फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Why Delhi Police aware from allegations of Tharoor in sunanda Murder case.

थरूर के आरोपों से क्यों सावधान हुई दिल्ली पुलिस

Thu, 15 Jan 2015 08:47 AM IST
Updated Thu, 15 Jan 2015 08:47 AM IST
विज्ञापन
Why Delhi Police aware from allegations of Tharoor in sunanda Murder case.

पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर के आरोपों से दिल्ली पुलिस सावधान हो गई है। दिल्ली पुलिस अब शशि थरूर के घरेलू नौकर नारायण सिंह, ड्राइवर बजरंग समेत तमाम स्टाफ की मेडिकल जांच करा रही है।

विज्ञापन


दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ही मानते हैं कि थरूर के आरोपों से बचने के लिए सुनंदा पुष्कर हत्या मामले की जांच के लिए बनी एसआईटी (विशेष जांच दल) ऐसा कर रही है।
विज्ञापन


सूत्रों का कहना है कि मेडिकल जांच में नारायण सिंह के शरीर पर मारपीट आदि किसी तरह की चोटें नहीं मिली हैं। दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस के एक बडे़ अधिकारी की मानें तो एसआईटी सुनंदा पुष्कर हत्या मामले में वही कर रही है जो उसे ऊपर से आदेश मिलते हैं। अब सवाल ये उठता है कि पुलिस मुख्यालय से आदेश देने वाला अफसर कौन हैं और इस अफसर को कहां से आदेश मिल रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

ई-मेल के जरिए लगाए थे आरोप

Why Delhi Police aware from allegations of Tharoor in sunanda Murder case.

गौरतलब है कि सुनंदा पुष्कर के पति शशि थरूर ने 14 नवंबर को दिल्ली पुलिस आयुक्त भीमसेन बस्सी को एक मेल भेजकर आरोप लगाए थे कि मामले की जांच कर रहे पुलिस अफसर ने उनके घरेलू नौकर नारायण सिंह के साथ मारपीट की और उसे इसलिए प्रताड़ित किया जा रहा है कि ताकि वह ये कबूल कर सके कि उसने व शशि थरूर ने सुनंदा पुष्कर की हत्या की है।


इन आरोपों के बाद अब हत्या का मामला दर्ज होने पर एसआईटी जब भी नारायण सिंह व बजरंग समेत अन्य लोगों को पूछताछ के लिए बुलाती है तो पूछताछ में शामिल होने से पहले और पूछताछ के बाद उनकी मेडिकल जांच कराती है, ताकि थरूर कोई आरोप न लगा सकें।

एसआईटी नारायण व बजरंग से दो से तीन बार की पूछताछ कर चुकी है और हर बार उनकी मेडिकल जांच कराई गई है। ये गौरतलब है कि ये दिल्ली पुलिस के प्रयास में आ चुका है कि पूछताछ के लिए बुलाए जाने वाले व्यक्ति की दिल्ली पुलिस शायद ही मेडिकल जांच कराती है।

दिल्ली पुलिस मुख्यालय में बैठने वाले एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एसआईटी को जांच के लिए ऊपर से निर्देश दिए जाते हैं। निर्देश मिलने के बाद एसआईटी जांच करती है। एसआईटी अपने हिसाब से कोई जांच नहीं करती। एसआईटी सिर्फ डमी बनकर रह गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed