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दिल्ली विश्वविद्यालय: छात्रों को एक सप्ताह में लाइब्रेरी की पुस्तकें लौटाने का नोटिस
Wed, 03 Jun 2020 01:40 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Wed, 03 Jun 2020 01:40 PM IST
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दिल्ली विश्वविद्यालय
दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध स्वामी श्रद्धानंद कॉलेज ने तृतीय वर्ष के सभी छात्रों को पुस्तकालय की किताबें लौटाने का नोटिस दिया है। कॉलेज प्रिंसिपल की ओर से नोटिस जारी कर कहा गया है कि छात्र तीन जून से 10 जून के बीच (सुबह 10 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक) कॉलेज आकर किताबें जमा कराएं। इस अवधि में किताबें जमा नहीं कराने पर वह परीक्षा नहीं दे सकेंगे। कॉलेज की ओर से कहा गया है कि लौटाने वाली किताबें अच्छी स्थिति में होनी चाहिए।
नोटिस में स्टूडेंट एंड फंड द्वारा गरीब विद्यार्थियों को दी जाने वाली किताबों को भी लौटाने के लिए कहा गया है। साथ ही देरी से पुस्तकें लौटाने का जुर्माना 8 मार्च तक का लिया जाएगा। इस नोटिस के बाद सवाल खड़े किए जा रहे हैं कि जब कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के कारण शैक्षणिक संस्थान बंद है, तो कॉलेज कैसे छात्रों को कॉलेज आकर किताबें जमा कराने के लिए कह रहा है।
डीयू के कॉलेजों में बाहरी राज्यों के छात्र भी पढ़ते हैं और कोरोना के कारण अपने घरों को चले गए तो वह कैसे अपनी किताबें जमा कराएंगे। फोरम ऑफ एकेडेमिक्स फॉर सोश्ल जस्टिस के चेयरमैन प्रो हंसराज ने इस मामले में दिल्ली विश्वविद्यालय व दिल्ली सरकार से तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है।
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उन्होंने कहा कि भारत में कोरोना महामारी के कारण सरकार ने सभी शिक्षण संस्थानों, विश्वविद्यालयों, कॉलेजों को खोलने से मना किया है तो यह कॉलेज कैसे छात्रों को बुला सकता है। बहुत से ऐसे विद्यार्थी है जिनके परिवार इस समय आर्थिक तंगी के कारण छात्रों को भेजने में असमर्थ होंगे ऐसे में छात्र कैसे कॉलेज आएंगे।
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नोटिस में स्टूडेंट एंड फंड द्वारा गरीब विद्यार्थियों को दी जाने वाली किताबों को भी लौटाने के लिए कहा गया है। साथ ही देरी से पुस्तकें लौटाने का जुर्माना 8 मार्च तक का लिया जाएगा। इस नोटिस के बाद सवाल खड़े किए जा रहे हैं कि जब कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के कारण शैक्षणिक संस्थान बंद है, तो कॉलेज कैसे छात्रों को कॉलेज आकर किताबें जमा कराने के लिए कह रहा है।
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डीयू के कॉलेजों में बाहरी राज्यों के छात्र भी पढ़ते हैं और कोरोना के कारण अपने घरों को चले गए तो वह कैसे अपनी किताबें जमा कराएंगे। फोरम ऑफ एकेडेमिक्स फॉर सोश्ल जस्टिस के चेयरमैन प्रो हंसराज ने इस मामले में दिल्ली विश्वविद्यालय व दिल्ली सरकार से तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है।
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उन्होंने कहा कि भारत में कोरोना महामारी के कारण सरकार ने सभी शिक्षण संस्थानों, विश्वविद्यालयों, कॉलेजों को खोलने से मना किया है तो यह कॉलेज कैसे छात्रों को बुला सकता है। बहुत से ऐसे विद्यार्थी है जिनके परिवार इस समय आर्थिक तंगी के कारण छात्रों को भेजने में असमर्थ होंगे ऐसे में छात्र कैसे कॉलेज आएंगे।