'बहुत हो चुका मजाक, किसी को नहीं है पब्लिक का पैसा बर्बाद करने की इजाजत'
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यमुना के लिए बजट से बिना इजाजत फंड खर्च करने के मामले में दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने जमकर फटकार लगाई है। बेंच ने सुनवाई के दौरान प्राधिकरण की ओर से स्पष्ट जवाब नहीं मिलने पर टिप्पणी में कहा कि यहां बहुत मजाक हो चुका है।
हम किसी भी प्राधिकरण को पैसा बर्बाद करने की इजाजत नहीं दे सकते। इतना समय देने के बावजूद भी प्राधिकरण सही जवाब देने में विफल रहा है। आखिर दिल्ली जल बोर्ड ने दिल्ली गेट नाला पर ऐसा एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) क्यों लगाया जो पूरी तरह अपशिष्ट के शोधन में दक्ष नहीं है।
जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली बेंच ने मनोज मिश्रा बनाम दिल्ली सरकार व अन्य के मामले की सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की। बेंच ने डीजेबी के वकील से कहा कि वह पूरी तैयारी के साथ मंगलवार को स्पष्ट निर्देश लेकर ट्रिब्यूनल के समक्ष हाजिर हों। हम किसी भी तरह का बहाना नहीं चाहते हैं। डीजेबी बीते वित्त वर्ष और मौजूद वित्त वर्ष में सीवेज और जल से जुड़े खर्च का पूरा ब्योरा ट्रिब्यूनल के समक्ष पेश करे।
बेंच ने फटकार लगाते हुए कहा कि दिल्ली गेट नाला के जरिए बिना शोधन 30 से 35 फीसदी तक अपशिष्ट कैसे यमुना में जा रहा है? आपने खुद ट्रिब्यूनल में स्वयं शपथ पत्र देकर कहा था कि एक बूंद भी अपशिष्ट बिना शोधन यमुना में नहीं जाएगा।
रोक के आदेश के बावजूद आपने यमुना फंड का इस्तेमाल नए काम के लिए किया। बेंच ने इस दौरान दिल्ली गेट नाला पर एसटीपी लगाने वाले इंजीनियर को भी तलब किया है। बेंच ने कहा कि इंजीनियर जवाब दें कि आखिर यमुना में बिना शोधन अपशिष्ट की निकासी कैसे हो रही है।
मैली से निर्मल यमुना पुनरुद्धार योजना- 2017 की मॉनिटरिंग एनजीटी कर रहा है। बीते वर्ष डीजेबी ने आदेश के बावजूद बिना ट्रिब्यूनल की इजाजत के 15 एमजीबी वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट प्लांट दिल्ली गेट नाला पर लगाया था। डीजेबी के मुताबिक, इस प्लांट के लिए 204 करोड़ रुपये खर्च किया गया था। इसका मकसद पुरानी दिल्ली के प्रदूषित पानी को शोधित करना था।
मालूम हो इस जानकारी के बाद बीते वित्त वर्ष में ही एनजीटी ने डीजेबी को यमुना बजट से एक पाई भी न खर्च करने का आदेश दिया था। वहीं अपने निर्देश में कहा था कि बीते वित्त वर्ष का बचा हुआ फंड मौजूदा वित्त वर्ष के दौरान निर्मल यमुना के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।