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हेलीकॉप्टर दुर्घटना में पति और पुत्री को खोने वाली महिला ने मांगा पांच करोड़ मुआवजा
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 21 Mar 2017 09:50 AM IST
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delhi high court
- फोटो : अमर उजाला
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वैष्णो देवी के दर्शन के लिए जाने के दौरान करीब डेढ़ वर्ष पूर्व हेलीकॉप्टर दुर्घटना में पति व पुत्री को खोने वाली महिला ने पांच करोड़ मुआवजे की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। अदालत ने केंद्र सरकार, नागर विमानन महानिदेशक व अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
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न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा ने मामले की अगली सुनवाई 26 अप्रैल तय करते हुए हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध कराने वाली कंपनी हिमालयन हेली सर्विस प्राइवेट लिमिटेड और हेलीकॉप्टर का बीमा करने वाली कंपनी को भी अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है।
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अदालत ने नागर विमानन महानिदेशक को स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि ऐसी दुर्घटनाओं के मामले में 20 लाख अधिकतम मुआवजा देने का नियम क्यों है।
किन नियमों के आधार पर हेलीकॉप्टर उड़ाने की अनुमति दी जाती है
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किन नियमों के आधार पर हेलीकॉप्टर उड़ाने की अनुमति दी जाती है। याची प्रिया के अनुसार 25 नवंबर 2015 को यह हादसा हुआ था। हेलीकॉप्टर सांझी छत से उड़ने के कुछ सेकेंड बाद ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया। याची ने आरोप लगाया है कि हेलीकॉप्टर में सुरक्षा के पर्याप्त बंदोबस्त नहीं थे।
बावजूद इसके डीजीसीए व अन्य ने हेलीकॉप्टर कंपनी को अपनी सेवाएं जारी रखने की इजाजत दी थी। याची ने अदालत से आग्रह किया कि इस लापरवाही के कारण ही उसके पति व पुत्री की मौत हुई है। ऐेसे में उसे पांच करोड़ रुपये मुआवजा दिलवाने के अलावा हिमालयन हेली सर्विस का परमिट रद्द किया जाए।
बावजूद इसके डीजीसीए व अन्य ने हेलीकॉप्टर कंपनी को अपनी सेवाएं जारी रखने की इजाजत दी थी। याची ने अदालत से आग्रह किया कि इस लापरवाही के कारण ही उसके पति व पुत्री की मौत हुई है। ऐेसे में उसे पांच करोड़ रुपये मुआवजा दिलवाने के अलावा हिमालयन हेली सर्विस का परमिट रद्द किया जाए।