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‘स्वच्छ’ से डॉक्टरों को कम रहेगा कोरोना का खतरा, एनेस्थीसिया सोसाइटी ने की सराहना
Wed, 06 May 2020 01:57 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 06 May 2020 01:57 AM IST
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महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज
- फोटो : अमर उजाला
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महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के डॉ. अंशुल जैन ने ‘स्वच्छ’ नामक इंटुबेशन बॉक्स विद सक्शन डिवाइस बनाई है। मरीज की सांस की नली में ट्यूब डालने और नेबुलाइजेशन के दौरान इस डिवाइस का उपयोग करने से डॉक्टर में संक्रमण होने का खतरा बेहद कम होगा। इंडियन एनेस्थीसिया सोसाइटी ने इसकी सराहना करते हुए सबसे उपयुक्त इंटुबेशन बॉक्स बताया है।
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कोरोना वायरस की चपेट में आने वाले कई मरीजों को सांस लेने में दिक्कत होने की वजह से वेंटिलेटर पर रखना पड़ता है। ऐसे समय में मेडिकल कॉलेज के डॉ. अंशुल जैन ने इंटुबेशन बॉक्स विथ सक्शन डिवाइस तैयार की है।
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डॉ. अंशुल ने बताया कि जब कोविड मरीज की सांस की नली में ट्यूब डालते हैं तो गले का कफ बाहर निकलता है, जिसमें वायरस होते हैं। उन्होंने जो डिवाइस बनाई है, उसके उपयोग से कोरोना संक्रमित की सांस नली में जब ट्यूब डालते हैं तो बॉक्स में अंदर बने छिद्रों के जरिए वायरस सक्शन में चली जाएगी। इससे इलाज कर रहे डॉक्टर तक वायरस नहीं पहुंच पाएगा।
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डिवाइस में पारदर्शी शीट का प्रयोग किया गया है, ताकि ट्यूब डालने के दौरान किसी प्रकार की समस्या न हो और मरीजों को भी अंधेरा या घुटन महसूस न हो। खास बात ये है कि इस डिवाइस को स्ट्रेलाइजेशन के बाद दोबारा उपयोग में लाया जा सकता है। इस डिवाइस की कीमत महज दस हजार रुपये है।
डॉ. जैन ने अपनी पहली डिवाइस मेडिकल कॉलेज को इस्तेमाल के लिए दे दी है। इंडियन एनेस्थीसिया सोसाइटी ने काफी सराहना की है और इस तकनीक को राष्ट्रीय गाइडलाइन में शामिल किया जा रहा है।