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अब रैगिंग के लिए देनी होगी ऑनलाइन अंडरटेकिंग, मंत्रालय की रहेगी सीधी नजर
मुकेश शर्मा/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Sat, 04 Jun 2016 09:21 AM IST
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रैगिंग
- फोटो : Demo Pic
रैगिंग पर अब कॉलेज के साथ-साथ केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) की भी सीधी नजर रहेगी। मंत्रालय हर कॉलेज छात्र से ऑनलाइन एंटी रैगिंग अंडरटेकिंग भरवाएगा।
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इसका प्रिंट लेकर छात्र को अपने और अभिभावकों के हस्ताक्षर कराने होंगे। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की ओर से कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को निर्देशित किया गया है कि बिना ऑनलाइन अंडरटेकिंग किसी छात्र को दाखिला न दिया जाए।
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यह व्यवस्था यूजीसी के नेशनल रैगिंग प्रिवेशनल प्रोजेक्ट के तहत अमल में लाई जा रही है। दरअसल, अभी तक दस रुपये के स्टांप पेपर पर शपथ पत्र लिखकर छात्र संबंधित कॉलेज या विश्वविद्यालय में जमा करते थे।
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ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन में दाखिले लेने वाले छात्रों को इस बार एंटी रैगिंग शपथ पत्र के लिए कोर्ट के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इसके लिए विशेष तौर पर डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट एंटी रैगिंग डॉट कॉम नाम से वेबसाइट तैयार की गई है।
इस पर लॉगइन करने के बाद छात्र को अपनी डिटेल भरनी होगी। इसके बाद अंडरटेकिंग कंफर्म हो जाएगी। फार्म भरने के बाद यूजीसी इसे मंजूर करेगा और अंडरटेकिंग संबंधित छात्र को ई-मेल से भेज दी जाएगी। इसका प्रिंट लेकर छात्र को अपने और अभिभावकों के हस्ताक्षर कराने होंगे। जिसे छात्रों की ई-मेल आईडी पर भेजा जाएगा। इस शपथ पत्र को छात्र कॉलेज में जमा करा सकते हैं।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय के निर्देश पर यूजीसी ने पिछले दिनों कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में ई-मेल के जरिये इस नई प्रक्रिया से अवगत कराया है। इस शपथ पत्र के बिना इस बार किसी भी छात्र को दाखिला नहीं मिल पाएगा।