ही दिखाई दिए।
प्रदर्शन स्थल पर मौजूद अहमद ने कहा कि कोई जीते या कोई हारे इससे उन्हें कुछ लेना देना नहीं है। हमने अभी तक अपने प्रोटेस्ट को राजनीतिक मंच नहीं बनने दिया है और आगे भी नहीं बनने देंगे। अहमद ने कहा कि जब तक केंद्र सरकार सीएए और एनआरसी को वापस नहीं लेगी तब तक विरोध जारी रहेगा।
संजय ने बताया कि वह सिर्फ सीएए और एनआरसी को लेकर ही मीडिया से बात करेंगे। चुनावी हार-जीत पर कोई बातचीत नहीं होगी। वहीं दूसरी ओर जामिया मिल्लिया इस्लामिया के गेट नंबर-7 पर चल रहे विरोध प्रदर्शन में दोपहर बाद तक सन्नाटा पसरा रहा। वहां इक्का-दुक्का छात्र ही दिखाई दिए।