दिल्लीः स्वरूप नगर में गिरी निर्माणाधीन इमारत, 1 मजदूर की मौत, कई दबे
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देश की राजधानी में एक बार फिर बड़ा हादसा हुआ है। दिल्ली में एक हफ्ते के अंदर दूसरी इमारत गिरने का मामला सामने आया है। हादसे में अब तक एक मजदूर की मौत हो गई है वहीं कई के दबे होने की खबर है।
अब तक मिली जानकारी के अनुसार स्वरूप नगर में एक इमारत का निर्माण कार्य चल रहा था। सोमवार दोपहर में अचानक इमारत का एक हिस्सा गिर गया जिसमें कई मजदूर दब गए और एक मजदूर की मौत भी हो गई।
सूचना मिलते ही पुलिस व राहत बचाव की टीम मौके पर पहुंची है और दबे हुए लोगों को निकालने का काम चल रहा है।
बुधवार को हुआ था अशोक विहार के सावन पार्क में बड़ा हादसा
उत्तर-पश्चिम दिल्ली के अशोक विहार फेज-3 स्थित सावन पार्क में बीते बुधवार(26 सितंबर) सुबह एक चार मंजिला इमारत जमींदोज हो गई। इसका मलबा मेन रोड पर ठीक सामने बनी एक दूसरी बिल्डिंग पर भी गिरा। इस इमारत को भी काफी नुकसान हुआ। हादसे में चार बच्चों और एक महिला की मौत हो गई, जबकि सात अन्य घायल हो गए। इनमें तीन की हालत नाजुक है। स्थानीय लोगों ने नौ लोगों को मलबे से निकालकर नजदीकी दीपचंद बंधु अस्पताल पहुंचाया। बाद में पुलिस, दमकल विभाग, आपदा प्रबंधन, सिविल डिफेंस व अन्य बचाव दलों ने तीन अन्य लोगों को मलबे से निकाला। भारत नगर थाना पुलिस ने बिल्डिंग मालिक धर्मेंद्र, उसके पार्टनर सचिन और सचिन के पिता के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है।
सावन पार्क हादसे की पूरी कहानी
पुलिस के मुताबिक, हादसा सुबह 9:25 बजे सावन पार्क, मेन मार्केट, अशोक विहार फेज-3 में हुआ। यहां एल आकार का 43/3, 25 गज का मकान बना था। ग्राउंड फ्लोर पर दुकान थी, जबकि ऊपर बनी चार मंजिलों में से तीन में चार परिवार रह रहेे थे। करीब एक साल से इमारत मेन रोड की ओर झुक गई थी और सड़क पर लगे एक पुराने शीशम के पेड़ से टिकी हुई थी। बुधवार सुबह इमारत अचानक मेन रोड की ओर गिरकर सामने सी-26 में बनी एक अन्य इमारत पर गिर गई। गनीमत रही कि इस बिल्डिंग में कोई हताहत नहीं हुआ।
हादसे में 43/9 में मौजूद लोग मलबे में दब गए। स्थानीय लोग मदद को भागे। नौ लोगों को फौरन मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया। खबर मिलने पर बचाव दल के अलावा कैट्स एंबुलेंस भी पहुंच गई। बचाव दल ने मलबे से कुछ ही देर में दो बच्चों व महिला को निकाला। घायलों को पहले दीपचंद बंधु अस्पताल ले जाया गया। वहां से कुछ को एलएनजेपी रेफर कर दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, इसी इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर दुकान चलाने वाले पवन के बेटे शिवकुमार और अन्य स्थानीय लोगों ने एमसीडी को इमारत की हालत की शिकायत दी थी। इसके बाद भी अधिकारियों ने लापरवाही बरती और बुधवार को इमारत जमींदोज हो गई। जांच के दौरान पता चला कि ग्राउंड फ्लोर पर संजीव कुमार दोने और पत्तल की दुकान चलाता था। पहली मंजिल विनोद नामक व्यक्ति की है, जो फिलहाल खाली थी।
ऊपर की तीनों मंजिलें बिल्डर धर्मेंद्र ने कुछ साल पूर्व बनाई थीं। वहां चार किराएदार अपने-अपने परिवारों के साथ रहते थे। इनमें दूसरी मंजिल पर उमेश, तीसरी पर राजबहादुर और विमलेश और चौथी मंजिल पर नरोत्तम का परिवार रहता था। ऊपर की तीनों मंजिलों पर कुल 23 लोग रह रहे थे। हादसे के समय राजबहादुर के यहां दो रिश्तेदार आए हुए थे। राजबहादुर की पत्नी और विमलेश व उमेश के दो-दो बच्चों की मौत हो गई।
किनकी हुई मौत और कौन हुए घायल
इन्होंने गंवाई जान
1. आशी (3) पुत्री उमेश
2. शौर्य (2) पुत्र उमेश
3. रजनीश (4) पुत्र विमलेश
4. सुमनेश (12) पुत्र विमलेश
5. मुन्नी देवी (40) पत्नी राज बहादुर
ये हैं घायल
1. सीमा (28) पत्नी उमेश (हालत नाजुक)
2. लक्ष्मण (25) उमेश का भाई (हालत नाजुक)
3. मंजू, उमेश की साली (हालत स्थिर)
4. कमला शंकर, राजबहादुर के रिश्तेदार (हालत स्थिर)
5. विजय, राजबहादुर का रिश्तेदार (हालत स्थिर)
6. राज बहादुर (42) हालत स्थिर
7. निशा, नरोत्तम की पत्नी (हालत नाजुक)
पुलिस ने उमेश की शिकायत पर बिल्डर धर्मेंद्र, उसके पार्टनर सचिन और सचिन के पिता के खिलाफ गैरइरादन हत्या का मामला दर्ज किया है। सभी फरार हैं।- असलम खान, उत्तर-पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त