संकल्प सुसाइड: यूपी के वरिष्ठ IPS अधिकारी भी फंसे!
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पत्नी के साथ ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या करने वाले गृहमंत्रालय के कर्मचारी और मशहूर गीतकार के बेटे संकल्प आनंद के मामले में 38 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
सुसाइड नोट में जिन लोगों के नाम का जिक्र है उनमें यूपी काडर के एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी भी शामिल हैं। पुलिस अधिकारी का नाम सामने आने के बाद प्रशासन में भी खलबली मची है।
इस मामले में जब आईपीएस अधिकारी कमलेंद्र प्रसाद से बात की गई तो उन्होंने सारे आरोप खारिज कर दिए।
बता दें कि सुसाइड से पहले लिखे गए 10 पेजों के सुसाइड नोट में संकल्प ने बिल्डिंग निर्माण और नौकरी स्कीम में 250 करोड़ से अधिक के हेरफेर की चर्चा की थी और इसमें शामिल सभी लोगों के नाम और मोबाइल नंबर भी लिखे थे। यह पूरा घोटला 2012 में दिल्ली स्थित राष्ट्रीय अपराध और फोरेंसिक साइंस संस्थान (एनआईसीएफएस) में हुआ जहां संकल्प अस्थाई प्रवक्ता के पर तैनात थे।
क्या है IPS अधिकारी का कनेक्शन?
टीओआई में छपी खबर के मुताबिक, वर्तमान में यूपी पुलिस हाउसिंग बोर्ड, लखनऊ के प्रबंध निदेशक पद पर तैनात वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी कमलेंद्र प्रसाद का नाम इस केस में आने से उनके लिए आगे कई मुश्किलें खड़ी कर सकता है। सूत्रों के अनुसार, प्रसाद का नाम यूपी के डीजीपी पद की रेस में भी शामिल है। ऐसे में अगर वह इस केस में फंसते हैं तो मामला उलटा पड़ सकता है।
जून 2009 से 2014 तक एनआईसीएफएस के डायरेक्टर रहे प्रसाद ने बताया कि उन्होंने भी कुछ स्थानीय लोगों के जरिए चलाए जा रहे जॉब रैकेट के बारे में सुना था। कुछ लोग संस्थान में कुछ पदों के लिए आवेदन बेच रहे थे, लेकिन यह सब फर्जी था और उन्होंने इस बारे में पुलिस कमिश्नर को भी सूचित किया था।
प्रसाद ने बताया कि संस्थान में 'ए' और 'बी' श्रेणी के अधिकारियों की नियुक्ति का अधिकार उन्हें नहीं था। 'सी' ग्रेड के स्टाफ की नियुक्ति के लिए एक चयन समिति बनी हुई थी। उन्होंने कहा कि संकल्प का सुसाइड करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
2012 में एनआईसीएफएस की ओर से जारी किए गए विज्ञापन में संस्थान में कई अहम पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे। जिसका जिक्र संकल्प के सुसाइड नोट में भी है। इस मामले में प्रसाद ने कहा कि वे सभी भर्तियां अस्थाई और संविदा पर थीं।
आखिर क्या थी संकल्प की मुश्किल?
इसके अलावा सुसाइड नोट में जिस निर्माण घोटाले का जिक्र है उससे भी प्रसाद ने इंकार किया है। आईपीएस अधिकारी ने बताया कि संस्थान में होने वाले किसी भी निर्माण कार्य से उनका कोई लेना देना नहीं था। ये सारे काम सरकारी विभागों के जरिए होते हैं और इसमें उनके शामिल होने का कोई प्रश्न ही नहीं उठता।
संकल्प के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान संकल्प की कोई भी शिकायत उनके सामने नहीं आई। सुसाइड नोट में संकल्प ने बताया था कि कई अधिकारियों ने मिलकर निर्माण घोटाले में उन्हें भी घसीटा और लोगों से करोड़ों रुपए ऐंठ लिए।
बाद में जब सबने अपने पैसे मांगने शुरू किए तो उसे मोहरा बनाकर लोगों के सामने पेश कर दिया। सुसाइड नोट में संकल्प ने लिखा है कि इस मुश्किल से परेशान होकर वह अपनी जिंदगी को खत्म करने जा रहा है।
तहरीर में शामिल है IPS अधिकारी का नाम
जाने-माने गीतकार संतोष आनंद के बेटे संकल्प आनंद व बहू नरेश नंदिनी की मौत के मामले में सरकार ने शुक्रवार को अपना रुख साफ करते हुए कहा कि यदि परिवार वाले लिखकर देंगे तो सरकार इस मामले की सीबीआई जांच कराने के लिए तैयार है। वहीं, परिवार की ओर से इस घटना की तहरीर पुलिस को मिल गई है।
मामले में आईजी कानून व्यवस्था ए. सतीश गणेश ने बताया कि संकल्प के पिता संतोष आनंद की ओर से मथुरा पुलिस को तहरीर मिल गई है। पुलिस इस मामले पड़ताल कर रही है। एक टीम ने दिल्ली गई है। वहां पर दिल्ली पुलिस से मयूर विहार के उस फ्लैट को सील करने के लिए कहा जा रहा है जिसमें संकल्प अपने परिवार के साथ रहते थे।
गृह विभाग के सचिव कमल सक्सेना ने कहा कि यदि परिवार की ओर से सीबीआई जांच की लिखित मांग की जाएगी तो प्रदेश सरकार सीबीआई जांच की सिफारिश कर देगी। इस मामले में 1980 बैच के आईपीएस अधिकारी डीजी कमलेंद्र प्रसाद का भी नाम आने के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि अभी जांच चल रही है। डीजीपी आंनद लाल बनर्जी ने मथुरा के एसएसपी से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। उसके आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।