विहान को ऐसे फुसलाया कि बदमाशों से मिलने की जिद करने लगा मासूम
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बदमाशों ने पीड़ित बच्चे से इस तरह दोस्ताना व्यवहार बना लिया था कि पकड़े जाने के बाद वह उनसे मिलने की जिद कर रहा था।
आरोपियों ने विहान गुप्ता से दोस्ती से कर ली थी और उसे खुश रखने के लिए उसे चॉकलेट, फास्ट फूड व उसकी पंसद का खाना देते थे। इसी कारण पड़ोसियों को पूरे मामले की भनक तक नहीं लगी थी।
अपराध शाखा के संयुक्त पुलिस आयुक्त ने बताया कि आरोपियों ने बच्चे से दोस्ती कर ली थी, ताकि वह चिल्लाए नहीं। उसे खुश रखने के लिए वह उसे चॉकलेट, चिप्स व अन्य सामान देते थे। बच्चे को दूध भी देते थे।
पुलिस ने जब बच्चे को सकुशल बरामद किया और बाद में बच्चे को बदमाशों की फोटो दिखाई तो वह बदमाशों से मिलने की जिद करने लगा। उसने कहा कि फलां अंकल उसे चॉकलेट देते थे और फलां अंकल उसे दूध...।
पीछा नहीं करे इस कारण गोली मारी थी
बदमाश नितिन ने बताया कि उन्होंने स्कूल वैन ड्राइवर नरेश थापा को इसलिए गोली मारी थी कि ताकि बच्चे का अपहरण करने के बाद वह उनका पीछा नहीं करे।
बदमाशों को लगता था कि बच्चे का अपहरण करने के बाद ड्राइवर उनका पीछा करेगा और वह पकड़े जाएंगे।
परिवार की खुशी को देखकर पुलिस अधिकारियों का गला भर आया
दिल्ली पुलिस ने बच्चे को सकुशल बरामद कर जब पीड़ित परिवार को सौंपा तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं था। परिजनों का कहना था कि पुलिस ने उनकी जिंदगी लौटा दी है।
बेटे को सीने से लगाते ही उसके माता-पिता की आंखों में आंसुओं की झड़ी लग गई। डीसीपी रामगोपाल नायक खुद बच्चे को उसके माता-पिता को सौंपने गए थे। उन क्षणों में मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों व अधिकारियों का गला भर आया।