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बड़ी अनोखी बीमारी से पीड़ित थी ये महिला, थाली में खाना देखते ही लगती थी चिल्लाने

Mon, 02 Oct 2017 01:08 PM IST
परीक्षित निर्भय/अमर उजाला, नई दिल्ली  
परीक्षित निर्भय/अमर उजाला, नई दिल्ली   Updated Mon, 02 Oct 2017 01:08 PM IST
सार

  • बड़ी ही अनोखी बीमारी से पीड़‌ित थी ये मह‌िला, थाली में खाना देखते ही लगती थी चिल्लाने
  • बिहार निवासी महिला अनोखी बीमारी से ग्रस्त
  • महीनों तक पेनकिलर खाने से आधी से ज्यादा नसें ब्लॉक

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woman starts screaming after seeing food on plate was suffering from abdominal angina cure in delhi
गीता देवी जो खाने की थाली देखते ही च‌िल्लाने लगती थीं - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सुनने में शायद ही कोई यकीन करें कि थाली में भोजन देखते ही इंसान चिल्ला सकता है। बिहार की एक 50 वर्षीय महिला भोजन देखते ही रोने लग जाती थीं। कुछ भी खाने के 15 मिनट बाद ही महिला के पेट में तेज दर्द शुरू हो जाता था।

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जानकारी के अभाव में महिला दर्द कम करने के लिए महीनों पेनकिलर (दर्द निवारक) गोलियां खाती रही, लेकिन फायदा नहीं हुआ। दर्द की वजह जानने के लिए डॉक्टरों के भी पसीने छूट गए थे।
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आखिरकार, ये महिला दिल्ली के एक प्राइवेट अस्पताल बीएलके पहुंची। जांच के बाद पता चला कि महिला एबडोमिनल एनजाइना ग्रस्त है। वरिष्ठ कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉ. नीरज भल्ला ने बताया कि सिटी स्कैन और एंजियोग्राफी से पता चला कि महिला के शरीर में आधे से ज्यादा नसें ब्लॉक हैं।

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कुछ और द‌िन देर होती तो चलना फ‌िरना हो जाता बंद

woman starts screaming after seeing food on plate was suffering from abdominal angina cure in delhi
गीता देवी - फोटो : अमर उजाला

 आमतौर पर एंजियोग्राफी हृदय से जुड़े मामलों में ही की जाती है। शरीर में ऊपर से नीचे की ओर रक्त संचार करने वाली नसें भी 70 फीसदी बंद हो चुकी थी। अगर मरीज कुछ और दिन नहीं आता तो इसका चलना फिरना भी बंद हो जाता। इससे पहले भोजन नहीं करने से गीता देवी का हर दिन 100 से 150 ग्राम तक वजन कम हो रहा था।

गीता को यूं मिला जीवन
डॉक्टरों ने महिला का दो चरणों में इलाज किया। सबसे पहले गीता की आंत में खराब हुई दो में से एक नस को ट्रांसप्लांट किया। इसके बाद किडनी और हृदय की बंद पड़ी नसों का ब्लॉकेज दूर किया गया। संक्रमण फैलने से बचाव के लिए खराब नसों को हटा दिया गया। जब नसों ने काम करना शुरू कर दिया तो गीता को धीरे धीरे भोजन देना  शुरू किया गया।

पेट दर्द होने पर गोलियां न खाते रहें
डॉक्टरों का कहना है कि लोगों को इस तरह के मामलों से सबक लेना चाहिए। पेट दर्द होने पर केवल गोलियों के भरोसे रहना ठीक नहीं। अगर लंबे समय तक पेट में दर्द है तो तत्काल इसकी जांच करानी चाहिए। स्थानीय स्तर पर बीमारी के कारण का पता नहीं लगने पर बड़े शहर में जांच करवानी चाहिए।

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