'अदालत को गुमराह कर रहा व्हाट्सऐप, लंबे समय तक रखता है मैसेज'
व्हाट्सऐप द्वारा फेसबुक के साथ डाटा शेयर करने के खिलाफ दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया। व्हाट्सऐप ने तर्क रखा कि अकाउंट डिलीट करने के बाद उपयोगकर्ता की जानकारी उसके पास नहीं रहती।
वहीं याची ने इस तर्क का अदालत को गुमराह करने वाला बताया है।
मुख्य न्यायाधीश जी. रोहिणी व न्यायमूर्ति संगीता ढींगरा सहगल की खंडपीठ के समक्ष व्हाट्सऐप के अधिवक्ता ने कहा कि एक बार अगर कोई अपना अकाउंट डिलीट कर दें तो उस व्यक्ति के बारे में उनके सर्वर में जानकारी नहीं रहती है।
डाटा शेयर करने के आरोप याचिका पर फैसला सुरक्षित
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने इस तर्क को गलत बताते हुए आरोप लगाया कि व्हाट्सऐप अदालत को गुमराह कर रहा है।
उन्होंने कहा कि व्हाट्सऐप ने हाल ही में स्वयं माना था कि वह अपनी सर्विस बेहतर करने के लिए मैसेज को लंबे समय के लिए रखता है।
दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद अदालत ने मामले में अपना फैसला 23 सितंबर के लिए सुरक्षित रख लिया।