समय पर नहीं मिला इलाज: बेटे को जन्म देने के बाद महिला की मौत, फिर भी किया रेफर; रास्ते में देते रहे इंजेक्शन
ग्रेटर नोएडा में एक महिला की प्रसव के बाद मौत हो गई। परिजनों का आरोपी है कि महिला को समय पर इलाज नहीं दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई। महिला की मौत के बाद भी डॉक्टरों ने उसे दूसरे अस्पताल में रेफर कर दिया।
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ग्रेटर नोएडा सेक्टर-115 स्थित सोहरखा गांव निवासी एक महिला की प्रसव के बाद संदिग्ध हालात में मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया है कि महिला की तबीयत बिगड़ने के बावजूद समय पर इलाज नहीं मिला। मौत होने के बाद भी उसे निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। सूचना पर पहुंची ईकोटेक-3 कोतवाली पुलिस ने हालात को नियंत्रित करने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया। जांच के लिए डीएम को पत्र लिखा है।
परिजन ज्ञानेंद्र ने बताया कि भाई रोहित दिल्ली स्थित एसडीएमसी में हार्टिकल्चर विभाग में नौकरी करते हैं। रोहित ने 28 जून की सुबह करीब 7:20 बजे अपनी पत्नी सपना कुमारी (28) को प्रसव पीड़ा होने पर निजी वाहन से सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद बताया कि डिलीवरी में अभी 15 दिन का समय बाकी है। इसी दौरान एक आशा कार्यकर्ता कुसुम ने उन्हें डिलीवरी जल्दी कराने का भरोसा दिलाया और महिला को ग्रेटर नोएडा के कुलेसरा स्थित नवजीवन अस्पताल ले गई।
अस्पताल ने समय रहते सही उपचार नहीं दिया
ज्ञानेंद्र के अनुसार, उसी रात करीब 11:40 बजे सपना ने एक बेटे को जन्म दिया। यह महिला की दूसरी संतान थी। उसकी पहली बेटी तीन साल की है। डिलीवरी के एक दिन बाद सपना की हालत बिगड़ने लगी, लेकिन अस्पताल ने समय रहते सही उपचार नहीं दिया। 29 जून की रविवार की रात लगभग 10:30 बजे महिला की हालत गंभीर हो गई। आनन-फानन में नवजीवन अस्पताल की ओर से सपना को सेक्टर-71 स्थित एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया।
मृत अवस्था में ही रेफर किया
परिजनों का आरोप है कि एंबुलेंस में रास्ते में उसे कई इंजेक्शन दिए गए, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। अस्पताल ने अपनी लापरवाही छिपाने के लिए सपना को मृत अवस्था में ही रेफर किया, जिससे यह दिखाया जा सके कि मौत दूसरे अस्पताल व रास्ते में हुई है। जैसे ही परिजनों को इस बात का शक हुआ, वह नवजीवन अस्पताल पहुंचे और वहां हंगामा किया।
बीपी बढ़ने के बाद उसे आईसीयू में भर्ती किया गया था
सूचना मिलने पर ईकोटेक-3 कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर शांति व्यवस्था कायम की। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी। सोमवार सुबह अस्पताल के बाहर परिजन ने हंगामा किया। एहतियातन अस्पताल परिसर के बाहर पुलिस तैनात रही। महिला का इलाज पहले कहीं चल रहा था। अस्पताल में भर्ती होने के बाद रविवार को बीपी बढ़ने के बाद उसे आईसीयू में भर्ती किया गया। आरोप है कि इसके बाद महिला को पहले रेफर किया गया। परिजन पहले कैलाश फिर उसे सेक्टर-66 ममूरा मार्क्स अस्पताल में इलाज शुरू होने से पहले मृत घोषित कर दिया गया।
परिजनों पर टूटा दुखों का पहाड़
पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। गांव में मृतका का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। इस घटना से रोहित का परिवार गहरे सदमे में है और महिला की तीन साल की बेटी अपनी मां को ढूंढ रही है। परिजनों की मांग है कि जांच के बाद अस्पताल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, जिससे आगे किसी और परिवार को इस प्रकार की पीड़ा न सहनी पड़े।
एसीपी सेंट्रल नोएडा बीएस वीर ने बताया कि मामले में परिजनों की ओर से लिखित शिकायत दी गई है और जांच के लिए जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर को पत्राचार किया गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा गठित जांच की रिपोर्ट आने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।