वॉशरूम की लाइट पहले से बंद की गई थी, फिर हुआ था हमला
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सेक्टर-62, ए ब्लॉक स्थित जेपी इंस्टीट्यूट ऑफ इंफार्मेशन टेक्नालॉजी की एमटेक फर्स्ट ईयर की छात्रा पर हॉस्टल के वॉशरूम में चाकू से दर्जनों वार करने वाले शख्स के बारे में कुछ भी पता नहीं चल सका है।
पुलिस की प्रथमदृष्टया जांच में खुलासा हुआ है कि हॉस्टल कैंपस स्थित जिस वॉशरूम में प्रियंका शर्मा (23) पर चाकू से दर्जनों वार किए गए उसकी लाइट पहले से मेन स्विच से बंद कर दी गई थी।
वहीं, शुक्रवार को कॉलेज-हॉस्टल परिसर में लगे सभी सीसीटीवी फुटेज को पुलिस ने खंगाला, लेकिन कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा।
हॉस्टल के मेस में डिनर करने के बाद वह वॉशरूम गई
मूल रूप से हिमाचल प्रदेश, हमीरपुर निवासी प्रियंका शर्मा जेपी इंस्टीट्यूट में एमटेक फर्स्ट ईयर की सीएस (कंप्यूटर साइंस) की छात्रा है। प्रियंका के पिता पेशे से फोटोग्राफर हैं।
प्रियंका कॉलेज परिसर में ही बने हॉस्टल में रहती है। रात करीब सवा नौ बजे हॉस्टल के मेस में डिनर करने के बाद वह वॉशरूम चली गई। यहां पहले से कोई शख्स मौजूद था।
जैसे ही प्रियंका वॉशरूम में घुसी शख्स ने चाकू से हमला कर दिया। प्रियंका चीख पाती उससे पहले हमलावर ने मुंह पर हाथ लगा दिया और शरीर पर दर्जनों वार करके उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया।
प्रियंका फर्श पर गिरकर चीखने लगी
प्रियंका फर्श पर गिरकर चीखने लगी। हमलावर वहां से फरार हो गया। परिजनों की तहरीर पर सेक्टर-58 थाने में अज्ञात के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया गया है।
प्रियंका को फोर्टिस अस्पताल में बृहस्पतिवार रात भर्ती कराया गया उस दौरान उसकी हालत काफी गंभीर थी। शुक्रवार को उसका ऑपरेशन किया गया।
फोर्टिस अस्पताल के अनुसार, ऑपरेशन के बाद उसे आईसीयू में शिफ्ट किया गया है। घाव काफी गहरे हैं। इलाज चल रहा है। फिलहाल, उसकी हालत स्थिर है।
वॉशरूम में लाइट पहले से बंद थी
जब प्रियंका पर जानलेवा हमला किया गया, उस दौरान हॉस्टल कैंपस में करीब तीन हजार लोग मौजूद थे। इनमें से 2345 स्टूडेंट, कॉलेज के प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी व सुरक्षाकर्मी शामिल हैं।
ऐसे में हमलावर आसानी से फरार हो गया यह कॉलेज सुरक्षा की बड़ी चूक है। डीएसपी डॉ. अनूप कुमार का कहना है कि वॉशरूम में लाइट पहले से बंद थी और उसका मेन स्विच ऑफ था।
ऐसे में सुरक्षाकर्मियों को ध्यान देना चाहिए था। जिस चाकू से हमला किया गया है, वह मौके से बरामद कर लिया गया है। दर्जनों लोगों के फिंगर प्रिंट लिए गए हैं। हमलावर को ठीक ढंग से प्रियंका पहचान नहीं पाई है। उससे पूछताछ की गई है, लेकिन वह अभी इस हालत में नहीं है कि बयान ठीक ढंग से दे सके।
‘मेरी बेटी हिम्मती है’
घटना के बारे में जैसे ही प्रियंका के पिता सचिन, मां और भाई गौरेश को पता चला वह फोर्टिस अस्पताल शुक्रवार तड़के पहुंच गए। पिता सचिन हमीरपुर में अजंता स्टूडियो चलाते हैं।
वहीं, भाई डीयू में पढ़ाई कर रहा है। सचिन का कहना है कि बेटी ने उनसे कभी भी कोई ऐसी बात नहीं बताई थी जिससे किसी अनहोनी की आशंका रहती। प्रियंका हिम्मती है और ठीक होकर सबके सामने आएगी।
डीएसपी अनूप कुमार के मुताबिक प्रथमदृष्टया जांच में पता चला है कि जेपी इंस्टीट्यूट में सुरक्षा की भारी चूक हुई है। वॉशरूम की लाइट पहले से बंद की गई थी। ऐसे में हमलावर पहले से योजना बनाकर बैठा हुआ था। जांच जारी है।