कुमार विश्वास को क्यों नहीं मिला राज्य सभा टिकट, एक बड़े नेता ने खोला राज
आप को तोड़ने के षड्यंत्र का सूत्रधार है विश्वास
-आप का कुमार विश्वास पर तीखा हमला
-पार्टी को खत्म करने के षड्यंत्र का लगाया आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राज्य सभा चुनाव के टिकट बंटवारे पर मचे हंगामे के बीच आम आदमी पार्टी (आप) ने पहली बार अपने ही नेता कुमार विश्वास पर हमला बोलते उन्हें टिकट न दिए जाने के कारणों का खुलासा किया है।
तीनों उम्मीदवारों के चयन पर कार्यकर्ताओं के बीच पार्टी का पक्ष रख रहे दिल्ली प्रदेश संयोजक गोपाल राय ने विश्वास पर ने केवल आप को खत्म करने का आरोप लगाया, बल्कि ये भी कहा कि वे आप को तोड़ने की साजिश के सूत्रधार हैं।
बकौल गोपाल राय, एमसीडी चुनाव के बाद से विश्वास ने हर फोरम पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व आप को बदनाम किया है। ऐसे में वह राज्य सभा जाकर भी पार्टी को खत्म करने का मंच बनाते।
सोशल मीडिया पर आप कार्यकर्ताओं का कुमार विश्वास का चयन न करने के आरोपों पर सफाई देते हुए कहा कि एमसीडी चुनाव से पहले पार्टी में कुमार विश्वास को राज्य सभा भेजने पर सहमति थी। इसकी जानकारी विश्वास को भी दे दी गई। गोपाल राय का आरोप है कि दिक्कत इसके बाद ही शुरू हुई।
ऐसे शुरु हुआ षड़यंत्र
गोपाल राय के मुताबिक, इसी कड़ी में विश्वास ने केजरीवाल और आप के विरोध में एक वीडियो जारी किया। बावजूद इसके पार्टी ने उनको राष्ट्रीय परिषद और आप के राष्ट्रीय सम्मेलन में बोलने का मौका दिया, लेकिन विश्वास ने इस मंच का इस्तेमाल भी आप को तोड़ने के लिए किया।
विश्वास ने भाजपा व कांग्रेस के भ्रष्टाचार पर न बोलकर आप के खिलाफ ही अपनी बात रखी। गोपाल राय ने कार्यकर्ताओं से सवाल किया कि क्या ऐसे शख्स को पार्टी राज्य सभा भेज दे जो आप को तोड़ने के षड्यंत्र का सूत्रधार है।
टिकट बेचने के आरोपों का भी गोपाल राय ने दिया जवाब
राज्य सभा में उससे पार्टी के हक में बोलने की क्या उम्मीद की जा सकती है। इसकी क्या गारंटी है कि वह वहां पार्टी को तोड़ने का मंच नहीं बना लेगा। गोपाल राय ने बताया कि ऐसे हालातों में पार्टी ने विश्वास को टिकट देना उपयुक्त नहीं समझा।
गोपाल राय ने कहा कि फिलहाल आरोप लग रहे हैं कि अरविंद केजरीवाल ने 50 करोड़ रुपये में टिकट बेच दिया है। कार्यकर्ताओं को तसल्ली से सोचने की नसीहत देते हुए उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के सिस्टम को बचाने के लिए भ्रष्टाचारी आखिरी लड़ाई लड़ रहे हैं।
इसी वजह से हर तीसरे महीने आप को बदनाम करने की कोशिशें होती हैं। गोपाल राय ने कहा कि अगर केजरीवाल की नीयत में खोट होता तो वह दिल्ली सरकार के 40000 करोड़ रुपये के बजट में से हजारों-हजार करोड़ रुपये बना लेते। बिजली कंपनियों से सांठ-गांठ करके फंड जुटा लेते।
नीयत खराब होने पर केजरीवाल निजी स्कूलों, टैंकर माफियाओं, ड्रग्स माफिया के खिलाफ कार्रवाई नहीं करते। उन्होंने आरोप लगाने वाले को चेतावनी दी कि हिम्मत है तो बेवजह आप को बदनाम करने की जगह सारी एजेंसियों से जांच करा लो। सारा मसला अपने आप ही सामने आ जाएगा।