थरूर के आरोपों से क्यों सावधान हुई दिल्ली पुलिस
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पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर के आरोपों से दिल्ली पुलिस सावधान हो गई है। दिल्ली पुलिस अब शशि थरूर के घरेलू नौकर नारायण सिंह, ड्राइवर बजरंग समेत तमाम स्टाफ की मेडिकल जांच करा रही है।
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ही मानते हैं कि थरूर के आरोपों से बचने के लिए सुनंदा पुष्कर हत्या मामले की जांच के लिए बनी एसआईटी (विशेष जांच दल) ऐसा कर रही है।
सूत्रों का कहना है कि मेडिकल जांच में नारायण सिंह के शरीर पर मारपीट आदि किसी तरह की चोटें नहीं मिली हैं। दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस के एक बडे़ अधिकारी की मानें तो एसआईटी सुनंदा पुष्कर हत्या मामले में वही कर रही है जो उसे ऊपर से आदेश मिलते हैं। अब सवाल ये उठता है कि पुलिस मुख्यालय से आदेश देने वाला अफसर कौन हैं और इस अफसर को कहां से आदेश मिल रहे हैं।
ई-मेल के जरिए लगाए थे आरोप
गौरतलब है कि सुनंदा पुष्कर के पति शशि थरूर ने 14 नवंबर को दिल्ली पुलिस आयुक्त भीमसेन बस्सी को एक मेल भेजकर आरोप लगाए थे कि मामले की जांच कर रहे पुलिस अफसर ने उनके घरेलू नौकर नारायण सिंह के साथ मारपीट की और उसे इसलिए प्रताड़ित किया जा रहा है कि ताकि वह ये कबूल कर सके कि उसने व शशि थरूर ने सुनंदा पुष्कर की हत्या की है।
इन आरोपों के बाद अब हत्या का मामला दर्ज होने पर एसआईटी जब भी नारायण सिंह व बजरंग समेत अन्य लोगों को पूछताछ के लिए बुलाती है तो पूछताछ में शामिल होने से पहले और पूछताछ के बाद उनकी मेडिकल जांच कराती है, ताकि थरूर कोई आरोप न लगा सकें।
एसआईटी नारायण व बजरंग से दो से तीन बार की पूछताछ कर चुकी है और हर बार उनकी मेडिकल जांच कराई गई है। ये गौरतलब है कि ये दिल्ली पुलिस के प्रयास में आ चुका है कि पूछताछ के लिए बुलाए जाने वाले व्यक्ति की दिल्ली पुलिस शायद ही मेडिकल जांच कराती है।
दिल्ली पुलिस मुख्यालय में बैठने वाले एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एसआईटी को जांच के लिए ऊपर से निर्देश दिए जाते हैं। निर्देश मिलने के बाद एसआईटी जांच करती है। एसआईटी अपने हिसाब से कोई जांच नहीं करती। एसआईटी सिर्फ डमी बनकर रह गई है।