Delhi Flood Update: यमुना का जलस्तर बढ़ा, खतरे के निशान के नजदीक; हथिनीकुंड बैराज से नदी में छोड़ा गया पानी
आज सुबह आठ बजे ओल्ड रेलवे ब्रिज पर यमुना नदी का जलस्तर 203.33 मीटर दर्ज किया गया। नदी का चेतावनी स्तर 204.50 मीटर है।
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यमुना का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। इससे नदी के निचले हिस्से में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। राजधानी में आज सुबह आठ बजे ओल्ड रेलवे ब्रिज पर यमुना नदी का जलस्तर 203.33 मीटर दर्ज किया गया। नदी का चेतावनी स्तर 204.50 मीटर है। हथिनीकुंड बैराज से आज सुबह 8 बजे 2.79 लाख क्यूसेक पानी यमुना नदी में छोड़ा गया।
यमुना नदी चेतावनी स्तर के करीब पहुंच गई है। दोपहर 12 बजे पुराने रेलवे ब्रिज पर नदी का जलस्तर 204.36 मीटर रिकार्ड किया गया। नदी का चेतावनी स्तर 204.50 मीटर है। हथिनीकुंड बैराज से लगातार नदी में पानी छोड़े जाने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हो रही है। दोपहर 12 बजे बैराज से 2,17,003 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।Delhi | At 8 am, the water level of river Yamuna recorded at 203.33 metres at Old Railway Bridge. Warning level of the river is 204.50 metres.
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2.79 lakh cusecs of water released from Hathinkund Barrage into river Yamuna today at 8 am. — ANI (@ANI) July 10, 2023
लोक निर्माण विभाग मंत्री आतिशी ने यमुना नदी का निरीक्षण किया। आतिशी ने कहा बारिश के कारण पीछे से यमुना नदी में भारी मात्रा में पानी आ रहा है। कल सुबह तक जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर पहुंच जाएगा। हमने स्थिति पर नजर बनाई हुई है। जो लोग पानी के करीब रहते हैं उन्हें रेस्क्यू किया जा रहा है। अभी स्थिति नियंत्रण में है। आज मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने समीक्षा बैठक बुलाई है।
तेजी से बढ़ रहा है यमुना का जलस्तर
प्रशासन की तरफ से जानकारी मिली है कि फिलहाल सरकार की तरफ से अबतक लोगों को यमुना से निकालने का आदेश नहीं जारी किया गया है। निगरानी के लिए यमुना के पुस्तों पर सिविल डिफेंस कर्मियों को तैनात किया गया है। ये आदेश का इंतजार कर रहे हैं। जैसे ही आदेश मिलेगा तुरंत किनारे पर बसे लोगों को निकलने के लिए कह दिया जाएगा।
वहीं, प्रशासन ने रविवार शाम को ही यमुना खादर इलाके में मुनादी करानी शुरू कर दी थी। लोगों के लिए ऊपरी इलाके में टेंट लगाने शुरू कर दिए गए। यमुना खादर क्षेत्र में खेती करने वाले लोगों को पानी पर नजर बनाए रखने के लिए कहा गया है।
पीडब्ल्यूडी मंत्री आतिशी ने फ्लड कंट्रोल विभाग को सतर्क रहने के लिए कहा है। यमुना के आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित दूसरे स्थानों पर भेजने का काम शुरू कर दिया गया है। दिल्ली सरकार की तरफ से जानकारी दी गई है कि बाढ़ के बचाव के लिए जितने भी उपकरण इस्तेमाल किए जाते हैं उनका भी निरीक्षण किया जा चुका है। दिल्ली के अंदर 16 कंट्रोल रूम बनाए गए हैं, जहां 24 घंटे सीसीटीवी कैमरे की मदद से निगरानी की जा रही है। दिल्ली सरकार नदी क्षेत्र में रहने वाले लोगों के रहने व खाने का इंतजाम कर रही है।
205.33 मीटर है खतरे का निशान
रविवार को शाम पांच बजे तक पुराने लोहा पुल के पास यमुना का जलस्तर करीब 203.57 मीटर तक मापा गया। यहां चेतावनी का स्तर 204.5 मीटर है और 205.33 मीटर खतरे का निशान अंकित किया गया है।
1978 में आई थी भयंकर बाढ़
दिल्ली में 1978 में भयंकर बाढ़ आई थी, उस साल हथिनी कुंड बैराज से एक साथ 224390 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, जिसके कारण लोहा पुल पर यमुना का जलस्तर 207.49 मीटर तक पहुंच गया था। इसके बाद 2010 और 2013 में भी दिल्ली में बाढ़ आई थी, दोनों बार लोहा पुल पर यमुना का जलस्तर 207 मीटर के पार चला गया था।