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दिल्ली के युवक के सीने में धड़क रहा वड़ोदरा की युवती का दिल
Fri, 25 Dec 2020 06:23 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 25 Dec 2020 06:23 AM IST
सार
- कोरोना महामारी काल में दिल्ली एम्स ने पहला ह्दय प्रत्यारोपण किया
- एम्स ने दी नई जिंदगी, 17 साल की युवती के परिजनों ने किया अंगदान
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- फोटो : amar ujala
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विस्तार
वड़ोदरा की युवती का दिल अब दिल्ली के युवक के सीने में धड़क रहा है। ब्रेन डेड होने के बाद 17 वर्षीय युवती के परिजनों ने उसके अंगदान का फैसला लिया जिसके बाद दिल्ली एम्स की टीम ने 20 वर्षीय युवक के शरीर में ह्दय प्रत्यारोपित किया है। बृहस्पतिवार दोपहर करीब दो बजकर 30 मिनट पर एम्स की टीम दिल लेकर वड़ोदरा से नई दिल्ली एयरपोर्ट पहुंची।
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दिल्ली पुलिस ने ग्रीन कॉरिडोर बनाया। करीब 18 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर पूरा करने में टीम को 12 मिनट का समय लगा। आमतौर पर यह दूरी 35 से 40 मिनट में पूरी हो पाती है। एम्स पहुंचने के बाद टीम ने ह्दय प्रत्यारोपित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार प्रत्यारोपण सफल रहा है। अगले कुछ दिन तक चिकित्सकीय निगरानी में रहने के बाद युवक को डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।
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दिल्ली एम्स के विभागाध्यक्ष डॉ. शिव चौधरी ने बताया कि गुजरात के वड़ोदरा निवासी 17 वर्षीय युवती के अंगदान होने की सूचना मिली थी। कोरोना काल में अब तक दिल प्रत्यारोपित नहीं किया गया था। पहली बार टीम ने कोरोना महामारी के बीच ह्दय प्रत्यारोपण किया है।
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उन्होंने बताया कि दिल्ली निवासी युवक को जन्म से ही दिल की बीमारी थी। कुछ समय पहले साल 2019 में उसके वाल्व बदले गए थे लेकिन अब दिल को प्रत्यारोपित करना पड़ा। जानकारी के अनुसार प्रत्यारोपण की टीम में डॉ. शिव चौधरी के अलावा, प्रत्यारोपण सर्जन डॉ. मिलिंद होते, डॉ. सुखजीत, एनेस्थीसिया से डॉ. संदीप चौहान व डॉ. मिनाती चौधरी शामिल थीं।
दिल आने से पहले ही शुरू हुआ ऑपरेशन
डॉक्टरों का कहना है कि वड़ोदरा पहुंची टीम जैसे ही वहां से विमान में सवार हुई तभी दिल्ली एम्स के डॉक्टरों ने युवक का ऑपरेशन शुरू कर दिया था। चूंकि अंग को प्रत्यारोपित होने में काफी कम समय चाहिए होता है। इसलिए डॉक्टरों ने पहले ही तैयारी कर ली थी। अंतिम समय में बस दिल को बदलना ही रह गया था।