फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   "Unnecessarily prolonged mental toughness to refuse sex to her husband's right to divorce '

पति को सेक्स के लिए मना करना तलाक का आधारः हाईकोर्ट

Fri, 14 Oct 2016 12:23 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 14 Oct 2016 12:23 AM IST
विज्ञापन
"Unnecessarily prolonged mental toughness to refuse sex to her husband's right to divorce '
कोर्ट

हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि किसी न्यायोचित कारण के बगैर लंबे समय तक पति को सेक्स के लिए मना करना मानसिक क्रूरता है और यह तलाक का आधार है। अदालत ने एक मामले में पति की याचिका स्वीकार करते हुए यह टिप्पणी की।

विज्ञापन


अदालत ने तलाक आवेदन को स्वीकार करते हुए कहा कि पत्नी ने निचली अदालत में इन आरोपों से इनकार नहीं किया है।

न्यायमूर्ति प्रदीप नंदराजोग और न्यायमूर्ति प्रतिभा रानी की खंडपीठ के समक्ष पति ने तलाक के लिये दायर याचिका में तर्क रखा था कि उसकी पत्नी ने साढ़े चार साल तक उसे शारीरिक संबंध स्थापित करने की अनुमति नहीं देकर उसके साथ मानसिक क्रूरता की है।

विज्ञापन

'पत्नी ने उसे साढ़े चार वर्ष से शारीरिक संबंध बनाने की इजाजत नहीं दी'

"Unnecessarily prolonged mental toughness to refuse sex to her husband's right to divorce '
sex positions - फोटो : getty images

याची ने कहा कि वह शारीरिक रूप से किसी समस्या से ग्रस्त नहीं है। खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा कि पेश तथ्यों के आधार पर हम इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि पति ने यह तथ्य पूरी तरह साबित किया है कि एक ही छत के नीचे रहते हुए और बिना किसी शारीरिक परेशानी और न्यायोचित कारण के पत्नी ने लंबे समय तक सेक्स से इनकार करके उसके साथ मानसिक क्रूरता की है।


परिवारिक अदालत ने पति की तलाक याचिका खारिज कर दी थी। पति ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
 

याची के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल का विवाह हरियाणा मे 26 नवंबर 2001 को हुआ था  और 2013 में निचली अदालत मे मामला दायर करते समय उनके दस और नौ साल के दो बेटे थे।

पत्नी ने मुवक्किल और उनके परिवार के सदस्यों को मानसिक यातना दी

"Unnecessarily prolonged mental toughness to refuse sex to her husband's right to divorce '
d - फोटो : BBC
उनके मुवक्किल की पत्नी ने उनके मुवक्किल और उनके परिवार के सदस्यों को मानसिक यातना दी है और वह घर के काम भी नहीं करती थी।
 

जब उसका आचरण बर्दाश्त से बाहर हो गया तो उसके माता पिता ने उन्हे इसी मकान के एक अन्य हिस्से में रहने की जगह दे दी थी।

उन्होंने कहा कि इसके बावजूद उनके मुवक्किल की पत्नी ने उसे साढ़े चार वर्ष से शारीरिक संबंध बनाने की इजाजत नहीं दी।

विज्ञापन

'मानसिक क्रूरता है और उनका तलाक मंजूर किया जाए'

"Unnecessarily prolonged mental toughness to refuse sex to her husband's right to divorce '
sexual assault

ऐसे में यह मानसिक क्रूरता है और उनका तलाक मंजूर किया जाए। खंडपीठ ने कहा कि निचली अदालत में महिला पेश नहीं हुई जबकि उसे समन मिल चुका था।

 

इसके अलावा उसने शारीरिक संबंध न बनाने के तथ्य को नकारा भी नहीं है।
 

ऐसे में वे महसूस करते है कि बिना आधार के सैक्स न करने की इजाजत मानसिक क्रूरता है। अत: वे तलाक के आवेदन को मंजूर करते है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed