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हम कुछ भी क्यों छिपाएंगे?: राजेंद्र नगर हादसे पर बोले एडिशनल डीसीपी, छात्रों का प्रदर्शन जारी; जांच के आदेश

Sun, 28 Jul 2024 07:01 AM IST
विजय पुंडीर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Sun, 28 Jul 2024 07:01 AM IST
सार

हादसे के लिए भाजपा दिल्ली सरकार को जिम्मेदार ठहरा रही है। भाजपा का कहना है कि यह साफ तौर पर नालों की सफाई न होने के कारण हुई दुर्घटना है। जल बोर्ड मंत्री आतिशी और स्थानीय विधायक दुर्गेश पाठक को जिम्मेदारी लेनी चाहिए और इस्तीफा देना चाहिए।

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Water filled in the basement of the building of Rao UPSC Coaching Center in Old Rajendra Nagar area
राजेंद्र नगर हादसा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सिविल सर्विस की तैयारी कराने वाले राव आईएएस स्टडी सेंटर के बेसमेंट की लाइब्रेरी में पानी भरने से दो छात्राओं व एक छात्र की मौत हो गई। मूसलाधार बारिश के चलते मुख्य रोड पर पानी भर गया और तल नीचे होने से ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित सेंटर के बेसमेंट में भरने लगा। पढ़ाई कर रहे प्रतियोगी छात्र-छात्राएं जान बचाने के लिए सीढ़ी के रास्ते भागने लगे। इस दौरान चार-पांच छात्र-छात्राएं फंस गए। इनमें से तीन की मौत हो गई। एक छात्रा की पहचान तेलंगाना की तान्या के रूप में हुई है। 

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दोषियों पर हो कड़ी कार्रवाई
घटना को लेकर एक छात्र ने कहा कि एमसीडी का कहना है कि यह आपदा है, लेकिन मैं कहूंगा कि यह पूरी तरह से लापरवाही है। आधे घंटे की बारिश में घुटनों तक पानी भर जाता है। आपदा कभी-कभी होती है। मेरे मकान मालिक ने कहा कि वह पिछले 10-12 दिनों से पार्षद से कह रहा था कि नाले की सफाई होनी चाहिए।
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पहली मांग यह है कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। तत्काल मांग यह है कि घायलों और मौतों की वास्तविक संख्या बताई जाए। आपदा प्रबंधन के लोगों ने मुझे बताया कि 8-10 लोग मारे गए हैं। यह दावा एक छात्र ने किया जो कल रात एक कोचिंग संस्थान के बेसमेंट में पानी भरने और तीन छात्रों की जान जाने के बाद एमसीडी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहा था।
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यहां सुरक्षा के नाम पर कुछ नहीं
एक यूपीएससी अभ्यर्थी ने कहा कि हमारी मांग है कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। यहां बेसमेंट में खोली गई ये सारी चीजें अवैध रूप से संचालित की जा रही हैं और सुरक्षा के कोई उपाय नहीं हैं। इसलिए इन सब चीजों को बंद किया जाना चाहिए और कार्रवाई की जानी चाहिए।
 

ओल्ड राजेंद्र नगर में हुई घटना पर दिल्ली पुलिस ने एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि खोज और बचाव अभियान खत्म हो चुका है। तीन शव बरामद किए गए हैं। उनके परिवारों को सूचित कर दिया गया है। मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है।

ओल्ड राजेंद्र नगर हादसे पर एडिशनल डीसीपी सचिन शर्मा ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों से कहा कि तीन लोगों की मौत हो गई है। हम कुछ भी क्यों छिपाएंगे? हम आपको आश्वासन देते हैं कि हम कानूनी रूप से जो भी संभव होगा। वो करेंगे। जांच जारी है। कल एक कोचिंग संस्थान के बेसमेंट में पानी भर जाने से 3 छात्रों की जान चली गई।



बेसमेंट में बंद हों सारी लाइब्रेरी
यूपीएससी की तैयारी कर रहे अभ्यार्थी अमन शुक्ला ने कहा कि हमारी मांग है कि सबसे पहले, बेसमेंट में अवैध रूप से बनी ये सारी लाइब्रेरी बंद होनी चाहिए। एमसीडी को देखना चाहिए कि समस्या कहां है, यह पहली बार नहीं है जब यहां पानी भरा है। पिछली बार जब बारिश हुई थी, तो कारें पानी में तैर रही थीं। एक साल में उन्होंने कुछ नहीं किया। अभी तक कोई वरिष्ठ अधिकारी यहां नहीं आया है।

ओल्ड राजेंद्र नगर हादसे के बाद छात्रों ने दिल्ली सरकार, एमसीडी और उस कोचिंग संस्थान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जहां बीते शनिवार रात को संस्थान के बेसमेंट में पानी भर जाने से तीन छात्रों की मौत हो गई। 
 
पुलिस अधिकारियों के अनुसार शाम करीब 6:30 बजे हुए हादसे के वक्त बेसमेंट में करीब 35 छात्र-छात्राएं थे। सेंटर प्रबंधन ने शुरुआत में खुद ही बचाव के प्रयास किए, मगर पानी तेजी से भरने लगा तो पुलिस व दमकल विभाग को सूचना दी गई। करीब सात बजे बचाव दल पहुंच गया। अंधेरा होने के चलते बचाव कार्य में खासी परेशनी हुई। हालात बिगड़ने पर एनडीआरएफ की टीम भी बुलाई गई। पंप के सहारे पानी निकालने के साथ एनडीआरएफ के गोताखोरों ने तलाश शुरू की, तो तीन शव मिले। देर रात तक दमकल की सात गाड़ियां पानी निकालने में लगी हुई थीं। घटनास्थल के बाहर काफी भीड़ जमा हो गई है और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। छात्रों के एक समूह ने एमसीडी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।   हादसे के लिए भाजपा दिल्ली सरकार को जिम्मेदार ठहरा रही है। भाजपा का कहना है कि यह साफ तौर पर नालों की सफाई न होने के कारण हुई दुर्घटना है और नाले का पानी कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में बहुत तेजी घुसा। इस दुर्घटना के लिए दिल्ली सरकार की आपराधिक लापरवाही जिम्मेदार है। जल बोर्ड मंत्री आतिशी और स्थानीय विधायक दुर्गेश पाठक को जिम्मेदारी लेनी चाहिए और इस्तीफा देना चाहिए।

नई दिल्ली सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा, 'यह बच्चे यहां अपना भविष्य सवांरने आए थे लेकिन दिल्ली की सरकार ने स्थानीय लोगों की एक नहीं सुनी। यहां के विधायक दुर्गेश पाठक से कहा जा रहा था कि वे नाले की सफाई करवाएं लेकिन इसे नहीं करवाया गया। बेसमेंट में पूरा पानी भर चुका है और अंदर के फर्नीचर तैर रहे हैं। इस मृत्यु की जिम्मेदार केजरीवाल सरकार है।'

ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित राव आईएएस स्टडी सेंटर में छात्राओं की मौत मामले की मजिस्ट्रेट से जांच होगी। दिल्ली सरकार ने मुख्य सचिव को आदेश देकर 24 घंटे में रिपोर्ट देने को कहा है। राजस्व मंत्री आतिशी ने आदेश जारी करते हुए कहा कि बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना है और तत्काल जांच की जानी चाहिए। सभी संबंधित अधिकारियों को तुरंत मौके पर पहुंचने और सभी आवश्यक उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव मामले की तुरंत मजिस्ट्रेट जांच शुरू करें और 24 घंटे में रिपोर्ट प्रस्तुत करें। साथ ही, जिन लोगों की लापरवाही के कारण यह घटना हुई है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। दोषियों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाए।


मंत्री आतिशी के मजिस्ट्रेट जांच के आदेश पर एक छात्र ने कहा, 'जिम्मेदारी लेने वाला कोई नहीं है। हम चाहते हैं कि सरकार से कोई यहां आए और उन सभी छात्रों की जिम्मेदारी ले, जिन्होंने अपनी जान गंवाई है। वे अपने एसी कमरों से ट्वीट करके या पत्र लिखकर किस का भविष्य सुधार रहे हैं?'

दिल्ली की मेयर शैली ओबेरॉय ने कहा कि इस घटना की जानकारी मिलते ही विधायक दुर्गेश पाठक और मैं तुरंत यहां आए। हमने सुना है कि अचानक नाला या सीवर फट गया और बेसमेंट में पानी भर गया। जांच और बचाव कार्य चल रहा है। कुछ समय में सब कुछ साफ हो जाएगा। एमसीडी या कोई अन्य विभाग जो भी जिम्मेदार होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। यह आरोप लगाने का समय नहीं है। हमें राजनीति से ऊपर उठकर कार्रवाई करनी चाहिए।

आप विधायक दुर्गेश पाठक ने कहा, 'यह लो-लाइन एरिया है। इस लाइन से पानी बहता है। नाला या सीवर टूट गया है और पानी बेसमेंट में भर गया है। टीमें अपना काम कर रही हैं। भाजपा को भी जवाब देना चाहिए कि उन्होंने क्या किया। पिछले 15 सालों से वे पार्षद हैं, फिर भी नाला क्यों नहीं बनवाया। एक साल में सारे नाले नहीं बन सकते। राजनीति की कोई जरूरत नहीं है, अभी महत्वपूर्ण बच्चों की जान है।'

डीसीपी सेंट्रल एम हर्षवर्धन ने कहा, 'हमने आपराधिक मामला दर्ज किया है। हमारी फोरेंसिक टीमें यहां हैं। फोरेंसिक साक्ष्य एकत्र करने की प्रक्रिया चल रही है। हम इस बात के लिए प्रतिबद्ध हैं कि हमें उचित जांच करनी चाहिए। हम एक मजबूत मामला दर्ज करने और सच्चाई का पता लगाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अब तक दो लोगों को हिरासत में लिया गया है।'
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