दिल्ली बॉर्डर पर चल रहा किसानों का धरना खत्म, सरकार ने मानी पांच मांगें, 10 दिन बाद पीएम से मिलेंगे
- भारतीय किसान संगठन के बैनर तले अपनी मांगों के लिए दिल्ली जाने वाले किसान शुक्रवार को दिनभर पुलिस के पहरे में रहे
- सेक्टर-69 ट्रांसपोर्ट नगर में पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था रही
- शनिवार को किसान नोएडा से दिल्ली जाएंगे
विस्तार
भारतीय किसान संगठन के बैनर तले अपनी मांगों के लिए दिल्ली की ओर कूच करने वाले किसानों ने अपना धरना खत्म कर दिया है। उनका कहना है कि सरकार ने उनकी 15 मांगों में से 5 मांगें मान ली हैं। अफसरों से मिले आश्वासन के बाद किसानों ने अपना धरना खत्म कर दिया है लेकिन कहा है कि अगर उनकी सभी मांगें नहीं मानी गईं तो वह दो महीने बाद दोगुने बल से फिर वापस आएंगे। हालांकि किसानों की एक बड़ी मांग कर्ज माफी को लेकर जल्द फैसला लेने का आश्वासन दिया है।
भारतीय किसान संगठन के अध्यक्ष पूरन सिंह ने कहा कि सरकार ने हमारी 5 मांगें मान ली हैं। हमने अपना आंदोलन खत्म नहीं किया है बल्कि ये तो सिर्फ अस्थायी व्यवस्था है। हम प्रधानमंत्री से 10 दिन बाद फिर मिलेंगे और अपनी बाकी 10 मांगें उनके समक्ष रखेंगे।
Puran Singh, President of Bhartiya Kisan Sangathan on UP farmers march to Kisan Ghat in Delhi: Government agreed to five of the fifteen demands. The agitation has not been called off, it is just a temporary arrangement, we will meet PM after 10 days for the remaining demands. pic.twitter.com/gSTY3wXe6c
— ANI (@ANI) September 21, 2019
गौरतलब है कि किसान शुक्रवार को दिनभर पुलिस के पहरे में रहे। सेक्टर-69 ट्रांसपोर्ट नगर में पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था रही। शनिवार सुबह होते ही किसानों ने अपना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। हजारों की संख्या में किसान दिल्ली बॉर्डर पर पहुंचे। किसान यहां से दिल्ली के किसान घाट पर महाडेरा डालने के लिए रवाना होने को थे। हालांकि इन्हें बॉर्डर पर ही रोकने के लिए सीमाएं सील कर दी गई थीं। हजारों संख्या में पुलिस बल दिल्ली बॉर्डर पर तैनात हैं।
भारतीय किसान संगठन के अध्यक्ष पूरन सिंह ने बताया है कि हमारे 11 प्रतिनिधियों को कृषि मंत्रालय ले जाया गया है। वहां वो लोग अपनी मांग रखेंगे, अगर हमारी मांगें पूरी हो जाती हैं तो हम यहीं से वापस लौट जाएंगे, वरना हम दिल्ली के लिए कूच करेंगे।
किसानों के आंदोलन के चलते दिल्ली-यूपी से सटे गाजीपुर फ्लाईओवर पर लंबा जाम लग गया है। इसके चलते वीकेंड पर भी लोगों को जाम की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
Delhi: Heavy traffic at Ghazipur flyover near Delhi-UP border, due to Uttar Pradesh farmers' protest march. The farmers are protesting over payment of sugarcane crop dues & demanding full loan waiver, among other things. pic.twitter.com/oCMuVJwu7b
— ANI (@ANI) September 21, 2019
Puran Singh, President, Bhartiya Kisan Sangathan on UP farmers march to Kisan Ghat in Delhi: 11 representatives are being taken to the Ministry of Agriculture. If our demands our accepted, then we will return from here (Delhi-UP border) else we will march to Delhi. pic.twitter.com/VSUXqFFHaU
— ANI (@ANI) September 21, 2019
UP farmers marching to Delhi's Kisan Ghat over payment of sugarcane crop dues & full loan waiver among others. Joint CP, East Range-Delhi at Delhi-UP border near Ghazipur, says, "We are coordinating with UP police. Approximately 500 farmers are on their way here." pic.twitter.com/NpetHb3dxJ
— ANI (@ANI) September 21, 2019
दिल्ली जाकर प्रदर्शनकारी वहां कृषि मंत्रालय में अधिकारियों से मुलाकात कर मांग रखेंगे। दिल्ली जाने के लिए सैंकड़ों किसान ट्रांसपोर्ट नगर में इकट्ठा हैं। पुलिस इसलिए डेरा डाले हुए है कि अगर किसान दिल्ली के लिए कूच कर गए तो रास्ते में भारी जाम की आशंका होगी।
नोएडा से दिल्ली मार्ग पर यदि जाम लग गया तो उसे संभालना मुश्किल हो जाएगा। दिल्ली पुलिस भी नोएडा पुलिस के संपर्क में है। किसान एनएच-24 से होकर जाएंगे तो इसका प्रभाव सीधा गाजियाबाद यातायात व्यवस्था पर भी पड़ेगा।
भारतीय किसान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र यादव के नेतृत्व में 15 सूत्रीय मांग को लेकर बड़ी संख्या में किसान दिल्ली जाएंगे। शनिवार को कृषि मंत्रालय के निदेशक एसएस तोमर के साथ इनकी वार्ता है।
क्या हैं 15 सूत्री मांगें
भाकियू युवा के अध्यक्ष गौरव टिकैत ने बताया कि किसानों की 15 सूत्री मांग क्या-क्या हैं। उन्होंने कहा किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त में बिजली, घरेलू उपभोक्ताओं को निश्चित यूनिट तक फ्री बिजली, प्रत्येक किसान को पांच हजार मासिक पेंशन, किसानों के सभी उत्पाद खरीदने, किसान दुर्घटना बीमा का लाभ और विद्युत विभाग की अवैध वसूली रोकने की मांग की।
स्थानीय स्तर पर किसानों की समस्या का निस्तारण नहीं होने पर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरन सिंह के आह्वान पर दिल्ली जाने के लिए किसान नोएडा में इकट्ठे हुए हैं। दिनभर भारी संख्या में पुलिस की तैनाती ट्रांसपोर्ट नगर में थी। पुलिस को आशंका थी कि शुक्रवार को ही किसान दिल्ली के लिए जा सकते हैं। नोएडा पुलिस इस मामले में दिल्ली पुलिस के साथ समन्वय बनाकर काम कर रही है। कोतवाली फेज थ्री के प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस एहतियात के तौर पर ट्रांसपोर्ट नगर में तैनात है।
किसान शनिवार को दिल्ली जाएंगे। इनके पास दिल्ली जाने की अनुमति भी है। वहीं, भारतीय किसान संगठन के जिला अध्यक्ष परविंदर यादव ने बताया कि हम लोगों की 15 सूत्रीय मांगें हैं। इनमें किसानों के लिए 10 फीसदी भूमि छोड़ने, ग्रामीण आबादी के लिए व्यावसायिक गतिविधियों की नीति बनाने बनाने से लेकर अन्य मांगे हैं। किसान शांतिपूर्वक बैठे हुए हैं।