क्या फिर से लागू होगा लॉकडाउन? गृहमंत्री से केजरीवाल की मुलाकात के बाद अटकलबाजी तेज
- सोशल मीडिया पर चर्चा तेज, कोरोना संक्रमण की तेज रफ्तार को काबू में करने के लिए फिर से लग सकता है लॉकडाउन
- पीआईबी ने इस तरह की खबरों को बताया अफवाह
विस्तार
क्या देश में एक बार फिर से लॉकडाउन लगाने की तैयारी की जा रही है? यह सवाल लोगों ने तब पूछना शुरू कर दिया जब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने देश के गृहमंत्री अमित शाह से बुधवार को मुलाकात की।
मुलाकात के बाद अरविंद केजरीवाल ने लॉकडाउन लगाने जैसा कोई संकेत तो नहीं दिया, लेकिन माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों पर चर्चा हुई।
अरविंद केजरीवाल ने मुलाकात के बाद ट्वीट किया कि केंद्र ने कोरोना की लड़ाई में पूरे सहयोग का आश्वासन दिया है। लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि कोरोना संक्रमण की भयावह होती स्थिति को देख लॉकडाउन लगाने का फैसला लिया जा सकता है।
हालांकि, केंद्र सरकार की सूचना शाखा पीआईबी ने इस तरह की खबरों को झूठ करार दिया है।
दरअसल, जून माह में कोरोना संक्रमण बड़ी तेजी से अपने पांव पसार रहा है। जून के पहले आठ दिनों में ही दिल्ली में 10 हजार से ज्यादा नये मामले सामने आ चुके हैं।
इस दौरान कोरोना से होने वाली मौतों का आंकड़ा भी बड़ी तेजी के साथ बढ़ रहा है। इसलिए कुछ लोग अनुमान लगा रहे हैं कि इन बढ़ते आंकड़ों को रोकने के लिए एक बार फिर लॉकडाउन लगाने का फैसला लिया जा सकता है।
दिल्ली सरकार ने क्या कहा
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बुधवार को अमर उजाला से विशेष बातचीत की। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के कारण लोगों के सामने कोरोना से ज्यादा गंभीर संकट रोजी-रोटी का खड़ा हो गया था।
लोगों की आर्थिक हालत खराब होने लगी। लोगों को अपनी नौकरियों को खोने का डर और तनाव इस हद तक बढ़ने लगा कि लोग मानसिक अवसाद के शिकार होने लगे थे।
डर इस बात का पैदा हो गया था कि अगर लॉकडाउन नहीं खोला गया, तो कोरोना से ज्यादा लोगों की मौत उनके बेरोजगार होने, आर्थिक बदहाली और तनाव पैदा होने के कारण हो सकती है। उन्होंने कहा कि इस तरह की परिस्थिति को देखते हुए ही सरकार को लॉक डाउन खोलना पड़ा।
अगर उपमुख्यमंत्री की बात को आधार मानें तो इस बात के आसार कम ही नजर आते हैं कि सरकार दुबारा लॉकडाउन लगाने का फैसला कर सकती है। केंद्र या राज्य, किसी भी तरफ से अभी तक लॉकडाउन को लेकर कोई संकेत भी नहीं दिए गये हैं।
हालांकि, जिन इलाकों में कोरोना के ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं, उन इलाकों में पाबंदी बढ़ाई जा सकती है।
केंद्र सरकार की सूचनाओं को साझा करने वाली संस्था पीआईबी ने मीडिया में चल रही इस तरह की खबरों को फेक करार दिया है। संस्था ने एक खबर का हवाला देते हुए कहा है कि देश में लॉकडाउन लगाने जैसा कोई फैसला नहीं लिया गया है।