फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Will the lockdown be implemented again, delhi CM Arvind Kejriwal meets Home Minister Arvind Kejriwal

क्या फिर से लागू होगा लॉकडाउन? गृहमंत्री से केजरीवाल की मुलाकात के बाद अटकलबाजी तेज

Thu, 11 Jun 2020 05:53 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Thu, 11 Jun 2020 05:53 PM IST
सार

  • सोशल मीडिया पर चर्चा तेज, कोरोना संक्रमण की तेज रफ्तार को काबू में करने के लिए फिर से लग सकता है लॉकडाउन              
  • पीआईबी ने इस तरह की खबरों को बताया अफवाह

विज्ञापन
Will the lockdown be implemented again, delhi CM Arvind Kejriwal meets Home Minister Arvind Kejriwal
Home Minister Amit Shah and Delhi CM Arvind Kejriwal - फोटो : ANI (File)

विस्तार

क्या देश में एक बार फिर से लॉकडाउन लगाने की तैयारी की जा रही है? यह सवाल लोगों ने तब पूछना शुरू कर दिया जब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने देश के गृहमंत्री अमित शाह से बुधवार को मुलाकात की।

विज्ञापन


मुलाकात के बाद अरविंद केजरीवाल ने लॉकडाउन लगाने जैसा कोई संकेत तो नहीं दिया, लेकिन माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों पर चर्चा हुई।
विज्ञापन


अरविंद केजरीवाल ने मुलाकात के बाद ट्वीट किया कि केंद्र ने कोरोना की लड़ाई में पूरे सहयोग का आश्वासन दिया है। लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि कोरोना संक्रमण की भयावह होती स्थिति को देख लॉकडाउन लगाने का फैसला लिया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


हालांकि, केंद्र सरकार की सूचना शाखा पीआईबी ने इस तरह की खबरों को झूठ करार दिया है। 
 
दरअसल, जून माह में कोरोना संक्रमण बड़ी तेजी से अपने पांव पसार रहा है। जून के पहले आठ दिनों में ही दिल्ली में 10 हजार से ज्यादा नये मामले सामने आ चुके हैं।

इस दौरान कोरोना से होने वाली मौतों का आंकड़ा भी बड़ी तेजी के साथ बढ़ रहा है। इसलिए कुछ लोग अनुमान लगा रहे हैं कि इन बढ़ते आंकड़ों को रोकने के लिए एक बार फिर लॉकडाउन लगाने का फैसला लिया जा सकता है।


 

दिल्ली सरकार ने क्या कहा 

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बुधवार को अमर उजाला से विशेष बातचीत की। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के कारण लोगों के सामने कोरोना से ज्यादा गंभीर संकट रोजी-रोटी का खड़ा हो गया था।

लोगों की आर्थिक हालत खराब होने लगी। लोगों को अपनी नौकरियों को खोने का डर और तनाव इस हद तक बढ़ने लगा कि लोग मानसिक अवसाद के शिकार होने लगे थे।

डर इस बात का पैदा हो गया था कि अगर लॉकडाउन नहीं खोला गया, तो कोरोना से ज्यादा लोगों की मौत उनके बेरोजगार होने, आर्थिक बदहाली और तनाव पैदा होने के कारण हो सकती है। उन्होंने कहा कि इस तरह की परिस्थिति को देखते हुए ही सरकार को लॉक डाउन खोलना पड़ा। 


 
अगर उपमुख्यमंत्री की बात को आधार मानें तो इस बात के आसार कम ही नजर आते हैं कि सरकार दुबारा लॉकडाउन लगाने का फैसला कर सकती है। केंद्र या राज्य, किसी भी तरफ से अभी तक लॉकडाउन को लेकर कोई संकेत भी नहीं दिए गये हैं।

हालांकि, जिन इलाकों में कोरोना के ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं, उन इलाकों में पाबंदी बढ़ाई जा सकती है। 
 
केंद्र सरकार की सूचनाओं को साझा करने वाली संस्था पीआईबी ने मीडिया में चल रही इस तरह की खबरों को फेक करार दिया है। संस्था ने एक खबर का हवाला देते हुए कहा है कि देश में लॉकडाउन लगाने जैसा कोई फैसला नहीं लिया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed