जब मोदी ने इस परिवार का दर्द बांटा तो छलक पड़े आंसू
रविवार को जब प्रधानमंत्री मोदी रेडियो पर मन की बात कर रहे थे तो वहीं दिल्ली के एक परिवार के अंदर उम्मीद जगी कि अब शायद कोई सड़क पर तड़पते हुए नहीं मरेगा,जैसे उनका बेटा मर गया।
ये परिवार किसी और का नहीं बल्कि उस 20 साल के बीबीए स्टूडेंट का जिसने सड़क पर तड़पते हुए दम तोड़ दिया था। वह सड़क पर पड़ा कराहता रहा, लोग निकलते रहे, गाड़ियां निकलती रहीं लेकिन किसी ने उसकी मदद करने की कोशिश नहीं की।
दो दिन पहले ही विनय नाम के इस छात्र की बहन की शादी थी। प्रधानमंत्री मोदी ने परिवार के दर्द को मन की बात का हिस्सा बनाते हुए कहा था कि देशभर में हादसों के संबंध में जानकारी देने के लिए टोल-फ्री नंबर-1033 एंबुलेंस की व्यवस्था है।
लेकिन ये सारी बातें दुर्घटना के बाद की हैं। एक-एक जान बहुत प्यारी होती है, एक-एक जीवन बहुत प्यारा होता है, उस रूप में उसको देखने की आवश्यकता है।
उन्हें खुशी है कि उनका दर्द पीएम ने साझा किया
विनय के परिवार को ये जानकर खुशी है कि इस दुख भरी घड़ी में प्रधानमंत्री ने उन्हें याद किया। उनकी बात देश के सामने रखी। वह प्रधानमंत्री का धन्यबाद करते हैं।
विनय के अंकल महेन्द्र गुप्ता कहते हैं ये सम्मान की बात है कि इस दुख की घड़ी में प्रधानमंत्री ने उनकी बात की। हम आश्चर्यचकित है कि पीएम ने इस केस के लिए वक्त निकाला।
इससे ये भी पता चलता कि वो कितने संवेदनशील हैं। उनके ऊपर पूरे देश की जिम्मेदारी है और ऐसे में उन्होंने हमारे दुःख को बांटा ये बड़ी बात है।
जब मुझे पता चला तो मेरी आंखों में आंसू आ गए
उन्होंने अनुरोध किया कि लोग एक-दूसरे की मदद करें। चाहें वो सड़क पर ही क्यों ना जा रहे हों। इससे किसी की जान बच सकती है।
महेन्द्र गुप्ता ने ये भी कहा कि मेरे बेटे के साथ ऐसा हुआ वो किसी के भी साथ नहीं होना चाहिए। आगे वो कहते हैं कि जब मुझे पता चला कि प्रधानमंत्री जी ने हमारा दुख साझा किया है तो मेरी आंखों में आंसू आ गए।
उन्होंने पूरे परिवार को मिलने के लिए भी बुलाया है और मैं उन्हें देखने के लिए जरूर जाउंगा।
विनय की विधवा मां को नौकरी दे दें पीएम
महेन्द्र ने ये भी कहा कि वो पीएम से विनय की मां के लिए नौकरी और सहायता की बात भी करुंगा जिससे वो अपनी जिंदगी गुजार सकें।
विनय घर में अकेला लड़का था, और उसकी मां विधवा हैं। आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने इस कार्यक्रम 'मन की बात'में 'सड़क पर सुरक्षा'पर बात की थी।
प्रधानमंत्री ने कहा था कि सरकार पहले 50 घंटे में कैशलेस ट्रीटमेंट की कोशिश करेगी इसके साथ ही रोड सेफ्टी बिल पर लाया जाएगा।