पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियां हिंदू रीति-रिवाज और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ दिल्ली में यमुना में विसर्जित कर दी गईं। इस दौरान भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि सोनिया विहार के तट पर अटल जी की अस्थियों का विसर्जन एक ऐतिहासिक क्षण है। इसलिए इस तट का नाम अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रखा जाए। मनोज तिवारी ने इसी कार्यक्रम की कुछ तस्वीरें अपने ट्विटर अकाउंट पर डाली हैं जो बहुत अजीब हैं और तेजी से वायरल हो रही हैं। (फोटोः मनोज तिवारी के ट्विटर अकाउंट से)
यमुना में अटलजी का अस्थि विसर्जन, नाव में दिखा अजीब हाथ, मनोज तिवारी बोले- दैवीय शक्ति में विश्वास
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दरअसल मनोज तिवारी ने अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थि विसर्जन की जो तस्वीर डाली है उसमें से एक अजीब है। उस तस्वीर में नाव पर भाजपा सांसद खड़े होकर अस्थि विसर्जन कर रहे हैं और नाव में से एक हाथ पानी में निकलता दिख रहा है। यह रहस्यमयी हाथ तस्वीरों में कहां से कैद हुआ यह हैरान करने वाला है। वहीं अन्य तस्वीरों व अमर उजाला के फोटोग्राफर द्वारा खींची गई फोटो में भी यह हाथ कहीं दिखाई नहीं देता।(फोटोः अमर उजाला)
मनोज तिवारी के ट्विटर अकाउंट से
इस तस्वीर पर मनोज तिवारी भी हैरान हैं। उनका कहना है कि वह दैवीय शक्तियों को मानते हैं और यह फोटो भी इशारा कर रहा है कि यमुना को साफ रखना है। बता दें कि सुबह करीब साढ़े दस बजे भाजपा कार्यकर्ता और सामाजिक संगठनों के सदस्य वजीराबाद रोड स्थित नानकसर गुरुद्वारे के पास एकत्र हुए। (फोटोः अमर उजाला)
आज नम आँखों से श्रद्धेय अटल जी की अस्थियाँ यमुना जी के पवित्र जल में विसर्जित की गई .. “अटल बिहारी घाट” कहलाएगा ये ऐतिहासिक यमुना तट.. pic.twitter.com/H3McgeTHVJ
कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने कहा कि अटल बिहारी बाजपेयी राष्ट्र भक्ति, समर्पण, दृढ़-निश्चय, उदार व्यक्तित्व और लोकप्रियता के धनी थे। देश के प्रति निष्ठा और ईमानदारी से कर्तव्यों का निर्वहन करके वे जननायक बन गए। यात्रा के संयोजक कुलजीत चहल ने कहा कि उनकी कार्यशैली को जीवन में उतारना चाहिए। (फोटोः अमर उजाला)