फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Why the ban: Delhiites burst fireworks... a lot of bombs and firecrackers went off till late night.

काहे का प्रतिबंध : दिल्लीवालों ने जमकर की आतिशबाजी... देर रात तक खूब चले बम-पटाखे, अब जहरीली हवा करेगी परेशान

Fri, 01 Nov 2024 02:52 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 01 Nov 2024 02:52 AM IST
सार

बम-पटाखे फोड़ने का सिलसिला देर रात तक चलता रहा। नतीजा, आसमान में जहरीले धुएं के बादल छा गये। आतिशबाजी के कारण दिल्ली की वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंच गई।

विज्ञापन
Why the ban: Delhiites burst fireworks... a lot of bombs and firecrackers went off till late night.
दीपावली पर जमकर की गई आतिशबाजी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्लीवालों ने कल देर रात तक तमाम प्रतिबंधों को धुएं में उड़ाते हुए बेखौफ होकर और जमकर आतिशबाजी की। शाम से शुरू हुआ बम-पटाखे फोड़ने का सिलसिला देर रात तक चलता रहा। नतीजा, आसमान में जहरीले धुएं के बादल छा गये। आतिशबाजी के कारण दिल्ली की वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंच गई। रात 10 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 330 दर्ज किया गया। हवा में जहर घुलने से स्वास्थ्य और खास तौर से श्वास संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। 

विज्ञापन


आनंद विहार सहित प्रमुख क्षेत्रों में एक्यूआई ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गया। शहर की आबो हवा में पीएम 2.5 की सांद्रता बढ़ गई, जिससे श्वसन स्वास्थ्य के लिए खतरनाक स्थिति पैदा हो गई।
विज्ञापन

 
पिछले वर्ष दिवाली पर आसमान साफ था और अनुकूल मौसमी संबंधी परिस्थितियों के कारण एक्यूआई 218 दर्ज किया गया था। मगर इस साल दिवाली पर शहर में प्रदूषण का स्तर फिर से अपने चरम पर पहुंच गया। प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों, पराली जलाने और वाहनों से निकलने वाले धुएं के कारण स्थिति और खराब हो गई और आतिशबाजी ने हवा में जहर घोलने का काम किया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


खबरों के मुताबिक पूर्वी और पश्चिमी दिल्ली में प्रतिबंध धड़ल्ले से उल्लंघन किया गया और जौनपुर, पंजाबी बाग, बुराड़ी और ईस्ट ऑफ कैलाश जैसे इलाकों में आतिशबाजी से आसमान जगमगा उठा। नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम सहित दिल्ली के आसपास के क्षेत्रों की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर रही और इन शहरों में एक्यूआई ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज किया गया जबकि फरीदाबाद में एक्यूआई 181 दर्ज किया गया। दिल्ली का बीते 24 घंटे का औसत एक्यूआई 330 दर्ज किया गया, जो पिछले दिन 307 था। धुंध से भरे आसमान ने 2020 के ‘गंभीर’ प्रदूषण की यादें ताजा कर दीं, क्योंकि रात नौ बजे पीएम 2.5 और पीएम 10 का स्तर क्रमश: 145.1 और 272 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक बढ़ गया। 

बढ़ते प्रदूषण का मुकाबला करने के लिए दिल्ली सरकार ने लगातार पांचवें साल भी राष्ट्रीय राजधानी में पटाखों के निर्माण, भंडारण, बिक्री और इस्तेमाल पर व्यापक प्रतिबंध की घोषणा की है। दिवाली की पूर्व संध्या पर, दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने घोषणा की थी कि राष्ट्रीय राजधानी में पटाखों पर प्रतिबंध क्रियान्वित करने के लिए 377 टीम गठित की गई हैं।
 
हालांकि दिल्ली सरकार ने पटाखों पर प्रतिबंध का अनुपालन कराने के लिए 377 प्रवर्तन दल गठित किए थे और स्थानीय संघों के माध्यम से जागरूकता फैलाई थी। इसके बावजूद पूर्वी और पश्चिमी दिल्ली के इलाकों में बड़े पैमाने पर प्रतिबंधों का उल्लंघन हुआ। 


एक अधिकारी ने बताया कि पटाखे जलाते पाये जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकारी आदेशों का उल्लंघन करने के लिए उन पर बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) की संबंधित धाराओं के तहत भी मामला दर्ज किया जा सकता है। अब सरकारी आंकड़ों से पता चलेगा कि प्रतिबंध के उल्लंघन पर किस हद तक कार्रवाई हुई। 

दिल्ली में दिवाली के अवसर पर एक्यूआई

  • 2023 में 218
  • 2022 में 312
  • 2021 में 382
  • 2020 में 414
  • 2019 में 337
  • 2018 में 281
  • 2017 में 319
  • 2016 में 431
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed