क्या है हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट, जिसके वाहनों पर न लगे होने से दिल्लीवालों को हो सकती है जेल
क्या आपके पास गाड़ी है? क्या आपने उसपर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगवाया है? अगर लगवा लिया है तो ठीक है और अगर नहीं लगवाया तो आपकी शामत है। अगर नंबर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगवाया है तो आपको जेल जाना पड़ सकता है। यह नियम उत्तराखंड में भी 30 सितंबर से लागू है।
जी हां, ये बात बिल्कुल सच है, आज से यानि 13 अक्तूबर से आपने अपनी गाड़ी में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगवाया है तो सावधान हो जाइए। दरअसल परिवहन विभाग ने 13 अक्तूबर के बाद से ऐसी गाड़ियों के खिलाफ अभियान चलाने जा रहा है, जिन पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं हैं।
इसका अलर्ट एक महीने पहले ही जारी कर 13 अक्तूबर की डेडलाइन तय की गई थी और इसे एक व्यापक जागरूकता अभियान के तहत लोगों को बताया भी गया था।
परिवहन विभाग के अनुसार अगर 13 अक्तूबर के बाद भी आपकी गाड़ी पर हाई सिक्योरिटी फीचर्स वाले नंबर प्लेट नहीं होंगे तो आपको 500 रुपए जुर्माना भरना पड़ सकता है। इसके साथ ही 3 महीने के लिए जेल भी हो सकती है। वैसे बता दें कि दिल्ली में अब जिन गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन हो रहा है उन्हें हाई सिक्यॉरिटी नंबर प्लेट ही मिल रहे हैं।
उत्तराखंड में भी लागू है ये नियम
इसे लेकर परिवहन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि पुरानी गाड़ियों का लेकर जो आकलन किया गया था, उसके अनुसार 40 लाख पुरानी गाड़ियां ऐसी हैं जिनपर नंबर प्लेट नहीं हैं। इसमें कार और दोपहिया दोनों वाहन शामिल हैं। नए नंबर प्लेट को हासिल करने की प्रक्रिया 2 अक्टूबर से ही शुरू हो गई है।
ऐसा हो नंबर प्लेट
आपको बता दें कि नए नंबर प्लेट देने के लिए अभी दिल्ली में 13 अधिकृत सेंटर बनाए गए हैं। यह नियम इसलिए बनाया गया है, जिससे वाहनों की चोरी और उसका गलत इस्तेमाल होने से रोका जा सके। हाई सिक्यॉरिटी नंबर प्लेट एल्यूमिनियम की बनी और चमकीले टेप के साथ आ रही है। इसके साथ ही इन्हें टेंपर प्रूफ बनाया गया है।
उत्तराखंड में वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (एचएसआरपी) लगाने के लिए संभागीय परिवहन विभाग ने डेडलाइन तय कर दी थी। जिसमें 30 सितंबर के बाद बिना हाई सिक्योरिटी प्लेट के दौड़ रहे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
यह गाइडलाइन शीर्ष अदालत ने जारी की है, इसके अनुसार वाहन स्वामियों को अपने वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य है। संभागीय परिवहन विभाग ने 13 सितंबर से पूर्व पंजीकृत वाहनों में इस नंबर प्लेट को लगाने के लिए समय सीमा निर्धारित कर दिया था।