दिल्ली के इन दो जगह फुटवेयर फैक्ट्री में लगी भयावह आग, नहीं थे आग बुझाने के यंत्र
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नरेला और मंगोलपुरी में सोमवार सुबह चप्पल और जूते बनाने की फैक्टरी में भीषण आग लग गई। गनीमत ही है कि आग लगते ही फैक्ट्री में काम कर रहे मजदूर वहां से बाहर निकल आए।
कड़ी मशक्कत के बाद नरेला में दोपहर पौने एक बजे और मंगोलपुरी में शाम पौने चार बजे आग पर काबू पा लिया गया। फिलहाल आग के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। शुरूआती जांच के बाद पुलिस आशंका जता रही है कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी।
पुलिस के मुताबिक पहला हादसा नरेला स्थित डीएसआईडीसी भोडगढ़ औद्योगिक क्षेत्र में हुआ। यहां चप्पल बनाने की फैक्ट्री ए-78 में सुबह करीब 9.10 बजे आग लग गई।
खबर मिलते ही दमकल की 20 गाडिय़ों को मौके पर भेजा गया। तीन मंजिला फैक्ट्री की दूसरी मंजिल पर आग लगी थी। देखते ही देखते आग ने भयानक रूप धारण कर लिया। मजूदर फैक्ट्री से बाहर निकल आए।
कड़ी मशक्कत के बाद दोपहर 12.45 बजे आग पर काबू पाया गया। दूसरा घटना मंगोलपुरी इलाके के फेज-1 बी-ब्लॉक में जूता बनाने की फैक्ट्री में हुई। यहां बी-270 नंबर फैक्ट्री में सुबह करीब 10.34 बजे अचानक आग गई।
देखते ही देखते बिल्डिंग से आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगी। मजदूरों ने भागकर अपनी जान बचाई। ज्वलनशील पदार्थ होने के कारण देखते ही देखते आग ने पूरी फैक्ट्री को अपनी चपेट में ले लिया। दमकल की 24 गाडिय़ों ने शाम करीब 3.45 बजे आग पर काबू पाया।
बवाना हादसे में 17 लोगों की जान जाने के बाद भी फैक्ट्री मालिकों ने सबक नहीं लिया है। पुलिस की मानें तो दोनों ही फैक्ट्री में आग पर काबू पाने के यंत्र नहीं थे।
फैक्ट्री में भारी मात्रा में कपड़ा, प्लास्टिक, रबर और केमिकल मौजूद थे। इसकी वजह से देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। गनीमत रही कि आग लगते ही लोगों ने भागकर अपनी जान बचा ली।