{"_id":"5ecd6552fc3402213018dac8","slug":"waiting-for-the-corona-test-at-rml-hospital-one-week","type":"story","status":"publish","title_hn":"आरएमएल : जांच की वेटिंग एक सप्ताह तक, एक डॉक्टर की रिपोर्ट क्वारंटीन अवधि खत्म होने के बाद आई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आरएमएल : जांच की वेटिंग एक सप्ताह तक, एक डॉक्टर की रिपोर्ट क्वारंटीन अवधि खत्म होने के बाद आई
Wed, 27 May 2020 12:22 AM IST
Vikas Kumar
परीक्षित निर्भय, अमर उजाला, नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Wed, 27 May 2020 12:22 AM IST
विज्ञापन
कोरोना जांच रिपोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोरोना वायरस को लेकर दिल्ली में एक अलग तरह की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। उपचार कर रहे डॉक्टर ही जांच रिपोर्ट को लेकर तनाव में हैं। करीब छह से आठ दिन बाद रिपोर्ट आने से डॉक्टर भी कोरोना को लेकर अब असमंजस की स्थिति में हैं। ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला केंद्र सरकार के नई दिल्ली स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल (आरएमएल) में देखने को मिला, जहां क्वारंटीन अवधि पूरी कर चुके डॉक्टर को पता चला कि वह संक्रमित है।
विज्ञापन
22 मई को एक डॉक्टर कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। उन्हें नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) से आए फोन पर पता चला कि वह संक्रमित हैं। उनके लिए यह खबर चौंकाने वाली थी। क्योंकि, पांच दिन पहले ही वह क्वारंटीन से वापस ड्यूटी पर आए थे। गौर करने वाली बात है कि यह जांच रिपोर्ट 12 दिन बाद आई है।
विज्ञापन
कोविड वार्ड में ड्यूटी के बाद वह 14 दिन के लिए क्वारंटीन हुए थे। 10 मई को उन्होंने अपना सैंपल दिया था। उन्हें उम्मीद थी कि रिपोर्ट 12 मई तक मिल जाएगी, लेकिन रिपोर्ट 22 मई को आई। 15 मई को उनकी क्वारंटीन अवधि पूरी हो चुकी थी। 17 मई को उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से यह जानकारी साझा करते हुए पूछा कि अब वह क्या करें? अस्पताल ने उसी दिन ड्यूटी पर आने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मीनाक्षी भारद्वाज का कहना है कि आरटी पीसीआर जांच किट्स की कमी होने के चलते जांच में देरी हो रही है। इस वक्त आरएमएल पर क्षमता से ज्यादा भार है। अभी तक दूसरे दिन ही जांच रिपोर्ट दी जा रही थी। कुछ समय पहले किट की कमी होने के चलते जांच लंबित थीं, लेकिन अब समस्या को दूर किया जा रहा है।
जांच कराना बड़ी चुनौती
सफदरजंग अस्पताल में भी 18 घंटे लैब में जांच चल रही है। यहां सैंपल लेने के बाद करीब चार दिन तक रिपोर्ट मिल रही है। रोहिणी स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर अस्पताल में दिन में 25 सैंपल ही जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। हालांकि, यह कोविड अस्पताल नहीं है, लेकिन यहां के डॉक्टरों का कहना है कि स्वास्थ्य कर्मचारियों को ही जांच कराने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है।
दोबारा जांच की जरूरत
आरएमएल अस्पताल के एक वरिष्ठ डॉक्टर बताते हैं कि 10 मई को 30 सैंपल जांच के लिए गए थे, जिनकी रिपोर्ट 12 दिन बाद आई है, जबकि 14 दिन की क्वारंटीन अवधि है। जब मरीज को पता चल रहा है कि वह पॉजिटिव है तब तक वह उपचार अवधि के दायरे से बाहर हो जाता है। ऐसे में उक्त मरीज को दोबारा जांच की जरूरत पड़ती है। ठीक इसी तरह 8 मई को 65 सैंपल की जांच रिपोर्ट 16 मई, 24 अप्रैल को भेजे 46 सैंपल की रिपोर्ट 30 अप्रैल को मिली थी।